03/01/2026
Thank you our supporters and friends for your support and guidance.
This is Youth cell actively participated by youth of Kursath, containing Career counsiling, Teaching, Business strategies, Cultural programs and RTI Team
Aim/ Objective:
This youth Cell is all about the developing skills in the youth, helping each-other, solving the community problems together and supporting the youth in every way. About:
We are having 6 Core teams working on the social, educational, business and all other the issues. They all are always ready to help the people who need any type of information.
1. RTI Team
2.Teaching Team
3. Vaca
03/01/2026
Thank you our supporters and friends for your support and guidance.
21/12/2025
बैंक से रिटायर्ड, गांव में वापस आकर जैविक खेती करने वाले श्री योगराज सिंह जी Kursath Foundation के संरक्षक हैं, श्री योगराज सिंह जी वर्तमान में नगर विकास स्कूल के ट्रस्टी के साथ ही साथ गायत्री मंदिर के संरक्षक एवं ट्रस्टी भी हैं, बेहद व्यस्त जीवन है फिर भी वे गांव में बालिकाओं को अंग्रेजी पढ़ाते हैं। कुरसठ युवा मंच Kursath Yuva Manch, Hardoi फ़रवरी माह में एक दिन की कार्यशाला किसानों के लिए रखने पर विचार कर रहे हैं। आप लोगों से इस कार्यक्रम को रूपरेखा देने में सहयोग करने की आवश्यकता है। आपके विचार, सुझाव हमें कार्यशाला आयोजित करने में मदद करेगा। शुक्रिया साथियों।
जैविक खेती बैंक से रिटायर्ड श्री योगराज सिंह, वर्तमान में समाजसेवा के साथ जैविक खेती करते हैं।
29/11/2025
15/10/2025
🌿 किशोरियों की पसंद: गांव की सोच, नई दिशा की झलक
दिनांक 4 अक्टूबर 2024 को Kursath Foundation, गांव कुरसठ, जिला हरदोई (उत्तर प्रदेश) में किशोरियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
चर्चा के दौरान जब 12 से 18 वर्ष की किशोरियों तथा कम्युनिटी वालंटियर से पूछा गया —
“आपको सबसे ज़्यादा कौन-सी पाँच चीज़ें पसंद हैं?”
तो उनके उत्तर आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक दोनों थे।
गांव की इन किशोरियों ने अपनी सूची में पर्यावरण, परिवार और शिक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
उनकी पसंद में शामिल थीं —
🌱 माय पेट, आदर्श एजुकेशन, पापा, प्लांट्स, एग्ज़ाम्स, सिस्टर पारुल, आम का पेड़, नहर, बाग, जंगली पक्षी, बहती नदी, मेरा स्कूल, दाल-चावल-रोटी-सब्जी, अपने बच्चों से प्यार, खेल का मैदान, रस्सी दौड़, 69 फाउंडेशन का कार्य वातावरण, एजुकेशन, कम्युनिटी के लोग, चिल्ड्रन, न्यू टेक्नोलॉजी, शायरी, भावना जी, मेरी गाय, मेरे खेत की वाटिका, मेरे समूह की महिलाएं, पेड़, इकोनॉमी, एनवायरनमेंट, गुड बिहेवियर, माता-पिता का प्यार, रिश्ते, सम्मान, आत्मविश्वास, मोबाइल, माय हसबैंड, माय फैमिली, मेरी बकरी, मेरी दोस्त रितिका, मेरी नहर, मेरी दोस्त शिवांगी, बकरी का बच्चा, दूध, सेव, खेलना, एनिमल, ट्री, बच्चों से प्यार, वॉटर, मम्मी-पापा, गांव का सामुदायिक शौचालय और गांव में साफ-सफाई।
इन जवाबों में गांव की किशोरियों की संवेदनशीलता, प्रकृति से जुड़ाव, परिवार के प्रति लगाव और शिक्षा के प्रति जागरूकता साफ झलकती है।
यह केवल पसंदों की सूची नहीं, बल्कि उनके सपनों और मूल्यों की झलक है — जो आने वाले कल के संवेदनशील और सशक्त समाज की नींव रखती है।
11/10/2025
आस्था वर्मा चुरईपूर्वा गाँव, जिला हरदोई, उत्तर प्रदेश में दसवीं क्लास की एक छात्रा है। आज International Day of the Girls के दिन अपने गाँव की बेटियों की शिक्षा के विषय पर अपने विचार और अनुभव साझा किए।
"हमारा गाँव हरदोई–लखनऊ रेलवे लाइन के पास बसा है, और जिस स्कूल में हमें पढ़ने जाना होता है वह लगभग 4 किलोमीटर दूर है। यह दूरी हमारे लिए बड़ी चुनौती लेकर आती है। जैसे कि,
- कई बच्चियों को रोज़ इतनी लंबी यात्रा करनी पड़ती है। इस दौरान उन्हें रेलवे लाइन पार करनी होती है, जहाँ दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। गाँव में ऐसी घटनाएँ पहले भी हुई हैं, जिससे कई अभिभावक डर जाते हैं और अपनी बेटियों को स्कूल जाने से रोक देते हैं। इसके अलावा, हमारे गाँव में शिक्षा प्राप्त करने का वातावरण भी अनुकूल नहीं है। कुछ परिवार आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए किताबें, ड्रेस या अन्य संसाधन उपलब्ध करा सकें।
आज भी हमारे समाज में यह सोच गहराई तक बनी हुई है कि "लड़कियों को पढ़-लिखकर करना ही क्या है, आखिरकार उन्हें घर के कामकाज और खाना बनाने में ही जीवन बिताना है।" इसके अलावा गरीबी के कारण भी कई बच्चियों को जल्द शादी कर दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है।
आप सोच सकते हैं कि यह मेरे लिए भी आसान नहीं है, लेकिन मेरे माता-पिता ने अपनी सीमित परिस्थितियों के बावजूद मेरी पढ़ाई का समर्थन किया है। मैं स्वयं चाहती हूँ कि हमारे गाँव की हर बच्ची को वही अवसर मिले जो मुझे मिला है। शिक्षा केवल किताबें पढ़ना नहीं है, यह माँ-बाप का आत्मविश्वास बढ़ाती है, परिवार का भविष्य सुरक्षित करती है और पूरे समाज को आगे बढ़ाती है".
27/09/2025
स्वागत है साथियों मल्लावां महोत्सव में। Adarsh Vishwas और द विश्वास फाउंडेशन का हार्दिक आभार कुरसठ युवा मंच Kursath Foundation को मंच देने के लिए।
04/05/2025
Kursath Foundation KURSATH YOUTH EDUCATION Prativendra Singh Alok Kumar Shishupal Prajapati Bhawana Prajapati