मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला Combat Aviator हैं (2022 में चयनित), और हाल ही में उन्हें संयुक्त राष्ट्र का 2025 Military Gender Advocate of the Year Award मिला है। यह उपलब्धि उन्हें न केवल भारत की सैन्य एविएशन शाखा में महिलाओं के लिए राह खोलने वाली बनाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी नेतृत्व क्षमता और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को मान्यता देती है। Free Pres... +2
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प्रमुख जानकारी
• नाम: मेजर अभिलाषा बराक
• जन्मस्थान: रोहतक, हरियाणा
• शिक्षा: दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्नातक (2016)
• सैन्य प्रशिक्षण: Officers Training Academy, चेन्नई (2017)
• सेवा: Army Air Defence Corps (2018 में कमीशन)
• विशेष उपलब्धि:• 2022 में बनीं भारतीय सेना की पहली महिला Combat Aviator
• 2025 में संयुक्त राष्ट्र का Military Gender Advocate of the Year Award प्राप्त किया
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उपलब्धियां और महत्व
1. भारतीय सेना में ऐतिहासिक उपलब्धि
• 2022 में Combat Army Aviation Training School, नासिक से प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने Army Aviation Corps में प्रवेश किया।
• वे पहली महिला Combat Helicopter Pilot बनीं, जो सैन्य हेलीकॉप्टर उड़ाने और युद्धक एविएशन ऑपरेशन्स का हिस्सा हैं। The Econo... +1
2. अंतरराष्ट्रीय मान्यता
• 2025 में उन्हें UN Military Gender Advocate of the Year Award दिया गया।
• यह सम्मान उन्हें Lebanon में UNIFIL मिशन के दौरान महिलाओं और किशोरियों के साथ outreach कार्यक्रम चलाने और peacekeepers को gender sensitisation प्रशिक्षण देने के लिए मिला।
• वे भारत की तीसरी अधिकारी हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला (पहले मेजर सुमन गवानी – 2019, मेजर राधिका सेन – 2023)। The Hindu +1
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क्यों महत्वपूर्ण है?
• भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका का विस्तार: पहले एविएशन शाखा में महिलाओं की भागीदारी सीमित थी। मेजर बराक ने इस बाधा को तोड़ा।
• प्रेरणा का स्रोत: उनकी उपलब्धि ने अन्य महिला अधिकारियों को Combat Aviation में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया।
• अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व: UN Peacekeeping मिशन में उनकी भूमिका ने भारत की वैश्विक छवि को मजबूत किया।
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सारांश
मेजर अभिलाषा बराक की यात्रा हरियाणा से लेकर भारतीय सेना की एविएशन शाखा और फिर संयुक्त राष्ट्र तक यह दिखाती है कि महिलाएं अब सैन्य नेतृत्व और युद्धक भूमिकाओं में भी अग्रणी हो सकती हैं। उनकी उपलब्धियां भारतीय सेना में लैंगिक समानता और अंतरराष्ट्रीय शांति अभियानों में महिला सहभागिता की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।
क्या आप चाहेंगे कि मैं उनके करियर की टाइमलाइन (वर्षवार उपलब्धियां) एक तालिका में तैयार कर दूँ ताकि उनकी यात्रा और भी स्पष्ट दिखे?
Shaurya Naman शौर्यनमन
“The family of martyrs is our family.”
A foundation which is wholeheartedly engaged in serving the families of our soldiers and martyrs.
एक ही समाधान 🙏 वृक्ष मत काटो
नए पौधे लगाओ 🙏
शौर्य नमन वृक्षों की छाँव
शहीदों के नाम पर हरित अभियान 🫡🇮🇳
खबर 🫡🇮🇳
मातृभूमि की रक्षा के महायज्ञ में स्वयं को समिधा-वत् अर्पित कर देने वाले शौर्य के साक्षात् प्रतिरूप, अशोक चक्र से विभूषित, अमर बलिदानी संदीप उन्नीकृष्णन के जन्मदिवस पर शत-शत प्रणाम। उनका पराक्रम भारतीय अस्मिता के इतिहास में सदैव दीप्तिमान रहेगा। 🙏🏻
Tribute to Deshraj Singh Shekhawat 3 Grenadiers 🫡🇮🇳💐
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ये वीडियो तमिलनाडु का बताया जा रहा है—और सच में दिल छू लेने वाली कहानी है ❤️
करीब 40 साल पहले के एक प्राइमरी स्कूल के छात्र, आज बड़े-बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं—कोई कलेक्टर, कोई पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, व्यापारी, यहां तक कि खुद स्कूलों के मालिक भी बन गए।
लेकिन इन सबकी एक अनोखी इच्छा थी अपने पुराने प्रधानाचार्य से फिर वही “छड़ी” से पिटाई करवाना!
सुनने में अजीब लगता है, मगर उनके लिए ये सजा नहीं, आशीर्वाद है उनका मानना है कि जिंदगी में जो भी मुकाम उन्होंने हासिल किया, उसमें उस अनुशासन, सख्ती और संस्कार का बड़ा योगदान है जो उन्हें स्कूल में मिला था।
ये सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि उस दौर की याद है जब शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं थे, बल्कि जिंदगी बनाते थे।
आज हालात कुछ बदल गए हैं—अब डांट भी मुश्किल हो गई है। ऐसे में ये कहानी सोचने पर मजबूर करती है कि असली शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन से बनती है।
fans अपने दिन याद आ गए तो अपनी भावना कमेंट करें 😊🙏
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों 🇮🇳🫡 Shaurya Naman शौर्यनमन fans
#शहीद
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