25/09/2026
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस मनाया गया
जोबनेर, 24 सितंबर।
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में 24 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. पी. एस. चौहान ने की। विशिष्ट अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी (एस.एल.ओ.) डॉ. नरेंद्र गुप्ता एवं डॉ. दिनेश गुप्ता रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान के साथ की गई। अतिथियों का स्वागत जीवंत पौधा भेंट कर एवं अपर्णा ओढ़ाकर किया गया।
कुलगुरु डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एन.एस.एस. सामुदायिक सेवा के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के स्वयंसेवक विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। एन.एस.एस. जाति एवं धर्म से ऊपर उठकर निष्काम भाव से सेवा करना सिखाती है।
एस.एल.ओ. डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना की शुरुआत 24 सितंबर 1969 को हुई थी। इसका ध्येय वाक्य “नॉट मी बट यू” है, जो निस्वार्थ सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं दूसरों के कल्याण की भावना पर बल देता है। डॉ. दिनेश गुप्ता ने एन.एस.एस. के लाभ बताते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सकारात्मक सोच एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होता है।
निदेशक छात्र कल्याण डॉ. एन. के. गुप्ता ने कहा कि एन.एस.एस. विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है तथा स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच एवं आपदा राहत जैसे कार्यों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
अधिष्ठाता एवं संकाय अध्यक्ष डॉ. एल. आर. यादव ने कहा कि एन.एस.एस. इकाई शैक्षणिक संस्थानों एवं स्थानीय गांवों तथा समाज के बीच सामुदायिक कड़ी के रूप में कार्य करती है। डेयरी महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं संकाय अध्यक्ष डॉ. बी. एल. जाट ने कहा कि एन.एस.एस. का उद्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व कौशल, टीम भावना, राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक भागीदारी एवं सेवा भाव को बढ़ावा देना है।
एन.एस.एस. प्रभारी डॉ. बी. एस. चंद्रावत ने विश्वविद्यालय की 14 एन.एस.एस. इकाइयों द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर अरीक्त, हर्षिता एवं प्राची आदि विद्यार्थियों ने नृत्य तथा रिंकू एवं रिया ने कविताएं प्रस्तुत कीं। सभी 14 एन.एस.एस. इकाइयों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन बी.एससी. तृतीय वर्ष की छात्रा बिपाशा ने किया तथा अंत में डॉ. पारूल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ. उम्मेद सिंह, डॉ. गजानंद जाट, डॉ. आर. एन. शर्मा, डॉ. जोगेंद्र सिंह, डॉ. तरुण, डॉ. आकाश तंवर, डॉ. एस. एल. शर्मा, डॉ. ममता मीणा, डॉ. रामू मीणा एवं लगभग 330 एन.एस.एस. स्वयंसेवक उपस्थित रहे।