31/05/2026
NEP 2020 एवं NCF 2023 के ग्रामीण शिक्षा पक्ष एवं नीति की प्रतिपूर्ति में हमारे योगदान पर हुआ वैचारिक चिंतन
पुरदिलनगर, हाथरस।
विद्या भारती से सम्बद्ध जन शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित नवचयनित आचार्य एवं प्रधानाचार्य पुनश्चर्या प्रशिक्षण वर्ग के अंतर्गत शनिवार को सरस्वती विद्या मन्दिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुरदिलनगर में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के ग्रामीण शिक्षा पक्ष एवं उनकी प्रतिपूर्ति में हमारा योगदान” विषय पर वैचारिक सत्र का आयोजन किया गया।
सत्र के मुख्य वक्ता राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. देशराज शर्मा (राष्ट्रीय महामंत्री विद्या भारती) ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 में ग्रामीण शिक्षा के सशक्तीकरण को विशेष महत्व दिया गया है। शिक्षा को मातृभाषा, स्थानीय ज्ञान, भारतीय जीवन-मूल्यों एवं परम्पराओं से जोड़ते हुए विद्यार्थियों में स्वावलम्बन, कौशल विकास तथा रोजगारपरक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक एवं दूरदर्शी योजना बनानी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था ऐसी हो जो विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवनोपयोगी कौशल भी प्रदान करे। “करके सीखना” (Learning by Doing) की अवधारणा को व्यवहार में उतारकर शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं अनुभवात्मक बनाया जा सकता है।
सत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार, रोजगारोन्मुखी अवसरों की उपलब्धता, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, डिजिटल तकनीक के संतुलित एवं सकारात्मक उपयोग तथा अभिभावकों एवं समाज की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आचार्यों से अपने दायित्वों के प्रति निष्ठा, समर्पण और समाजोन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण वर्ग में उपस्थित आचार्यों एवं प्रधानाचार्यों ने ग्रामीण शिक्षा को अधिक प्रभावी, संस्कारयुक्त, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्र निर्माण के अनुकूल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
“शिक्षक की उत्कृष्टता में आचार्य की भूमिका” विषय पर प्रशिक्षण प्रमुख राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ. अजय शर्मा ने मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षण में उत्कृष्टता हेतु स्वाध्याय, अनुशासन, समयबद्धता एवं विषय के प्रति रुचि आवश्यक है। विद्यार्थियों को स्वाध्याय के लिए प्रेरित करने, गृहकार्य एवं कक्षाकार्य के नियमित निरीक्षण, सुलेख एवं बोर्ड लेखन पर ध्यान देने तथा कक्षा में शिक्षण-अनुकूल वातावरण बनाने पर बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के प्रति वात्सल्यपूर्ण एवं प्रेरणादायी व्यवहार अपनाने का आह्वान किया
इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रमुख डॉ. अजय शर्मा, देवेंद्र यादव "प्रदेश निरीक्षक" , अरविन्द चौधरी "वर्ग पालक" , दयाल शर्मा मंत्री , राजवीर सिंह, प्रवीण कुमार शर्मा, संदीप मिश्रा, यशपाल सिंह, कमलप्रकाश द्विवेदी, विचित्रपाल, महेन्द्रपाल सिंह सहित विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष आनंद गोला, उपाध्यक्ष चोब सिंह वर्मा, प्रबंधक राजेश कुमार चैचाणी, कोषाध्यक्ष सुरेश चन्द्र आर्य, शैलेश कुमार माहेश्वरी दिनेश चन्द्र गुप्ता, राजेंद्र प्रकाश गुप्ता, ईशान माहेश्वरी, विनीत जाखेटिया तथा पत्रकार विजय कुमार शर्मा उपस्थित रहे।