13/07/2025
Grace in every shade of grey.
रंग कितने जरूरी ,पर जरूरी भी नहीं कभी कभी ,
मन में रंग हो ईश्वर का तो बाहरी आवरण रंगहीन होकर भी रंगीन हो जाते है ।
Empowering individuals to live their best lives through the power of motivation, wellness, and storytelling.
Join me on my mission to spread positivity and create a happier, healthier world.
#motivation #wellness #storytelling
13/07/2025
Grace in every shade of grey.
रंग कितने जरूरी ,पर जरूरी भी नहीं कभी कभी ,
मन में रंग हो ईश्वर का तो बाहरी आवरण रंगहीन होकर भी रंगीन हो जाते है ।
29/03/2025
देख रहा हूं, कब तक देखना होगा ।
इंतजार में हूं, कब तक इंतजार करना होगा ।
रुका हुआ हूं , कब तक रुकना होगा।
सोच रहा हूं , कब तक सोचना होगा ।
12/06/2024
किसी को उसकी खोज करवाते हुए जब खुद को खोज लो,
तब शब्द कहा रह जाते ज़ुबान पर,
अक्सर ईश्वर अचानक आ जाते सामने ,
दिखा देते वो कहीं किसी और के चेहरे में ,
खुद के जीने की कला
और हम सोचते सब हम कर रहे
पर अगर खोज रुक गई
तो सरकारें फाइल बंद कर देती है
शायद इसीलिए ईश्वर ने दुनिया गोल रची होगी
सिरा मिल भी गया तो क्या मिला ......
अंतहीन यात्रा का सफर सुंदर हो ,
भारी समान यहीं छूट जाए ,
मुस्कुराता हमसफर बगल में हो ,
मंजिल पर स्वागत करने वाले कभी कम न हो ।
26/05/2024
जिसे आप कुछ कहना चाहते हैं, वह सुनना छोड़ दे
जिसे आप समझाना चाहते है , वह समझना छोड़ दे
जिसे आप जीना चाहते है , वह मरने को छोड़ दे
आप खोजने लगो खुद को , मन अंदर उतरना छोड़ दे....
"ज़िंदगी का सबसे निचला पायदान"
27/03/2024
कभी कभी हम बिना बोले बात करते है,
जितनी गहराई सामने की खाई में हो उतनी ही गहराई अपने अंदर ...
मन में से सारी बातें निकल जाए , फिर मौन जाता है उस अंतिम छोर तक जहां तक आंखें शायद अच्छे से देख भी नहीं सकती ।।
ऐसी जगह पर बातें इर्द गिर्द के सारे पेड़ ,पौधे ,पंछी, हवा सभी सुनते है पर वह हमारे जैसे चुगलखोर नहीं होते यहां राज़ अक्सर राज़ ही रहते ......
07/11/2023
जंग में कोई तो हारेगा
हम न समझे थे बात इतनी सी , ख्वाब शीशे के दुनिया पत्थर की ...
# love
11/10/2023
मैं इंतजार में तुम्हारे
पुराना मंदिर हुआ जा रहा हूं ,
जिसके पास से तो बहुत लोग गुजरते,
पर सुध सिर्फ त्योहार पर लेते।
मैं इंतजार में तुम्हारे,
किसी पुराने घाट का पत्थर हो रहा हूं ,
जो ताक रहा है की
किसी दिन तुम्हारे प्रेम की नाव आकार मुझपे टिकेगी,
मैं इंतज़ार में तुम्हारे,
पूरा शहर हो चला हूं ,
जो खोज रहा है भागमभाग के बीच
तुम्हारे एहसास से अंतर्मन तक सुकून पाना ।।।।
20/09/2023
कुछ लोगों का जीवन इस इमारत की तरह है शहर की पहचान गांधी हॉल शुरू से गांधी हॉल ना था , खूबसूरत इमारत के नाम की तरह ही जीवन भी बदला ।
"दीये तले अंधेरा" बाहर से चका चौंध इस इमारत के अंदर इस वक्त घुप्प अंधेरा होगा , ठीक वैसे ही जैसे हमारा जीवन दुनिया के लिए रोशन पर अंदर सारे चिराग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर .....
"कम स्त्रोत में सब कुछ प्रकाशमय करना सिर्फ ख्वाब " लाइटिंग के बीच का अंधकार याद दिलवाता है की कैसे हम अपनी ख्वाहिशों को अपने किसी दुनियावी बोझ के तले दबा के रखते है ।
इमारत और हमारे जीवन में प्रायः कोई और आयोजन करके ,अपने आनंद की जय करके चला जाता है , हमारे जज़्बात आयोजक के लिए कोई मायने नहीं रखते उसकी ठोकी कील सदियों तक दीवारों में धसी रहती है और दिल जीवन भर दर्द सहता है पर "कराह" दोनों की कुचल दी जाती है
जीवन और इमारत जीर्णोधार के इंतजार यह सोच कर टिके रहते है की जिसने बनाया है वह कभी तो हमारी " सुध" लेगा
31/05/2023
Awesome event by .... old memory ......
25/04/2023
सरका लेना दो फोटो है , मिलूंगा दोनों में ठिए पर ,
सोच रहा था क्या सुनाऊं,बिठा दिया है ठिए पर
मिलता है यह का ठिया किस्मत से
देखना एक दिन हर कोई चाहेगा बैठना ठिए पर ....