02/06/2022
अस्सलामु अलैकुम
व रहमतुल्लाही
व बरकातोहू।
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☆☆जुम्मा की फ़जिलत☆☆
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कसरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ना । [अबु दाऊद]
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सब काम छोड़ कर नमाज़ ए जुमा के लिये जाना । [सुरह जुमा]
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नमाज़ ए जुमा के लिये पैदल जाना । [अबु दाऊद]
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अज़ान से पहले नमाज़ ए जुमा के लिये मस्जिद जाना और पहली सफ़ मे बैठना । [बुखारी]
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इमाम के क़रीब बैठना । [अबु दाऊद]
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मस्जिद मे बैठने से पहले दो रकात पढ़ना । [बुखारी]
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लोगों की गर्दने न फलांगना जहां जगह मिले वहां बैठ जाना । [अबु दाऊद]
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ख़ुत्बा सुनना और उस पर अमल करना । [मुस्लिम]
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ख़ुत्बा के वक़्त खामोश रहना। [बुखारी]
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अल्लाह का कसरत से जिक्र करना । [सुरह अहज़ाब]
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एडमिन- मोहम्मद समीर अली
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30/05/2022
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.... beautiful

24/03/2022
अस्सलामु अलैकुम
व रहमतुल्लाही
व बरकातोहू ☆☆
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☆सब दिनों का सरदार ....
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✿नबीये करीम सल्लल्लाहो ताला अलैहि वसल्लम का फरमाने बा करीना है ----
जुमुआ का दिन तमाम दिनों का सरदार है , और अल्लाह के नजदीक सबसे बड़ा है , और वह अल्लाह के नजदीक ईद उल अज़हा और ईद उल फ़ित्र से बड़ा है , इसमें पांच (5) खसलते है , :
●1/- अल्लाह ताला ने इसी में आदम अलैहिस्सलाम को पैदा किया और
●2/- इसी में ज़मीन पर उन्हें उतरा और
●3/- इसी में उन्हें वफ़ात दी और
●4/- इसमें एक सआदत ऐसी है की बाँदा उस वक़्त जिस चीज़ का सुआल करेंगा वह उसे देंगा जब तक हराम का सुआल न करे और
●5/- इसी दिन में क़यामत क़ायम होंगी
कोई मुक़र्रर फरिश्ता व आसमान व ज़मीन और हवा व पहाड़ और दरिया ऐसा नहीं की जुमुआ के दिन से डरता न हो
📚 (سنن ابن ماجه ج ۲ ص۸حديث ١٠٨٤)
04/03/2022
☆वो शख़्स जन्नत में दाखिल न होगा....
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💖 रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने ईरशाद फ़रमाया
`
वो शख़्स जन्नत में दाखिल न हो सखेगा जिसकी शरातों से उसका पड़ौसी महफूज़ न हो!
(📚 मुस्लिम शरीफ 172 )
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