13/08/2023
अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मशहूर सूफ़ी गायक डॉ. सतिंदर सरताज का सम्राट अकबर के नवरत्न संगीत सम्राट तानसेन की नगरी ग्वालियर में अपने संगीत कार्यक्रम की प्रस्तुति हेतु दिनाँक 7 अगस्त को आगमन हुआ।इस संगीत कार्यक्रम का आयोजन 8 अगस्त को "अमृत चेरीटेबल सोसायटी" द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को स्पोंसर "सरदार ज्ञान सिंह मेमोरियल कॉलेज, बड़ा गांव, मुरार द्वारा किया गया।आयोजनकर्ताओं ने डॉ. सरताज के कार्यक्रम के लिए राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय को चुना। कार्यक्रम का समय शाम 7बजे से था परंतु डॉ. सरताज की सुमधुर आवाज़ के दीवानों ने शाम 6 बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू कर दिया था। कृषि विश्वविद्यालय की खूबसूरत छवि दर्शनीय थी। संगीत के दीवानों को किसी तरह की असुविधा न हो इसको ध्यान में रखते हुए बुक हुए टिकट की सीट संख्या बताने के लिए आयोजकों द्वारा 5 काउंटर खोले गए थे। इन सभी काउंटर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने किसी भी संगीतप्रेमी को परेशान एवम् निराश नहीं होने दिया । टिकट काउंटर से लेकर अंदर कार्यक्रम हॉल तक दर्शकों को सहयोग
किया। डॉ. सतिंदर सरताज ने हाथ जोड़ कर सभी दर्शकों का अभिवादन किया तत्पश्चात अपना स्थान ग्रहण करने से पहले स्टेज पर सभी वाद्य यंत्रों को प्रणाम किया। उनके इस व्यवहार से दर्शकों को उनके व्यक्तित्व की विशालता, सरलता एवम् सहजता का अंदाज़ हुआ। डॉ. सरताज ने अपनी सभी फैंस की फरमाइश पर "ओ लांबा इश्क...इक्को मिक्के रुतबा,साँई,शगूफ़्ता दिली,ज़िंदगी एक जज़ीरा,यामा,तितली,मासूमियत
जैसी कई दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियां दीं। पूरा हॉल डॉ. सतिंदर के फैंस से ठसाठस भरा हुआ था। रात्रि 9 बजे उनके संगीत का जादू दर्शकों के सिर चढ़कर बोलने लगा। उनके संगीत के सुरूर में सभी दर्शक अपनी जगह से खड़े होकर झूमने लगे। जिन्होंने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की, उन सभी के लिए संगीत के वे पल अविस्मर्णीय रहेंगें। डॉ. सरताज की गायकी का एक अजूबा और अनोखा अंदाज यह भी था कि हॉल में उन्होंने लगातार 4 घंटे बिना किसी फिलर्स के अपने फैंस को अपनी संगीतमय प्रस्तुतियों का रस्वस्वादन करवाया।