26/06/2026
हमें संत कबीर नगर में बहुत कुछ नहीं चाहिए, बस दो महत्वपूर्ण सौगातें चाहिए।
🏥 एक सरकारी मेडिकल कॉलेज, ताकि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें और इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
🛣️ खलीलाबाद से सरयू घाट तक फोर-लेन सड़क, क्योंकि यह केवल एक सड़क नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा है।
आज इस मार्ग पर रात के समय सफर करना बेहद कठिन और जोखिम भरा हो जाता है। जब भारी ट्रकों की आवाजाही शुरू होती है, तब बाइक और छोटी गाड़ियों से चलना भी डरावना महसूस होता है। हर दिन हजारों लोग इसी सड़क से यात्रा करते हैं और बेहतर सड़क की जरूरत को महसूस करते हैं।
यदि खलीलाबाद से सरयू घाट तक फोर-लेन सड़क बन जाती है, तो आसपास के गांवों और कस्बों में परिवहन की सुविधा बेहतर होगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, दुर्घटनाएँ कम होंगी और पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
संत कबीर नगर के विकास के लिए हमारी मांग सिर्फ़ इतनी ही है—एक मेडिकल कॉलेज और खलीलाबाद से सरयू घाट तक फोर-लेन सड़क।
विकास किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे जिले के उज्ज्वल भविष्य का सपना है। आइए, हम सब मिलकर इस आवाज़ को बुलंद करें।
22/06/2026
🔥 सवाल सिर्फ भरत तिवारी का नहीं, न्याय व्यवस्था का है 🔥
लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत कुर्सी नहीं, संविधान होता है। सबसे बड़ा हथियार गोली नहीं, कानून होता है।
जब किसी व्यक्ति की मौत विवादों में घिर जाती है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है। जनता जानना चाहती है कि सच क्या है, न्याय क्या है, और जवाबदेह कौन है।
अगर देश में कानून का राज है, तो हर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चाहे वह कोई आम नागरिक हो या कोई प्रभावशाली व्यक्ति। न्याय का तराजू किसी की पहचान देखकर नहीं झुकना चाहिए।
आज जरूरत गुस्से से ज्यादा सच्चाई की है, आरोपों से ज्यादा सबूतों की है, और राजनीति से ज्यादा न्याय की है।
✊ जनता सिर्फ इतना जानना चाहती है:
क्या कानून सबके लिए बराबर है?
अगर हाँ, तो हर सवाल का जवाब पारदर्शी जांच से मिलना चाहिए।
क्योंकि लोकतंत्र में विश्वास तब मजबूत होता है जब सत्ता भी कानून के सामने जवाबदेह हो और आम नागरिक को भी न्याय मिले।
सच को दबाया जा सकता है, लेकिन हमेशा के लिए छिपाया नहीं जा सकता।
16/06/2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के शहर गोरखपुर के बगल के जिले संत कबीर नगर विधानसभा 314 धनघटा विधायक: गणेश चंद्र चौहान (भारतीय जनता पार्टी) के आवास से 4 से 5 किलोमीटर के अंदर का ये रोड है धनघटा के बगल उमरिया का है। जो कि खलीलाबाद से बिड़हर घाट के रास्ते में पड़ता है, विधायक जी अक्सर इस रास्ते से आते जाते रहते हैं लेकिन उनको ये गड्ढा कभी नजर ही नहीं आया, और छोटे मोटे गड्ढे दर्जनों से ज्यादा होगा धनघटा से बिड़हर घाट के बीच। शायद चार पहिया के वजह से ध्यान न पड़ता हो, ठीक है हमारा भी ध्यान नहीं पड़ेगा अगली चुनाव में क्योंकि 2 पहिया वाहन चालक ,साइकिल चालक को दिखता है जिनके साथ दुर्घटना होता है। आये दिन दुर्घटना होती रहती है लेकिन किसी नेता का नजर नहीं जाता है और वोट के समय घर घर दिखते हैं, चश्मा लगाकर ये गड्ढों पे नजर डालिए और देखिए इसकी गहराई कितनी है।
गलत के खिलाफ आवाज उठाने से न कभी डरता हूं न डरूंगा चाहे जिस पार्टी के विधायक, सांसद, कार्यकर्ता रहें।
उज्जवल मिश्रा ❤️ Ujjawal Mishra Ajay Mishra
14/05/2026
विगत कई वर्षों में कई नेता आए, कई विधायक बने…
लेकिन आज भी धनघटा विधानसभा की जनता खुलकर यह नहीं कह पाती कि
“हाँ, यह हमारे क्षेत्र का ऐसा विधायक था जिसने विकास के लिए मजबूती से काम किया।”
सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार — हर मुद्दे पर जनता आज भी जवाब तलाश रही है।
वादे बहुत हुए, लेकिन ज़मीन पर बदलाव कम दिखाई दिया।
अब जनता सिर्फ भाषण नहीं,
ईमानदार नेतृत्व और वास्तविक विकास चाहती है।
#जनता_की_आवाज़ #विकास_चाहिए
14/05/2026
बगल में स्थित सिद्धार्थनगर जिले को मेडिकल कॉलेज मिल गया…
वहाँ विकास की नई पहचान बन रही है…
लेकिन आखिर संत कबीर नगर और धनघटा विधानसभा आज भी पीछे क्यों है?
क्या हमारे युवाओं के सपने छोटे हैं?
क्या यहाँ के गरीबों को बेहतर इलाज का हक नहीं है?
क्या यहाँ की माताओं, बहनों और बुज़ुर्गों की तकलीफ़ किसी को दिखाई नहीं देती?
विगत कई वर्षों में कई नेता आए, कई विधायक बने…
हर चुनाव में बड़े-बड़े वादे हुए…
लेकिन आज तक कोई ऐसा नेता नहीं दिखा, जिसके लिए जनता गर्व से कह सके —
“हाँ, इसने हमारे क्षेत्र के विकास के लिए लड़ाई लड़ी।”
अगर मेडिकल कॉलेज बनता,
तो हमारे बच्चों को बाहर भटकना नहीं पड़ता…
गरीबों को इलाज के लिए दर-दर नहीं जाना पड़ता…
और संत कबीर नगर भी विकास की दौड़ में मजबूती से खड़ा होता।
आज जनता सवाल पूछ रही है —
जब पड़ोसी जिलों में विकास हो सकता है,
तो हमारे यहाँ क्यों नहीं?
अब समय सिर्फ वादों का नहीं,
जनता की आवाज़ उठाने का है।
#जनता_की_आवाज़ #विकास_चाहिए #नेतृत्व #जनसेवा
28/04/2026
संतकबीरनगर की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में आज भी ऐसा सशक्त नेतृत्व दिखाई नहीं देता, जो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जिले के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए।
यह बात किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं है। लगभग हर राजनीतिक दल में आज ऐसे नेतृत्व की कमी महसूस होती है, जो विधानसभा और संसद में संत कबीर नगर की आवाज़ बुलंद कर सके, जिले की समस्याओं को मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार तक मजबूती से पहुंचा सके।
जनता ऐसे नेता की तलाश में है, जिसकी पहचान केवल उसके पद से नहीं, बल्कि उसके कार्यों से हो। ऐसा नेता, जो युवाओं के रोजगार, किसानों की समृद्धि, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और जिले के समग्र विकास के लिए निरंतर संघर्ष करे।
दुर्भाग्यवश, आज अधिकांश जनप्रतिनिधियों का ध्यान जनसेवा से अधिक व्यक्तिगत हितों और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर केंद्रित दिखाई देता है। संत कबीर नगर को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर जिले के सम्मान और प्रगति के लिए समर्पित हो।
अब समय आ गया है कि संत कबीर नगर की पहचान किसी दल या व्यक्ति से नहीं, बल्कि विकास, सम्मान और नई सोच से हो।
#विकास #नेतृत्व #जनसेवा #उत्तरप्रदेश #राजनीति #जनता_की_आवाज़
28/04/2026
संत कबीर नगर की जनता आज भी भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी पर अटूट विश्वास रखती है। जनता चाहती है कि प्रदेश और देश के विकास की इस यात्रा में संत कबीर नगर भी अपनी मजबूत पहचान बनाए। मेडिकल कॉलेज, धनघटा से खलीलाबाद तक मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण, चीनी मिल की स्थापना और अन्य बड़े विकास कार्य आज जिले की प्रमुख आवश्यकताएं हैं।
दुर्भाग्यवश, स्थानीय स्तर पर जनता को वह नेतृत्व नहीं मिल पाया जिसकी अपेक्षा थी। क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि न तो जनता की आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठा सके, और न ही संत कबीर नगर के लिए बड़े विकास कार्यों की ठोस पैरवी करते दिखाई दिए। जनता को अक्सर यह महसूस हुआ कि जिले के हितों को जिस मजबूती से रखा जाना चाहिए था, वह नहीं हो सका।
संत कबीर नगर जैसे महत्वपूर्ण जिले को ऐसे जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता है, जो केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि हर दिन जनता के बीच रहें, उनकी समस्याओं को समझें और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जिले के विकास के लिए मजबूती से आवाज़ उठाएं।
यदि 2027 में फिर से वही निष्क्रिय चेहरे सामने आते हैं, तो कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में निराशा होना स्वाभाविक है। भाजपा के प्रति जनता का विश्वास अटल है, लेकिन इस विश्वास को और मजबूत करने के लिए जमीनी, कर्मठ और विकासशील नेतृत्व की आवश्यकता है।
संत कबीर नगर विकास चाहता है, और अब समय है कि जनता की इस आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए।