11/07/2026
"कुछ लोग जिंदगी में इस तरह शामिल हो जाते हैं,
कि उनके जाने के बाद महफिलें तो सजी रहती हैं, पर रौनक चली जाती है।"
आज का दिन मेरे लिए सिर्फ एक सहकर्मी की विदाई का दिन नहीं है, बल्कि मेरे जीवन के एक बेहद खूबसूरत और जिंदादिल अध्याय के थोड़ा दूर जाने का दिन है। मेरे अजीज दोस्त, मार्गदर्शक और बड़े भाई समान श्री मोहनलाल जी (व्याख्याता - राजनीति विज्ञान) के स्थानांतरण ने हृदय को एक ऐसी भावुक हलचल से भर दिया है, जिसे शब्दों में समेटना आसान नहीं है।
🗓️ एक ही दिन, एक ही सफर की शुरुआत
बात 19 मार्च 2021 की है। हम दोनों ने एक ही दिन रा.उ.मा.वि. केतु विश्नोईया में व्याख्याता पद पर कार्य ग्रहण किया था। समय का थोड़ा ही फेर था—मोहन जी ने मुझसे महज 2 घंटे पहले कार्य ग्रहण किया और उनके तुरंत बाद मैं इस यात्रा का हिस्सा बना। वो 2 घंटे की वरिष्ठता उन्होंने सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि पिछले 5 सालों में हमेशा एक बड़े भाई की तरह मुझे सही मार्गदर्शन और स्नेह देकर निभाई।
🤝 जुगलबंदी: संस्था प्रधान और मुख्य सहयोगी
इन 5 वर्षों में जब मोहन जी ने विद्यालय के संस्था प्रधान की जिम्मेदारी संभाली, तो मुझे उनके मुख्य सहयोगी के रूप में काम करने का सौभाग्य मिला। हम दोनों ने साथ बैठकर न जाने कितनी योजनाएं बनाईं, कितने पल साझा किए। हमारा लक्ष्य सिर्फ प्रशासनिक काम करना नहीं था, बल्कि विद्यालय को आगे ले जाना और एक उम्दा शैक्षणिक माहौल तैयार करना था।
🏠 विद्यालय नहीं, 'अपना घर' था वो माहौल
मोहन जी का व्यक्तित्व ऐसा है कि उनके आते ही महफिल जीवंत हो उठती है। यारों के यार, दिलदार, बेहद दबंग, दातार और दोस्तों के लिए जान छिड़कने वाले इंसान! उन्होंने विद्यालय में ऐसा माहौल बना दिया था कि कभी अहसास ही नहीं हुआ कि हम किसी सरकारी संस्था में काम कर रहे हैं। हमेशा यही लगता था कि हम अपने घर में बैठे हैं और अपने यार-दोस्तों के साथ गप्पें लड़ा रहे हैं। आपके जैसा जिंदादिल, हंसमुख, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ इंसान मैंने अपनी जिंदगी में पहले कभी नहीं देखा, और शायद भविष्य में कोई दूसरा मोहनलाल जी ढूंढ पाना नामुमकिन होगा।
💔 एक व्यक्तिगत रिक्तता
आपका हमारे विद्यालय से जाना मेरे लिए एक बहुत बड़ी व्यक्तिगत रिक्तता (Personal Void) है। इन 5 वर्षों की हर एक सुबह, हर एक चाय की चुस्की, हर एक फैसला और वो बेबाक हंसी मेरी स्मृतियों में हमेशा के लिए दर्ज हो चुकी है। मैं इस अमूल्य साथ को कभी नहीं भुला पाऊंगा। आपके इस अगाध प्रेम, सहजता और सहयोग के लिए मैं जीवनभर आपका आभारी रहूंगा।
✨ शुभकामनाएं और दुआएं
बड़े भाई, अब आप जहां भी जा रहे हैं, मेरी ईश्वर से यही प्रार्थना है कि:
आप जहां जाएं, अपनी इस जिंदादिली से वहां भी खुशियां बिखेरते रहें।
आपको हमेशा अच्छे और कद्र करने वाले लोगों का साथ मिले।
आपकी कार्यकुशलता की चमक नए आसमान को छुए।
बस एक गुजारिश है...
समय-समय पर हमसे मिलते रहिएगा, हमें याद करते रहिएगा। हमारे लिए आपका मुस्कुराता हुआ चेहरा देखना और आपकी यादों की इस अमूल्य निधि को सहेज कर रखना ही काफी है।
आपके साथ बिताया हर लम्हा मेरे जीवन की धरोहर है। नए सफर के लिए आपको ढेर सारा प्यार, सम्मान और अनंत शुभकामनाएं! 💼💐
- हमेशा आपका सहयोगी और दोस्त