Himachal Shikshak Kranti Manch

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HIMACHAL SHIKSHAK KRANTI MANCH IS AN NGO DEVOTED TO MAKE CHANGES IN FIELD OF EDUCATION, SERVICES AND ANTI-PUBLIC OR ANTI-EMPLOYEE DECISIONS, ESPECIALLY IN FIELD OF ELEMENTARY EDUCATION. WE ARE ALSO AFFILATED TO HIMACHAL SHIKSHAK MAHASANGH, AKHIL BHARATIYA RASHTRIYA SHAIKSHIK MAHASANGH AND ALL INDIA SECONDARY TEACHERS FEDERATION. IT IS ALSO WORTH TO KNOW THAT WE BELONG TO UNESCO, UNICEF,UN PEACE MI

हिमाचल: व्हाट्सएप ग्रुप में की थी अपमानजनक टिप्पणी, बाजार पर्यवेक्षक निलंबित, शिमला हेडक्वार् 29/12/2025

हिमाचल: व्हाट्सएप ग्रुप में की थी अपमानजनक टिप्पणी, बाजार पर्यवेक्षक निलंबित, शिमला हेडक्वार् कृषि एवं विपणन बोर्ड के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप पर अपमानजनक बयान और टिप्पणी करने पर बाजार पर्यवेक्षक अजय नाथ को ....

29/12/2025

एस एम सी शिक्षक LDR कोटा मामला हाईकोर्ट में आदेश

Subhash Kumar बनाम State of H.P. (CWP No. 20377/2025)

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे JBT/TGT/PGT के नियमित पदों के लिए पात्र हैं, परन्तु राज्य सरकार नियमित भर्ती करने की बजाय SMC शिक्षकों की नियुक्ति कर रही है।
पहले के कई न्यायालय आदेशों के बावजूद नियमित भर्ती नहीं हुई और SMC शिक्षकों को ही लगाया जा रहा है।
पूर्व में दायर याचिकाओं में SMC शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग खारिज की जा चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश के अनुसार SMC शिक्षक केवल तब तक कार्य कर सकते हैं जब तक नियमित भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्ति नहीं हो जाती।
सरकार ने 17.02.2025 की अधिसूचना से SMC शिक्षकों के लिए 5% कोटा का प्रावधान किया है।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि 25.10.2025 के पत्र के माध्यम से TGT, JBT इत्यादि के कुल 1427 पदों को SMC शिक्षकों से भरने का प्रस्ताव है, जो नियमों और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के विपरीत है।
राज्य का कहना है कि SMC शिक्षक 2012 से कार्यरत हैं, इसलिए आयु छूट और 5% कोटा दिया गया है।
राज्य सरकार ने यह भी कहा कि अन्य श्रेणियों के लिए भी नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
न्यायालय ने सरकार को अपना पक्ष सात दिनों में पेश करने के लिए कहा।
अगली सुनवाई की तारीख 05.01.2026 निर्धारित की गई है।
तब तक राज्य सरकार द्वारा उठाया गया कोई भी कदम किसी भी पक्ष के अधिकार उत्पन्न नहीं करेगा और वह अंतिम आदेश के अधीन रहेगा।
👉 संक्षेप में:
मामला इस बात पर है कि क्या SMC शिक्षकों को 5% कोटे के जरिए नियुक्ति देना वैध है या नियमित भर्ती नियमों के अनुसार सीधे भर्ती की जानी चाहिए। अदालत ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है, केवल जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

06/09/2024

शिक्षकों के तबादलों में दोहरे मापदंड पर हाई कोर्ट की प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को फटकार
By: divyahimachal
हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव से मांगी कार्रवाई की रिपोर्ट
विधि संवाददाता — शिमला
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिक्षकों के तबादलों में दोहरा मापदंड अपनाने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को प्रारंभिक शिक्षा निदेशक द्वारा शिक्षकों के तबादलों में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड से अवगत करवाने के आदेश जारी किए। कोर्ट ने शिक्षा सचिव से पूछा है कि क्या वह उक्त शिक्षा निदेशक के इन दोहरे मापदंडों से अवगत हैं। यदि अवगत हैं, तो उक्त शिक्षा निदेशक के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। यदि अवगत नहीं हंै, तो उक्त अधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने प्रार्थी रमन कुमार द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के पश्चात यह आदेश जारी किए। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को 10 सितंबर तक उपरोक्त जानकारी शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट के समक्ष रखने के आदेश जारी किए। मामले के अनुसार प्रार्थी की नियुक्ति वर्ष 2020 में जिला चंबा के राजकीय माध्यमिक विद्यालय खजुआ बिहाली में बतौर टीजीटी नॉन मेडिकल हुई थी।
ट्राइबल क्षेत्र में तीन वर्ष का सामान्य कार्यकाल करने के पश्चात प्रार्थी ने ट्राइबल क्षेत्र से अपने तबादले हेतु विभाग को प्रतिवेदन दिया। प्रतिवेदन पर कारवाई न होने पर प्रार्थी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को प्रार्थी के प्रतिवेदन पर चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के आदेश जारी किए। इसके बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने प्रतिवेदन खारिज करते हुए कहा कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र के मध्य में प्रार्थी का तबादला करना प्रशासनिक और जनहित में वाजिब नहीं है। इस आदेश को प्रार्थी ने फिर से कोर्ट में चुनौती दी। प्रार्थी ने कोर्ट को बताया प्रारंभिक शिक्षा निदेशक ने भेदभावपूर्ण तरीके से उसके प्रतिवेदन को खारिज किया। कोर्ट ने मामले से जुड़े रिकार्ड का अवलोकन करने पर पाया कि उक्त शिक्षा निदेशक ने एक-दो नहीं, बल्कि सैकड़ों शिक्षकों के तबादला आदेश शैक्षणिक सत्र के मध्य में किए हैं। शिक्षा निदेशक के उक्त आचरण पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि कम से कम कहें, तो यह कृत्य वाकई शर्मनाक और अपमानजनक है।

16/09/2023
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