21/06/2025
Indira school, Chirana
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21/06/2025
*सुचना*
प्रिय अभिभावक सत्र 2025- 26 हेतु विद्यालय का शुभारंभ 26 जून वार बृहस्पतिवार को विद्यालय समयानुसार प्रातः 7:30 बजे से सुचारू होगा। अतः सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय गणवेश व पाठ्य पुस्तक सामग्री सहित समय पर भेजने की कृपा करें।
*सीकर और झुंझुनू के लोगों के लिए अच्छी खबर है*.
दोनों जिलों को जोड़ने वाली स्टेट हाईवे का काम जल्द शुरू होने वाला है. झुंझुनू और सीकर जिले को मिलाने वाले 37 बी स्टेट हाईवे का काम अगस्त में शुरू होगा।
इस स्टेट हाईवे का काम सीकर के पिपराली चौराहे से शुरू होगा. यह हाइवे 64 किलोमीटर लंबा होगा. अभी पिपराली से चला तक की सड़क की हालत काफी खराब है और कई जगहों से टूटी हुई है. इससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
*हाइवे किन शहरों से गुजरेगा*
आरएसआरडीसी ने इसके टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। *यह हाइवे चिराना, उदयपुरवाटी, छापोली और गुहाला* इलाकों से होकर गुजरेगा. पहले इस हाइवे की चौड़ाई सात मीटर थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 मीटर कर दिया गया है. यहां सात मीटर चौड़ी डामर सड़क को खोदकर वापस बनाया जाएगा. इस वजह से प्रोजेक्ट की लागत 70.42 करोड़ रुपए आएगी.
जानकारी के अनुसार जुलाई 2026 तक इसका काम पूरा होने की संभावना है. इस स्टेट हाईवे को 10 साल पहले बनाया गया था. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद सीकर और झुंझुनू जिले के दो दर्जन से अधिक गांवों और इस स्टेट हाईवे से लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को काफी लाभ होगा.
04/06/2025
कक्षा 5 के होनहार छात्र-छात्राएं सत्र 2025
04/06/2025
हमारे विद्यालय की होनहार छात्रा...
*पहाड़िला में दूल्हे की ऊंटगाड़ियो से निकली बारात*
*खबर:-- संजय बारी चिराणा*
चिराना के निकटवर्ती ग्राम पंचायत पहाड़िला से टोडपुरा तक करीब 10 किलोमीटर तक ऊंट गाड़ियों से बारात पहुंचकर पुरानी परंपरा को जिंदा रखने की पहल की गई।
पहाड़िला निवासी मांगू राम सैनी ने अपने पुत्र बाबूलाल सैनी की बारात खारिया की ढाणी पहाडिला से टीब़डा वाली ढाणी टोडपुरा तक ऊंट गाड़ियों से बारात निकालकर पुरानी परंपरा को जीवित रखने की कोशिश की।
सरस्वती स्कूल के संचालक महावीर प्रसाद सैनी ने बताया कि मेरे छोटे भाई बाबूलाल की अनूठी शादी देखने को मिली। ऊंट गाड़ियों से बारात निकालकर फिजूल खर्ची से बचने और पूर्वजों की परंपरा को जीवित रखने का संदेश दिया । करीब 10 किलोमीटर की दूरी ऊंट गाड़ियों से तय की गई। बारात में 21ऊंटगाड़ियों की एक लंबी कतार देखने को मिली ।सभी ऊंट गाड़ियों को फूलों और गुब्बारों से सुंदर तरीके से सजाया गया। बारात का जगह-जगह स्वागत किया गया और सराहना गीत गाए गए। बारात में परिवार सहित कई दोस्त शामिल हुए।
*पूर्वजों की देन है यह परंपरा*
दूल्हे के बड़े भाई राजेंद्र प्रसाद सैनी ने बताया कि ऊंट गाड़ी से बारात जाना पुरानी संस्कृति है जो कि पूर्वजों की ही देन है जिनको निभाते हुए ऊंट गाड़ियों से छोटे भाई की बारात निकली।
*ऊंट गाड़ियों से निकली बारात की हो रही है सराहना*
दूल्हे के बड़े भाई सुखदेव व हेमराज सैनी ने बताया कि ऊंट गाड़ियां को ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि पहाड़िला व आसपास की पंचायतो में अभी बहुत ऊंटगाड़ियां हैं आज के आधुनिक युग में लोग हेलीकॉप्टर और मोटर गाड़ियों से बारात में जाते हैं। जिनको हटाकर हम ऊंट गाड़ियों से बारात में गए। देसी अंदाज में निकली बारात की हर जगह हो रही है सराहना।