31/08/2018
#विहान स्कूल #लेबरस्कूल #महिलासमाख्या
दिंनाक 31 अगस्त २०१८ के दैनिक जागरण अखबार में महिला समाख्या द्वारा संचालित विहान आवासीय विधालय के टीचर को समय के साथ विषय में नए परिवर्तन आते है उसको स्कूल में पढ़ने में शामिल करने के लिए 27 अगस्त से आवासीय ट्रेनिंग दी जा रही है उसके बारे में जानकारी दी है
31/08/2018
दिंनाक 31 अगस्त २०१८ के दैनिक जागरण अखबार में महिला समाख्या द्वारा संचालित विहान आवासीय विधालय के टीचर को समय के साथ विषय में नए परिवर्तन आते है उसको स्कूल में पढ़ने में शामिल करने के लिए 27 अगस्त से आवासीय ट्रेनिंग दी जा रही है उसके बारे में जानकारी दी है
21/06/2018
जैसा कि आप जानते है की सयुंक्त राष्ट्र संघ की 193 सदस्यों की बैठक मे ंअंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योगदिवस मनाया जाना घोषित किया गया। इसके पश्चात 21 जून को योगदिवस को ’’अंतराष्ट्रीय योगदिवस’’ का नाम दिया गया । 21 जून को पहली बार योगदिवस समारोह की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी द्वारा 27 सितम्बर 2014 को सयुंक्त राष्ट्र अमेरीका मे ंअपने भाषण में की। तब से 21 जून’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ के नाम संे जाना जाता है। भारत में पहली बार ’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ 21 जून 2015 से मनाया जा रहा है। ’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ के उपलक्ष्य में हमारे सभी ’’विहान’’बालक/बालिका आवासीय विद्यालय में योगदिवस बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाते है। विद्यालय परिसर मे ंशिक्षकों द्वारा छात्रों को प्रतिदिन योग करवाया जाता है परन्तु योगदिवस के दिन सभी शिक्षक/शिक्षणेत्तर, स्टाफ तथा छात्र प्रातः काल उठकर विद्यालय परिसर में एकत्रित होकर वार्डेन द्वारा योग का अर्थ एवं महत्व बताते हुए कि योग द्वारा शरीर को चुस्त एवं दुरूस्त रहता है व वजन कम करता है तथा योग करने से व्यक्ति को मन की शन्ति व ऊर्जा भी मिलती है जिससे व्यक्ति पूरा दिन तरोताजा महसूस करता है। योग द्वारा मन केन्द्रीत होता है, जिससे की पढ़ाई में रूचि बढ़ती है। छात्र/छात्राओं ने योग का महत्व जानने के बाद सकंल्प लिया है कि वे प्रतिदिन प्रातः उठकर योग करेगे व स्वास्थ्य रहेगे।
21/06/2018
जैसा कि आप जानते है की सयुंक्त राष्ट्र संघ की 193 सदस्यों की बैठक मे ंअंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योगदिवस मनाया जाना घोषित किया गया। इसके पश्चात 21 जून को योगदिवस को ’’अंतराष्ट्रीय योगदिवस’’ का नाम दिया गया । 21 जून को पहली बार योगदिवस समारोह की घोषणा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रमोदी जी द्वारा 27 सितम्बर 2014 को सयुंक्त राष्ट्र अमेरीका मे ंअपने भाषण में की। तब से 21 जून’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ के नाम संे जाना जाता है। भारत में पहली बार ’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ 21 जून 2015 से मनाया जा रहा है। ’’ अंतराष्ट्रीययोगदिवस’’ के उपलक्ष्य में हमारे सभी ’’विहान’’बालक/बालिका आवासीय विद्यालय में योगदिवस बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाते है। विद्यालय परिसर मे ंशिक्षकों द्वारा छात्रों को प्रतिदिन योग करवाया जाता है परन्तु योगदिवस के दिन सभी शिक्षक/शिक्षणेत्तर, स्टाफ तथा छात्र प्रातः काल उठकर विद्यालय परिसर में एकत्रित होकर वार्डेन द्वारा योग का अर्थ एवं महत्व बताते हुए कि योग द्वारा शरीर को चुस्त एवं दुरूस्त रहता है व वजन कम करता है तथा योग करने से व्यक्ति को मन की शन्ति व ऊर्जा भी मिलती है जिससे व्यक्ति पूरा दिन तरोताजा महसूस करता है। योग द्वारा मन केन्द्रीत होता है, जिससे की पढ़ाई में रूचि बढ़ती है। छात्र/छात्राओं ने योग का महत्व जानने के बाद सकंल्प लिया है कि वे प्रतिदिन प्रातः उठकर योग करेगे व स्वास्थ्य रहेगे।
14/06/2018
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उ.प्र. एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा सहायतित एवं महिला समाख्या उ.प्र द्वारा संयुक्त रूप से संचालित विहान आवासीय बालक/बालिका विद्यालय 12 जनपद- बहराइच,ललितपुर,कन्नौज,इटावा, मुरादाबाद, आजमगढ़, आगरा,कानपुर,फिरोजाबाद,गजियाबाद, मेरठ, भदोही में बालक और बालिका के लिए अलग-अलग स्कूल आवासीय चलाये जाते है। इन स्कूलों में गी्रष्मकालीन अवकाश के दौरान समर कैम्प चलाये जा रहे है। इन कैम्म में जेंडर की समझ, 13-14 साल की उम्र में शारिरिक बदलाव के बारे में, हस्तकला प्रशिक्षण जिसमें घर के खराब सामान में से सजावट की वस्तु बनाना करपेण्टर का कार्य, क्राफ्ट आदि सिखाया जाएगा,जिससे किशोर-किशेरियों में कौशल एवं व्यक्तित्व विकास हो सकें। मीडिया द्वारा विद्यालयों के कार्यो की झलक ---
14/06/2018
उ.प्र. एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा सहायतित एवं महिला समाख्या उ.प्र द्वारा संयुक्त रूप से संचालित विहान आवासीय बालक/बालिका विद्यालय 12 जनपद- बहराइच,ललितपुर,कन्नौज,इटावा, मुरादाबाद, आजमगढ़, आगरा,कानपुर,फिरोजाबाद,गजियाबाद, मेरठ, भदोही में बालक और बालिका के लिए अलग-अलग स्कूल आवासीय चलाये जाते है। इन स्कूलों में गी्रष्मकालीन अवकाश के दौरान समर कैम्प चलाये जा रहे है। इन कैम्म में जेंडर की समझ, 13-14 साल की उम्र में शारिरिक बदलाव के बारे में, हस्तकला प्रशिक्षण जिसमें घर के खराब सामान में से सजावट की वस्तु बनाना करपेण्टर का कार्य, क्राफ्ट आदि सिखाया जाएगा,जिससे किशोर-किशेरियों में कौशल एवं व्यक्तित्व विकास हो सकें। मीडिया द्वारा विद्यालयों के कार्यो की झलक ---
04/05/2018
दिंनाक 3 मई २०१८ के कार्यक्रम की मीडिया कवरेज
03/05/2018
महिलासमाख्या द्वारा संचालित विहानविधालय के बच्चो द्वारा मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में गीत,नाटक,आत्मरक्षा आदि प्रतिभाओ द्वारा माननीय मत्री प्रो रीता बहुगुणा जोशी एवं माननीय मत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का दिल जीत लिया और माननीय मत्री ने बच्चो की मांग - विहान विधालय 12 वी तक करने का और उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में विहान स्कूल खोलने पर विचार करने का आश्वासन दिया
03/05/2018
महिलासमाख्या द्वारा संचालित विहानविधालय के बच्चो द्वारा मजदूर दिवस के उपलक्ष्य में गीत,नाटक,आत्मरक्षा आदि प्रतिभाओ द्वारा माननीय मत्री प्रो रीता बहुगुणा जोशी एवं माननीय मत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का दिल जीत लिया और माननीय मत्री ने बच्चो की मांग - विहान विधालय 12 वी तक करने का और उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में विहान स्कूल खोलने पर विचार करने का आश्वासन दिया
02/05/2018
विहान विद्यालय आवासीय विद्यालय ने दूसरे दिन प्रभात फेरी महिला समाख्या,राज्य कार्यालय से पत्रकारापुरम तक निकाल श्रमिकों के अधिकार जैसे शिक्षा - अधिकार,समानता-अधिकार व मान-सम्मान से जीने के अधिकार व बाल विवाह रोकने के नारे लगाकर जनसमुदाय की समझ बनाने की कोशिश की
02/05/2018
विहान विद्यालय आवासीय विद्यालय ने दूसरे दिन प्रभात फेरी महिला समाख्या,राज्य कार्यालय से पत्रकारापुरम तक निकाल श्रमिकों के अधिकार जैसे शिक्षा - अधिकार,समानता-अधिकार व मान-सम्मान से जीने के अधिकार व बाल विवाह रोकने के नारे लगाकर जनसमुदाय की समझ बनाने की कोशिश की