General Study Number 1

अत्यंत दुःखद एवं अपूरणीय क्षति-------------------विधानसभा रसड़ा, जनपद बलिया तथा समूचे पूर्वांचल के लोकप्रिय एवं जनप्रिय ...
06/08/2026

अत्यंत दुःखद एवं अपूरणीय क्षति
-------------------

विधानसभा रसड़ा, जनपद बलिया तथा समूचे पूर्वांचल के लोकप्रिय एवं जनप्रिय बसपा विधायक मा० उमाशंकर सिंह जी के उपचार के दौरान निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदय विदारक है। उनके निधन से राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में एक अपूरणीय शून्य उत्पन्न हो गया है। उनका जनसेवा के प्रति समर्पण, संघर्षशील व्यक्तित्व और जनता के प्रति अपनापन सदैव स्मरणीय रहेगा।

प्रकृति से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवार, समर्थकों एवं शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि...🙏🙏🙏

 #सत्य,  #समता,  #मानवता और भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा प्रदान करने वाले महान संत कबीर दास जी की जयंती पर उन्ह...
29/06/2026

#सत्य, #समता, #मानवता और भाईचारे का संदेश देकर समाज को नई दिशा प्रदान करने वाले महान संत कबीर दास जी की जयंती पर उन्हें , कोटि-कोटि नमन।🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
जिंदा बाप कोई न पुजे, मरे बाद पुजवाये !
मुठ्ठी भर चावल लेके, कौवे को बाप बनाय !!

कबीरा कुंआ एक हैं,
पानी भरैं अनेक ।
बर्तन में ही भेद है,
पानी सबमें एक ॥

जाति_पर_कबीर_की_चोट

जाति ना पूछो साधू की, पूछ लीजिये ज्ञान !
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान !!

  सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक, ' #राजर्षि' छत्रपति शाहूजी महाराज विदेश में पढ़ने के लिए डॉक्टर बी. आर.  #अंबेडकर...
26/06/2026

सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक, ' #राजर्षि' छत्रपति शाहूजी महाराज विदेश में पढ़ने के लिए डॉक्टर बी. आर. #अंबेडकर के लिए इन्होंने मदद किया तथा दलितों व शोषितों के उत्थान, छुआछूत मुक्त समाज की स्थापना एवं शिक्षा के लिए अनुकरणीय योगदान दिया । सर्वप्रथम अपने रियासत में आरक्षण लागू किया इसलिए इन्हें #आरक्षण के जनक कहा जाता है और #बाल_विवाह पर रोक लगाई।
जयंती पर सादर नमन 🙏🙏🙏🙏🙏🙏


#कोल्हापुर के छत्रपति राजर्षि #शाहूजी महाराज ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की योग्यता को पहचानते हुए उन्हें "दलितों का सच्चा नेता" और " #ज्ञान_का_राजा" कहा था। शाहूजी महाराज, डॉ. अंबेडकर के सबसे शुरुआती समर्थकों और प्रशंसकों में से एक थे।
शाहूजी महाराज द्वारा डॉ. अंबेडकर के बारे में कही गई मुख्य बातें और उनके संबंध इस प्रकार हैं:

1. "आप ज्ञान के राजा हैं"
शाहूजी महाराज ने डॉ. अंबेडकर की उच्च शिक्षा और विद्वत्ता का सम्मान करते हुए एक बार उनसे कहा था:
"मैं तो सिर्फ एक परंपरागत राजा हूँ, लेकिन आप ज्ञान के राजा हैं।"
उन्होंने कहा कि मुझे यह रियासत विरासत में मिली है, लेकिन आपने अपनी कड़ी मेहनत और क्षमता से ज्ञान का यह साम्राज्य हासिल किया है।

2. " #दलितों_के_भावी_नेता" ( #मानगांव_परिषद, 1920)
21-22 मार्च 1920 को कोल्हापुर के मानगांव में एक ऐतिहासिक अछूत परिषद हुई थी। इस सभा में शाहूजी महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था और वहां उपस्थित जनता के सामने डॉ. अंबेडकर की तरफ इशारा करते हुए घोषणा की थी:
"आपको डॉ. अंबेडकर के रूप में अपना सच्चा नेता मिल गया है। मुझे पूरा विश्वास है कि वे आपकी गुलामी की बेड़ियों को तोड़ देंगे।"

3. सामाजिक आंदोलनों में वित्तीय और नैतिक सहयोग
#मूकनायक पत्रिका: डॉ. अंबेडकर द्वारा 1920 में शुरू की गई साप्ताहिक पत्रिका 'मूकनायक' को चलाने के लिए शाहूजी महाराज ने ₹2,500 की बड़ी आर्थिक सहायता दी थी।

बहिष्कृत हितकारिणी सभा (1924):-
हालांकि इस सभा की औपचारिक स्थापना से पहले ही मई 1922 में शाहूजी महाराज का निधन हो गया था, लेकिन उनके द्वारा बोए गए सामाजिक चेतना के बीज और डॉ. अंबेडकर को दिए गए शुरुआती सहयोग ने ही आगे चलकर इस सभा की नींव रखने का आधार तैयार किया।
बहिष्कृत हितकारिणी सभा (दलित वर्ग संस्थान) एक अग्रणी सामाजिक संगठन था जिसकी स्थापना डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने 20 जुलाई, 1924 को बंबई (अब मुंबई) में की थी। इसका प्राथमिक लक्ष्य भारत में अछूत (दलित) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक उत्थान को बढ़ावा देना था।

अर्थ (Meaning)
#बहिष्कृत: जिसका अर्थ है समाज से निष्कासित या अछूत
हितकारिणी: जिसका अर्थ है कल्याण करने वाली
सभा: जिसका अर्थ है एक संगठन या संघ
इसका शाब्दिक अर्थ 'बहिष्कृतों (अछूतों/दलितों) के कल्याण के लिए बनाया गया संगठन' है इसका मुख्य उद्देश्य शोषित वर्गों को समाज में बराबरी का हक़ दिलाना था।

सिद्धांत:-
यह संगठन डॉ. अंबेडकर द्वारा प्रतिपादित प्रसिद्ध नारे और आदर्श वाक्य से प्रेरित था:
"शिक्षा दो, संगठित करो और आंदोलन करो"
(Educate, Organize and Agitate)

मुख्य उद्देश्य:-
सभा की स्थापना हाशिए पर पड़े वर्गों के अधिकारों की वकालत करने के लिए एक केंद्रीय संस्था के रूप में की गई थी, जिसके निम्नलिखित लक्ष्य थे:
1. शिक्षा को बढ़ावा देना: साक्षरता में सुधार के लिए छात्रावासों (जैसे, 1925 में हाई स्कूल के छात्रों के लिए शोलापुर छात्रावास), पुस्तकालयों और अध्ययन केंद्रों की स्थापना करना।

2. आर्थिक उत्थान: आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाने के लिए औद्योगिक और कृषि विद्यालयों की स्थापना करना।

3. शिकायत निवारण: दलित वर्गों की कठिनाइयों और शिकायतों को ब्रिटिश सरकार के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए एक संगठित मंच का निर्माण करना।

4. सांस्कृतिक जागरण: समुदाय में सामान्य ज्ञान का प्रसार करने और आत्मसम्मान का निर्माण करने के लिए अध्ययन मंडलियों और सामाजिक केंद्रों की स्थापना करना।

महत्व:-
सभा को व्यापक रूप से डॉ. अंबेडकर के संगठित सामाजिक आंदोलन का आरंभिक बिंदु माना जाता है। इससे पहले, दलित वर्गों के कल्याण के प्रयास बिखरे हुए थे; इस संगठन ने समुदायों को सामूहिक रूप से संगठित करने और उनके मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए एक संरचित, संस्थागत मंच प्रदान किया।

छत्रपति शाहूजी महाराज और डॉ. भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों को मान्यवर कांशीराम और बहन मायावती ने बहुजन समाज पार्टी ( ) के जरिए आगे बढ़ाया। #कांशीरामजी ने शोषित समाज को सत्ता की चाबी सौंपी, वहीं #मायावतीजी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें लागू किया।

विचारों को आगे कैसे बढ़ाया गया?

सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना: साहूजी महाराज द्वारा शुरू किए गए सामाजिक सुधारों और डॉ. अंबेडकर के मिशन को घर-घर पहुँचाने के लिए कांशीराम ने ' ' (1971/1978) और ' -4' जैसे संगठन बनाए।

* बहुजन एकता: उन्होंने दलित, पिछड़े (OBC), और अल्पसंख्यक समुदायों को एकजुट कर 85% आबादी को 'बहुजन' नाम दिया।

* 'जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी': उन्होंने इस नारे के माध्यम से शोषित वर्गों को अपनी राजनीतिक ताकत पहचानने के लिए प्रेरित किया।

* राजनीतिक सत्ता: 1984 में BSP का गठन किया। कांशीराम ने मायावती को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी चुना, जिन्होंने बहुजन समाज को पहली बार शासक वर्ग की श्रेणी में ला खड़ा किया।

सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक, ' #राजर्षि' छत्रपति शाहूजी महाराज विदेश में पढ़ने के लिए डॉक्टर बी. आर.  #अंबेडकर क...
26/06/2026

सच्चे प्रजातंत्रवादी और समाज सुधारक, ' #राजर्षि' छत्रपति शाहूजी महाराज विदेश में पढ़ने के लिए डॉक्टर बी. आर. #अंबेडकर के लिए इन्होंने मदद किया तथा दलितों व शोषितों के उत्थान, छुआछूत मुक्त समाज की स्थापना एवं शिक्षा के लिए अनुकरणीय योगदान दिया । सर्वप्रथम अपने रियासत में आरक्षण लागू किया इसलिए इन्हें #आरक्षण के जनक कहा जाता है और #बाल_विवाह पर रोक लगाई।
जयंती पर सादर नमन 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

11/06/2026

Future upcoming new generations political leadership
then like .

Since a landslide state election victory in 2027 will be transforms & 2029 Delhi.
अर्थात् 2027 में राज्य चुनाव में भारी जीत के बाद बहनजी लखनऊ और 2029 में दिल्ली को बदल देंगी।
"This position has been achieved after great sacrifices. "
babasahebambedkar Kanshiram Mayawati BSP
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘✊💯

संघर्ष और समर्पण की प्रतिमूर्ति, महान समाज सेविका माता  #रमाबाई_अंबेडकर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!🙏🙏🙏...
27/05/2026

संघर्ष और समर्पण की प्रतिमूर्ति, महान समाज सेविका
माता #रमाबाई_अंबेडकर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!🙏🙏🙏🙏🙏
विपरीत परिस्थितियों में भी उनका धैर्य, त्याग और बाबा साहेब के सामाजिक संघर्षों में दिया गया सहयोग अतुलनीय था। माता रमाबाई (माता #रमाई) का जीवन अभावों और विपरीत परिस्थितियों से भरा था। जब #बाबासाहेब विदेश ( #लंदन)
में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे थे, तब उन्होंने घर की सारी जिम्मेदारियों को बेहद कुशलता और धैर्य के साथ संभाला। उन्होंने हर चुनौती का डटकर सामना किया, ताकि बाबा साहेब के कदमों में कोई बाधा न आए। आज के वर्तमान समय में उनका समर्पित जीवन #नारीसशक्तिकरण और समाजसेवा
का प्रेरणादायी उदाहरण है।

27/05/2026

Since a landslide state election victory in 2027 will be transforms & 2029 .
अर्थात् 2027 में राज्य चुनाव में भारी जीत के बाद #बहनजी #लखनऊ और 2029 में दिल्ली को बदल देंगी।
"This position has been achieved after great sacrifices. "

Explore Shere 🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘✊💯

27/05/2026

Since a landslide state election victory in 2027 will be transforms & 2029 .
अर्थात् 2027 में राज्य चुनाव में भारी जीत के बाद #बहनजी #लखनऊ और 2029 में दिल्ली को बदल देंगी।
"This position has been achieved after great sacrifices. "

Explore Shere 🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘✊💯

26/05/2026

Future upcoming new generations political leadership
then like .

Since a landslide state election victory in 2027 will be transforms & 2029 .
अर्थात् 2027 में राज्य चुनाव में भारी जीत के बाद #बहनजी #लखनऊ और 2029 में दिल्ली को बदल देंगी।
"This position has been achieved after great sacrifices. "

Explore Shere 🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘✊💯

26/05/2026



Since a landslide state election victory in 2027 will be transforms & 2029 .
अर्थात् 2027 में राज्य चुनाव में भारी जीत के बाद #बहनजी #लखनऊ और 2029 में दिल्ली को बदल देंगी।
"This position has been achieved after great sacrifices. "

Explore Shere 🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘
🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘🐘✊💯

Address

Sarauni Pashchim Patti, Kerakat
Jaunpur

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when General Study Number 1 posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category