10/10/2022
दर्द ए किसान
कई बार की तरह इस बार भी लग रहा फसलें बरबाद होने की अशंका।🥹 क्या किसान ने ही सब गलत किया है ये महंगाई ऊपर से कैसे भी करके फसल में पैसा लगा के उपजाया फिर 3 से 3.5 महीने होने को आए फसल तैयार होने वाली तब प्रकृति भी नही छोड़ रही कोई कसर । पिछली बार भी धान गन्ने की फसल का भारी नुकसानी हुआ था और सरकार ने धान के लिए राहत राशि दी तो लेकिन बहुत सारे किसानों तक नहीं पहूंची सिर्फ़ कागज जमा किए गए। एक बार खुद को किसान को रूप में रख कर देख लेना और जो उसके साथ हो रहा है वो आपके साथ हो तो।क्या वो सही है ? किसान ये सब अपने बच्चो को पढ़ाने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए करता है लेकिन अगर उसकी फसल नष्ट हो जाएगी तो क्या उसके बच्चे आगे बढ़ पाएंगे क्या वो पढ़ पाएंगे। इसलिए सरकार कोई भी हो उसे किसान ,शिक्षा,स्वस्थ और रोजगार पर काम करे और ध्यान अच्छे से ध्यान देना चाहिए। ~Vk