30/07/2024
काकादेव से लेकर कोटा तक, कटरा से लेकर बत्रा तक सबको हाल पता है,ये सिर्फ कोचिंग नही रूम से लेकर किताबो तक बैच से लेकर हर छोटी चीज का यही है ,माचिस का डिब्बे जैसा कमरा 10000 तक मिलता है ,पहली बार कोई बच्चा नही मारा गया है सिस्टम से,कोई सिस्टम से मरा है तो कोई प्रेशर से ।।
IAS का कोचिंग है तो IAS कोचिंग के मालिकों घर के बाहर प्रदर्शन कर दिया, वहां क्या DRISHTI IAS ही अकेली है,बाकी के बाहर क्यों नही गए बाकी में सुरक्षा के पूरे इंतजाम है। प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक न जाने कितनी बैंक,SSC की क्लास ,कितनी LIBRARY किसको नही पता ये सब भी बेसमेंट में ही चलते है,इनके बच्चे क्यों नहीं आवाज उठा रहे ??
Gtb नगर गेट no.२ से लेकर बत्रा तक कितने हाल बिना किसी सुरक्षा के चल रहे है ,पिछली साल भी आग लगी थी एक कोचिंग में । सरकार , कोचिंग ,बच्चे कौन सुधर गया??
शासन में बैठने वाले , शासन चलाने वाले,और शासन को चुनने वाले सब के सब ऐसे ही है
इन सालों को अभी भी blame blame खेलना है,जब कि कायदा कहता है जहां जनाब मिले वही एक रसीद पकड़ा दो
क्यों नही बनाए ऐसे चीज़े,किसे नही पता कैसे कैसे हॉल में क्लास लगती है ।
आगे आने वाले बच्चो और जनता से कह रहा हूं जो एकदम चिल हो कर फोन स्क्रॉल कर के नेता जी की चाट रहे है,कल को तुम्हारा बच्चा होगा वहां पर शायद,हो सकता है तुम उसे नेता ही बनाओगे क्या और चलो बन भी गया, तुम्हारे बहन,भाई,चाचा,मामा, फूफा के बच्चे वो नही निकलेंगे बाहर डॉक्टर, इंजीनियर,ias बनने
जिसके साथ खेलो हो,और उसकी लाश तुम्हे उसके सपने पूरे होने से पहले मिले वो भी तब,जब वह पूरे जी जान से कोशिश कर रहा है,भगवान भी सोचते होगे कैसे घटिया इंसान बनाए इतनी सी जगह नही इंसानियत की
मुद्दा सुरक्षा का होना चाहिए,मुद्दा है BJP कांग्रेस ने 15 साल क्या किया,AAP ने 10 साल क्या किया ??
अरे लाशों के सौदागरों अगर तुम्हारी नीचता कम नही होती है तुम्हे भी जल्दी ही ऐसा कुछ नसीब हो तो फिर देखते है कितने बड़े पार्टी के चट्टे बनते हो ।।
इन नेताओ को थोड़ा बोलने में असहमति हो तो मेरा गला घोटा गया,खुद को भगत सिंह बोलने वाले जेल में हर घंटे नई बीमारी बना लेते है, जो मुद्दा उठाए वो देशद्रोही, अरे शर्म कर लो तुम जिंदा तो हो वो क्या करे जिनकी गोद सूनी हो गई
जब तक हर बेसमेंट पर चाहे वहां कोचिंग हो या लाइब्रेरी वो बंद न करवा दो, इमरजेंसी निकास से लेकर आग पानी से सुरक्षा का इंतजाम न हो तब तक टिक पाओ तो ठीक, नही 4/5 दिन के लिए हो हल्ला होगा,लोग भूल जायेंगे,इसलिए तुम भी वापस जाओ बच्चो,इस देश में इतनी जनसंख्या है कि लाखो मरने से फर्क नहीं पड़ा तुम तो केवल इकाई में ही मारे गए हो???