31/08/2021
जिला परिषद् वार्ड संख्या... के पिता तुल्य बुजुर्गो,माताओं,बहनों को मेरा प्रणाम व समस्त युवा तरुणाई को मेरा सादर नमस्कार!
जैसा की आपको विदित है कि सन् 2019 में आप सबके तन-मन और धन के सहयोग से ही इस गरीब किसान परिवार के बेटे को पश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े विश्व विद्यालय में छात्र संघ अध्यक्ष चुनाव लडने का मौका मिला और हम सब के अथाह परिश्रम के बावजूद भी उस चुनाव में विजयश्री हासिल नही कर सकें!
साथियों, मैं चुनाव जीत नही पाया उसका मुझे गम नही है, क्योंकि मेरे जैसे सामान्य छात्र के लिए चुनाव लड़ना भी किसी उपलब्धि से कम नही था। लेकिन मुझे दुःख इस बात है कि मेरे माता पिता को मैंने सपना दिखाया था उसे मैं पूर्ण नही कर सका।
मेरे जीवन की शुरुआत ही संघर्ष से हुई है। वो दिन मुझे याद आ रहे है जब मैं स्कूल की पढ़ाई करके शहर आया था तो मेरे माता पिता के पास आशीर्वाद के अलावा देने को कुछ नही था, पिताजी मेरे सिर पर हाथ भी नही रख सके, उन्होंने मुझे दिल से आशीर्वाद दिया।
विपरीत परिस्थितियों में मैंने कॉलेज में दाखिला लिया था, न शहर में रहने को घर था, न देने के लिए किराया था। मेरे बड़े भाई रामनिवास के साथ रात में होमगार्ड्स की नोकरी की व साथ में सुबह फल फ्रूट बेचकर मजदूरी करके पढाई! है। पहले कमाना और फिर खाना था। लेकिन मेरे मन मे पहले दिन से ही संघर्ष करने का जुनून था और मेरे राम सरीखे भाई रामनिवास को पूर्ण विश्वास था।
घर से तो मैं खाली हाथ गया था, मैंने जो कुछ पाया है वो सब मेरे माता पिता के आशीर्वाद एवं आपके सहयोग से पाया है। आप 36 कौम के साथियों द्वारा उस समय दिये गए स्नेह, आशीर्वाद एवं सहयोग को शब्दों में बयाँ नही सकता हूँ।
जिस दिन NSUI से टिकट मिला उस दिन पिताजी बीमार थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और मैं आप लोगों के बीच निकल आया। निकलते निकलते पिताजी को एक सपना दिखा आया कि पिताजी आपका बेटा JNVU का अध्यक्ष बनकर घर आएगा, मेरे पिताजी का वह सपना पूर्ण नही हो सका, उसका मुझे बहुत अफसोस है।
पिताजी के हाथ नही है लेकिन मुझे जब भी जरूरत पड़ी तो हजारों हाथ मेरे सिर पर आशीर्वाद देते नजर आए, उन तमाम महानुभावों का मैं लख लख शुक्रिया अदा करता हूँ।
संघर्ष की इसी परिपाटी हार मान कर बैठ जाऊं, ये हो नही सकता, उस वक्त विश्व विद्यालय के चुनावो का अलग समीकरण होता है और वहां से संघर्ष करके हार जाने वाला भी राजनीति में अपना आगे का मुकाम तय करता है।
उस दिन से लेकर आज तक 36 कौम के लोगो का भरपूर सहयोग और आशीर्वाद मिलता आया है।
राजनीति के इस सेवा क्षेत्र में इन पचायतीराज चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने मेरी धर्मपत्नी श्रीमती भूरी देवी (हनुमान तरड़) को वार्ड नंबर.. 25 से जिला परिषद् सदस्य उम्मीदवार के रूप में उतारा है।
बुजुर्गों, माताओं, बहनों और युवा तरुणाई पर मुझे पूरा यकीन है कि इस बार इस गरीब किसान के बेटे को विजय श्री दिलाने में कोई कमी नही रखेंगे।
साथियों, मैं विश्वास दिलाता हूँ कि कल भी साथ था, आज भी साथ हूँ और जब कभी भी जरूरत पड़ेगी मैं आपका भाई हनुमान तरड़ संघर्ष की घड़ी में हरदम आपके साथ खड़ा मिलूंगा।
जय हिंद, राम राम।
आपका अपना
हनुमान तरड़
जिला परिषद वार्ड संख्या 25
चुनाव चिह्न हाथ
Jnvu जोधपुर!