Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur

Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur

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Dept of Kayachikitsa is associated with academic, research and healthcare activities through Ayurveda

Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 01/01/2026

Kayachikitsa Department while greeting Hon'ble Vice- chancellor Prof. Sanjeev Sharma Sir at the outset of New Year - 2026.
A Very Happy New Year to you all.

Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 30/11/2025

कायचिकित्सा विभाग राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर द्वारा हृदय-रोग प्रतिकार एवं मूल जीवन-रक्षक प्रशिक्षण (बी.एल.एस.) संबंधी जन-जागरूकता कार्यक्रम
राजकीय महाविद्यालय, कंवर नगर, जयपुर में संपन्न।

दिनांक 18 सितम्बर 2025 को राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (एन.आई.ए.), जयपुर द्वारा आयुर्वेद दिवस 2025 के उपलक्ष्य में हृदय-रोगों की रोकथाम पर जागरूकता व्याख्यान तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट (बी.एल.एस.) का व्यवहारिक प्रशिक्षण राजकीय महाविद्यालय, कंवर नगर, ब्रह्मपुरी, जयपुर के एन.एस.एस. विद्यार्थियों को प्रदान किया गया।

कायचिकित्सा विभाग की टीम का नेतृत्व डॉ. अभिषेक उपाध्याय, सहायक प्राध्यापक ने किया। उनके साथ
डॉ. देवल केवडिया, डॉ. नेहा खंडेलवाल, डॉ. पूनम पांडे, डॉ. कोमल गुप्ता एवं डॉ. नम्रता अथनेरे ने समन्वय करते हुए विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बढ़ती हृदय-रोगों की घटनाओं के प्रति जागरूकता फैलाना तथा प्रारम्भिक स्तर पर रोकथाम के महत्व को सुदृढ़ करना था। विद्यार्थियों को बी.एल.एस. एवं सी.पी.आर. (CPR) की विभिन्न चरणबद्ध प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण दिया गया।

प्रो. एच. एम. एल. मीणा, विभागाध्यक्ष, कायचिकित्सा विभाग, एन.आई.ए., ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में हृदय-रोग तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में जागरूकता तथा मूल जीवन-रक्षक कौशलों का प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने हृदय-आपातकाल की स्थिति में समय पर सहायता प्रदान करने की सामुदायिक क्षमता विकसित करने पर बल दिया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों—विशेषकर हृदय-गति रुकने की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने योग्य बनाना था।

आगे भी राजस्थान के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों एवं क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि निवारक स्वास्थ्य-सेवा एवं आपातकालीन तैयारी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 30/11/2025

🌼 हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 🌼

दिनांक 14 सितम्बर 2025 को राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में माननीय कुलपति महोदय प्रोफ़ेसर संजीव शर्मा द्वारा संस्थान के निदेशक तथा कुलपति के रूप में उनके नौ वर्षों के दूरदर्शी नेतृत्व की उल्लेखनीय और प्रेरणादायी यात्रा पूर्ण करने पर कायचिकित्सा विभाग की ओर से हार्दिक सम्मान एवं अभिनंदन अर्पित किया गया।

आपके मार्गदर्शन ने शिक्षा, अनुसंधान एवं रोगी-सेवा के प्रत्येक क्षेत्र में संस्थान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। आपका समर्पण, कार्यशीलता और दूरदृष्टि हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

इस अवसर पर कायचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर एच. एम. एल. मीणा सहित संपूर्ण विभागीय परिवार उपस्थित रहा और माननीय कुलपति महोदय को शुभकामनाएँ निवेदित कीं।

कायचिकित्सा विभाग की ओर से पुनः हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलकामनाएँ।
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Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 16/09/2025

10th Ayurveda Day-2025

13/08/2025

"NIA के कायचिकित्सा विभाग में पुरुष बांझपन पर बड़ा शोध – प्रो. एच.एम.एल. मीणा के नेतृत्व में कारण व उपचार की होगी खोज"

Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 03/08/2025

🫀 हृदय रोगियों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा से राहत की उम्मीद 🩺
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के कायचिकित्सा विभाग में प्रो. उदय राज सरोज के मार्गदर्शन में हृदय रोगियों के लिए विशेष आयुर्वेदिक उपचार द्वारा स्वास्थ्य सुधार की दिशा में हो रहा है महत्वपूर्ण प्रयास।

Photos from Post Graduate Department Of Kayachikitsa, NIA Jaipur's post 26/07/2025

📌 Departmental Meeting Update | Kayachikitsa Department | NIA Jaipur

Following the successful completion of the visit by NCISM Assessors and QCI Official at the National Institute of Ayurveda, Jaipur, a departmental meeting was convened by Prof. H.M.L. Meena, Head of the Department of Kayachikitsa.

The meeting was attended by all faculty members, PhD scholars, and postgraduate students. Prof. Meena expressed heartfelt appreciation to all faculty members, all scholars and staff for their sincere efforts and dedicated support during the assessment process.

An insightful discussion was also held on how to further enhance the quality of undergraduate teaching. Valuable suggestions and perspectives were shared by the participants, with a collective commitment to academic innovation and excellence.

The Department of Kayachikitsa continues its dedication to advancing integrative, student-centered, and evidence-based Ayurvedic education.

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