26/09/2020
उमंग 🖋️ संवाद
ई-संस्करण-6
"समकालीन काव्य में आदिवासी लोकजीवन"
विषय पर इस सप्ताह का संवाद आयोजित है।
अतिथिगण
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🖋️श्री विजय सिंह
कवि, लेखक
संपादक सूत्र पत्रिका
बंद टाकीज के सामने जगदलपुर (छत्तीसगढ़)
🖋️डाॅ. विश्वासी एक्का
कवि, लेखक
प्राध्यापक
शासकीय राजमोहनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर,सरगुजा (छ.ग.)(छत्तीसगढ़)
कार्यक्रम
दिनाँक 27/09/2020
समय शाम 4 बजे से..
स्थान - फेसबुक एवं यूट्यूब लाइव पर सीधा प्रसारण
अतिथि परिचय -
#श्री_विजय_सिंह कालेज समय से रंगकर्म और साहित्य से जुड़ाव! सन् 1989- 90 से बस्तर में समर्पित रंगकर्म के साथ कविता - कहानी लेखन! ' इप्टा' से रंगकर्म की शुरुआत फिर सूत्र के साथ आन्दोलन की तरह छत्तीसगढ़ में साहित्य और रंगकर्म में निरंतर सक्रिय ! अभी तक तीन - चार दर्जनों से अधिक नाटकों में अभिनय - निर्देशन ! जगदलपुर दूरदर्शन के लिए टेली फिल्म का निर्माण ,अभिनय - निर्देशन! ! छत्तीसगढ़ के कई नगरों में ' बाल रंग शिविर ' का निर्देशन - संचालन! जगदलपुर में नियमित बाल रंगकर्म ! देश की सभी महत्वपूर्ण पत्र - पत्रिकाओं में कविता- कहानी के साथ रंगकर्म से संबंधित वैचारिक लेखों का प्रकाशन! महत्वपूर्ण निर्देशित नाटक -- ई. मातादीन चाँद पर, घोटुल, लोककथा, चन्द्रमा सिंह उर्फ चमकू, आला अफसर, दण्डनायक, कफन ( लोक बोली हल्बी में मरनीपाटा) पोस्टर ,जंगीराम की हवेली, मशीन, गिली - गिली फू, बाबा बोलता है ! और अन्य नाटक! बच्चों के लिए निर्देशित नाटक -- अंधेरे नगरी चौपट राजा, टंकारा का गाना, गिरगिट ,बीता राम की कहानी, गोपी गव्वैया, बाधा बज्जैया, चिरी की नानी, चूँ चूँ मौज उड़ाऊँगा, कलिन्दर बेटा, चन्दामामा की जय ,थोड़ा जोर से खीचों, लकड़हारे की शादी, एक था बूढ़ा और अन्य बाल नाटक! शिक्षा मिशन के लिए टेली फिल्म -" खेल खेल में पाठ पढ़ें " का लेखन - निर्देशन! जगदलपुर दूरदर्शन के लिए समय समय पर टेली फिल्म का निर्देोशन - अभिनय !
सन् 09 में कविता संग्रह " बंद टाकीज़ " प्रकाशित ! सन् 89 में सर्वनाम ( दिल्ली ) साहित्यिक पत्रिका द्वारा ' विजय सिंह केन्द्रित अंक प्रकाशित ! वर्तमान साहित्य ,कृति ओर, अलाव, जनपथ, युध्दरत आम आदमी और अन्य पत्रिकाओं में " विशेष कवि " के रूप में कविताएं प्रकाशित !
संपादित ग्रंथ - छतीसगढ़ की प्रतिनिधि कविता संग्रह " पूरी रंगत के साथ " व साहित्यिक पत्रिका ' सूत्र ' का संपादन प्रकाशन!
रंगकर्म और साहित्य के लिए अनेक पुरस्कार-सम्मान !
#डाॅ_विश्वासी_एक्का आदिवासी स्त्री स्वर की प्रमुख कवियत्री हैं जो स्त्री शोषण के प्रश्नों से गुजरते हुए पितृसत्ता , प्रकृति , संस्कृति और समसामयिक घटनाओं को भी बड़ी शिद्दत से अपनी कविताओं में समेटती हैं।
विश्वासी एक्का महारानी लक्ष्मीबाई, वार्ड क्रमांक. -09,न्यू कॉलोनी, पटेलपारा, अम्बिकापुर, सरगुजा(छत्तीसगढ.)
जन्म – ग्राम -बटईकेला-जिला-सरगुजा(छत्तीसगढ हिंदी विषय में स्नातकोत्तर और पीएच.डी. | सन् 2017 में नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली से कहानी पुस्तिका ‘कजरी ‘ प्रकाशित, 2018 में कविता संग्रह ‘लछमनिया का चूल्हा' प्रकाशित ,इसी वर्ष उत्कृष्ट कविता सृजन के लिए, हिंदी साहित्य सम्मेलन छत्तीसगढ़ प्रदेश द्वारा ‘पुनर्नवा’ पुरस्कार, 2019 में साहित्य अकादमी दिल्ली में काव्यपाठ | आकाशवाणी अम्बिकापुर से समय -समय पर, कविता- कहानी पाठ | अक्षरपर्व,वागर्थ,,इंडिया टुडे, छत्तीसगढ़ मित्र, दक्षिणकोशल, पक्षधर, नया पथ, हाशिये की आवाज में कविता, कहानी एवं आलेख प्रकाशित!
आयोजन के लिंक 🔗 👇
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