ज्येष्ठ के पवित्र महीने में समय निकलकर एक बार हनुमान् चालीसा अर्थ सहित ज़रूर सुने. बिना अर्थ जाने हनुमान् चालीसा पढ़ना वैसा ही है जैसे बारिश में रेनकोट पहनकर नहाना. छात्र तो इसे देखें ही घर के सदस्य भी देखें बजरंगबली आप पर कृपा करें.
Amar Nath Lalit
Dedicated to study
गजगामिनी चाल
आस्था और विज्ञान का अद्भुत समन्वय
हम परम सौभाग्यवान् हैं जो यह क्षण जी रहे हैं।
बोलिए सियावर रामचंद्र की जय
भगवान् शिव क्यों कहे जाते हैं आदियोगी
दक्षिण भारत यात्रा
Jai Jagannath
एक व्यंग्यात्मक तुलना😂
राम मंदिर बनना = एक घर में ब्याह होना
अगर एक गरीब परिवार खूब तरक्की कर ले धन सम्पदा बढ़ा ले फिर घर के किसी विवाह में बड़ धूमधाम खूब खर्च आदि करे तो अलग अलग दृश्यों का आनंद लें।
कुछ दृश्य देखें -
1. फूफा नाराज़ हैं - बताइए हमारा कोई योगदान ही नहीं है जिस घर मे आज ये राग रंग है दिन भर भूखे प्यासे रहकर हम गवाही देने गए थे इसकी रजिस्ट्री में । आज हमीं को भूल गए😂
2. जो इस परिवार से दुश्मनी पाले बैठे थे उनको साँप सूंघ गया है । दिल ही दिल में सोचते हैं बहुत तरक्की कर गया अब इसको गिरा नहीं पाएंगे ।
3 . वो जलन खोर पड़ोसी जिनकी नानी तक इस घर में आने को मना करती थी जो तारीख पूछते थे कब बियाह करोगे😂 पुराने कोट प्रेस करवा रहे हैं और पूछ रहे हैं अरे हमको नहीं बुलाएंगे क्या
4 . कुछ ऐसे भी हैं जो सुलग रहे हैं और कह रहे हैं यार इतना खर्च नहीं करना चाहिए ये तो रुपए फूँक रहे हैं बरबाद कर रहे हैं।
5. कुछ अपने हैं जो खुशी के आँसू बहा रहे हैं नाच रहे हैं । बड़े भाग्य ये शुभ दिन आया ।
© Amar Nath Lalit
नोट : हमारे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है ये व्यंग्य है इसे व्यंग्य की तरह लें । इसे जिगर गुर्दा किडनी पर लेने की जरूरत नहीं है और हाँ इसे कहीं शेयर करें तो हमारे नाम से ही करें वरना हम समझेंगे कुछ चप्पल चुराने वाले भी शादी में घुस आए हैं।😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂
ये हमारे एक छात्र हर्षित के भांजे हैं जब हर्षित मेरी यूट्यूब क्लास पढ़ने बैठते हैं । तब ये भी आ जाते हैं । आज इनकी इच्छा हुई हमसे वीडियो कॉल पर बात करने की । इतना क्यूट कॉम्पलीमेंट मिलने के बाद शेयर करने से रोक न पाया ख़ुद को । ये पूछ रहे थे आप ब्रश करते हो?
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