26/09/2025
नवरात्रि पर हुआ मंगल प्रवचन | SA News Chhattisgarh
रायपुर | 24-09-2025: नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को राजधानी रायपुर में अभनपुर से 14 किलोमीटर आगे राजिम रोड पर स्थित कलाम कोठी भवन में एक विशेष सत्संग का आयोजन किया गया था। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जहाँ उन्हें नवरात्रि के वास्तविक उद्देश्य और सच्ची भक्ति का ज्ञान दिया गया।
सत्संग में, पारंपरिक मान्यताओं से हटकर, यह समझाया गया कि देवी दुर्गा (आदि माया) पूजनीय हैं, लेकिन वे सृष्टि की अंतिम और सर्वोच्च शक्ति नहीं हैं। शास्त्रों के आधार पर यह बताया गया कि दुर्गा देवी भी जन्म-मृत्यु के चक्र में हैं, दुर्गा जी से लाभ प्राप्त करने के वास्तविक मन्त्र के बारे में जानकारी दी गई। उनकी पूजा से साधक को केवल कुछ सांसारिक लाभ मिल सकते हैं, परन्तु पूर्ण मोक्ष की प्राप्ति संभव नहीं है।
सत्संग में उपस्थित भक्तों को बताया गया कि दुर्गा देवी का भी एक जनक (पिता) है, जो इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड का रचनहार है। वे पूर्ण परमेश्वर स्वयं कबीर साहेब हैं, जिन्होंने अपनी शब्द शक्ति से सभी देवी-देवताओं और पूरे ब्रह्मांड की रचना की। केवल उन्हीं की भक्ति से ही आत्मा काल के जाल से मुक्त होकर अपने शाश्वत निवास स्थान 'सतलोक' को प्राप्त कर सकती है।
इस सत्संग का मुख्य उद्देश्य लोगों को उस यथार्थ ज्ञान से परिचित कराना था जो शास्त्रों में वर्णित है, ताकि वे व्यर्थ की साधनाओं को छोड़कर पूर्ण परमात्मा की प्रमाणित भक्ति विधि अपना सकें। भक्तों को यह संदेश दिया गया कि सच्ची नवरात्रि मनाने का अर्थ यही है कि हम अपनी आत्मा के वास्तविक उद्देश्य को पहचानें और पूर्ण परमात्मा की शरण में जाकर जन्म-मृत्यु के इस अंतहीन चक्र से सदा के लिए स्वतंत्रता प्राप्त करें।
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