कृषि के आधुनिकीकरण और कृषि उत्पादों के ुनः वितरण तथा मार्केटिंग की व्यवस्था की जाए ताकि किसानों को उचित दाम मिल सके
12/04/2019
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दूर करने हेतु प्रत्येक गांव में लघु और कुटीर उद्योग तथा कृषि आधारित उद्योग को बढ़ावा दिया जाए
18/09/2018
25/08/2017
महिलाओं के अधिकार को लेकर धर्म के आधार पर अन्याय नहीं किया जा सकता तथा उन्हें शोषण से मुक्त कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के द्वारा जो पहल की गई है उसका सभी को स्वागत करना चाहिए यदि इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग इसे अपना व्यक्तिगत विषय मानते हैं तो मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि भारत में रहने वाले सभी नागरिकों को यह समझना होगा कि संविधान धर्म से ऊपर है और संविधान के तहत ही सभी धर्मों को अपना आचरण करना होगा और यदि आप स्वयं ही इस समस्या का समाधान कर देते और महिलाओं को इस पुरानी तथा अन्याय पूर्ण परंपरा से मुक्ति दिला देते तो आज सुप्रीम कोर्ट को दखलंदाजी नहीं करनी पड़ती समस्या यह है कि कुछ धर्म के ठेकेदार अभी उन पुराने दकियानूसी खयालों के आधार पर महिलाओं के साथ अत्याचार करते हैं तथा पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को उनके समानता के अधिकार से वंचित करते हैं इस्लाम के साथ-साथ अन्य धर्मों में व्याप्त सती प्रथा बाल विवाह पर्दा प्रथा तलाक घरेलू हिंसा महिलाओं पर अत्याचार भ्रूण हत्या बालिका भ्रूण हत्या बालिका शिक्षा इत्यादि महत्व विषय पर नए सिरे से सोचना होगा तथा इसे धर्म के चश्मे से ना देख कर इंसानियत के चश्मे से देखना होगा तभी जाकर हम इस दुनिया की आधी आबादी को न्याय दिला सकेंगे और उन्हें गरिमामई पूर गरिमा में समानता पर आधारित जीवन जीने का अवसर प्रदान कर सकेंगे मुझे लगता है यह किसी धर्म विशेष का मामला नहीं है बल्कि इंसानियत का मामला है निश्चित रूप से अगर भारत को विकास करना है तो उसकी आधी आबादी महिलाओं को भी जीडीपी में योगदान करना होगा उन्हें खुलकर जीने का अवसर मिलना चाहिए उन्हें कुंठाओं और चारदीवारी में से बाहर निकालकर आधुनिक विश्व के निर्माण में शामिल करना चाहिए
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