17/12/2014
अभी दो-तीन दिन से...... सभी समाचार पत्र एवं टेलीविजन
में ..... एक ही शोर गूंज रहा है ...... ""दिल्ली बलात्कार
काण्ड""
वास्तव में यह देखकर काफी ख़ुशी होती है कि..... हमारे देश
की मीडिया और मानवाधिकार संगठन अब इतने जागरूक हो गए हैं
कि ..... अब प्रशासन भी उनके दवाब में रहता है...!
और, जहाँ तक मेरी बात है तो........... मैं उस टैक्सी ड्राईवर
की तरफ से किया गए कार्य को ..... एक बेहद ही घटिया एवं
एक नामर्दानगी वाला कार्य मानते हुए ...... इसकी पूरी तरह से
भर्त्सना करता हूँ .. तथा,
उस ड्राईवर को कड़ी से कड़ी सजा (हो सके तो फांसी ) देने
की मांग करता हूँ...!
लेकिन ... जैसा कि ... हम सभी जानते हैं कि...... सिक्के के
हमेशा ही दो पहलू होते हैं....
मैं ज्यादा कुछ तो नहीं..... लेकिन, एक छोटी सी बात
समझना चाहता हूँ कि.....
ऑफिस से निकलने का समय 7 बजे है....... और, माँ अकेले घर
पर रहती हैं, लेकिन मैडम ऑफिस से घर के बजाय दोस्तों के साथ
पब-बार में जाकर शराब पीकर टुन्न होने के बाद
टैक्सी को बुलाकर 10-11 बजे घर के लिए निकलती हैं.......
और, उस दौरान टैक्सी में ही मैडम को नशे की वजह से नींद आ
जाती है..... और, मैडम उस टैक्सी में ही सो जाती हैं...... तथा,
उठने के बाद उनको पता चलता है कि .... उस टैक्सी ड्राईवर ने
बलात्कार कर दिया है.
अब सीधी बात पर आते हैं.............
हमारा देश स्वत्रन्त्र है ........ और, हर
किसी को पूरी आजादी है कुछ भी करने की....
दारु पीजिये....... मस्ती कीजिये....... पूरी रात घर से बाहर
घूमिये......कपड़े चाहे पहनिए या मत पहनिए..........
आपकी मर्जी.
लेकिन,
इसका जवाब जरुर दीजियेगा कि........ जब हम सबको पता है
कि ........ अब इंसान जानवर बन चुका है...... जिसके अन्दर
किसी के लिए भी ना कोई मान-मर्यादा, सम्मान-इज्ज़त
नही बची है.... तो, क्या ये हम
सबकी जिम्मेदारी नहीं है कि...... उस जानवर को रोकने के
साथ-साथ खुद को भी संभाल कर रखें..... और, उस जानवर
को उकसाने वाला कोई काम नहीं करें.....?????
उदाहरण के लिए....
जब आप किसी अभ्यारण्य/चिड़ियाघर में जाती हैं
तो आपको पहले ही बताया जाता है कि..........
कृपया जानवरों को उकसाने वाली किसी चीज का इस्तेमाल
ना करें... और, सावधान रहे
वो इसलिए नहीं की आपकी आजादी आपसे छीनी जा रही है....
बल्कि, इसीलिए क्योंकि..... सावधानी ही सुरक्षा है......!
लेकिन, फिर भी अगर आप किसी की बात ना मानते हुए उस
जानवर के सामने उसको उकसाने वाला काम करने लगें..........
और, ये दलील देते रहें कि ... मेरी मर्जी मैं कुछ भी और
कहीं भी करूं .....तुमसे इससे क्या........?????
फिर तो एक ही चीज हो सकती है कि ..... वो जानवर
आपको मार देगा....... या, आपके चक्कर में उस जानवर
को मारना पड़ेगा.
बस इतना ही बोलना था....
बाकी.... हर लोग खुद में ही बहुत समझदार हैं...!
नोट:
1 . मैं यहाँ किसी भी तरह का महिलाओं के शोषण के खिलाफ
हूँ...... चाहे वो जिस भी तरह से किया जाये....... और,
ना ही लेख में मैंने किसी का पक्ष लिया है !
मगर जो कडवी सच्चाई है..... वो तो वैसे ही रहेगी .......बाकी,
आप की मर्जी ........... क्योंकि..... ""धरना-कैंडल ....मार्च-
प्रोटेस्ट है ...... आपका अधिकार.""
2 . जहाँ तक बात रह गयी लड़का-लड़की की तो ......
अगर रात में 10 -11 बजे कोई हट्टा-कट्टा लड़का भी ..... दारु
में टुन्न होकर खुले आम 25 -50000 रुपया लेकर
जाएगा तो उसका भी लुट जाना लगभग तय ही है...
कटु वचनों के लिए क्षमा याचना...