27/06/2025
इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया ये सत्य है लेकिन उतना ही ये भी सत्य है की वो आपात काल इंदिरा जी ने ही समाप्त किया।।आपात काल में ही चुनाव करवाए और हार जाने पर सत्ता छोड़ दी।।ये कैसी तानाशाह थी जो पूर्ण सत्ता पर कब्जा करने के बाद देश में चुनाव करवाती है और चुनाव में हार जाने पर सत्ता छोड़ भी देती है।।
अब सवाल ये है की आपात काल क्यों लगाना पड़ा।।
आपातकाल इसलिए लगाना पड़ा क्यों की देश की आंतरिक सुरक्षा और स्थायित्व को दाव पर लगा कर विपक्षी दल विदेशी सरकारों के इशारे पर सत्ता परिवर्तन चाहते थे।।
जेपी आंदोलन पहला वो आंदोलन था जो देश की स्थाई सरकार गिराना चाहता था।।इंदिरा गांधी के दुश्मन कौन थे उस समय
पूजीपती - बैंको का राष्ट्रीयकरण कर दिया
पूर्व राजे रजवाड़े - प्रिविपुर्स समाप्त कर दिया गया
अमेरिका/ सीआईए - बांग्लादेश का निर्माण और परमाणु शक्ति संपन्न होना।।
जनता पार्टी - आजादी के पच्चीस वर्ष बाद भी सत्ता से बहुत दूर।।
इन सभी की आंख में खटक रही थी इंदिरा।।
इनके सभी के गठजोड़ ने कोशिश की भारत की सरकार गिराने की।।
अधिकांश लोग सोचते है की इलाहबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा का चुनाव अवैध घोषित होने की वजह से आपात काल लगा।। क्या इंदिरा गांधी के लिए सुप्रीम कोर्ट नही था।
क्या इंदिरा गांधी अगले छ महीने तक सांसद न होते हुए भी प्रधानमंत्री नही रह सकती थी।
और जो आपातकाल लगाने की हिम्मत कर सकती थी उसे अपने फेवर में सुप्रीम कोर्ट में फैसला करवाने से कौन रोकता अगर वो तानाशाही करना चाहती तो।।लेकिन वो देश भक्त होने के साथ लोकतंत्र की हिमायती भी थी।।
इंदिरा जानती थी की अगर इमर्जेसी लगाई तो सत्ता से हाथ धोना पड़ेगा लेकिन वो देश को बचाना चाहती थी अराजकता से,वो देश को बचाना चाहती थी अमेरिका की कठपुतली सरकार से।।इस लिए उसने खुद की बदनामी मंजूर की लेकिन देश को झुकने नही दिया।।
इंदिरा में कमियां निकलना आसान है
खुद इंदिरा होना बहुत मुश्किल।।
आप को वो नौटंकी पसंद आती है जिसमे या तो पचास साल पुराने घटनाक्रम पर गालियां दी जाए या आपको 2047 का ख्वाब दिखा कर मूर्ख बनाया जाए।। लेकिन वर्तमान पर बात न की जाए।।
अगर आपको पसंद है हिंदू मुस्लिम,इसराइल फिलिस्तीन,मंदिर मस्जिद तो समस्या आप है आपके नेता नही।।
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