NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur

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NSS group of Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur, Arogya Dham, Balapar Road, Sonbarsa, Gorakhpur - 273007

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 02/08/2026

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन का हुआ आयोजन

नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में लगाना ही युवाओं का सच्चा दायित्व है।” श्री नरेंद्र मोदी माननीय प्रधानमंत्री

“नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।” सिंह पाल सिंह

गोरखपुर, 02 अगस्त 2026। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय प्रधानमंत्री जी के वर्चुअल संबोधन के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री सिंह पाल सिंह, पूर्व प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपस्थित रहे। माननीय प्रधानमंत्री जी के वर्चुअल संबोधन से पूर्व मुख्य अतिथि ने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशामुक्त जीवन की आवश्यकता एवं महत्त्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि युवा वर्ग स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित एवं नशामुक्त होगा, तो देश के विकास की गति और अधिक सशक्त होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे एवं नशीले पदार्थों से दूर रहने का आग्रह करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है।
श्री सिंह पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जिन अनेक पदार्थों का उपयोग आज नशे के रूप में किया जा रहा है, उनका प्रयोग प्राचीन समय में मुख्य रूप से औषधीय एवं चिकित्सकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता था। समय के साथ उनके दुरुपयोग ने समाज के समक्ष गंभीर चुनौतियां उत्पन्न कर दी हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे के प्रति सजग रहें, स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
मुख्य अतिथि के प्रेरक संबोधन के उपरांत माननीय प्रधानमंत्री जी का वर्चुअल संबोधन प्रसारित किया गया, जिसे उपस्थित स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने एकाग्रता एवं उत्साह के साथ सुना। अपने संबोधन में माननीय प्रधानमंत्री जी ने युवाओं को देश की अमूल्य शक्ति बताते हुए नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार एवं समाज की प्रगति में भी बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता को व्यापक स्तर पर बढ़ाने तथा युवाओं को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता है।
माननीय प्रधानमंत्री जी ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा नशे के विरुद्ध समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अपनी ऊर्जा, प्रतिभा एवं क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय, कार्यक्रम अधिकारी श्री रवि निषाद एवं श्री अनिल कुमार पटेल सुश्री श्रद्धा सिंह प्रवक्ता माइक्रोबायोलॉजी सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय के 400 विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 01/08/2026

दिनांक 31 जुलाई 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के अंतर्गत नशामुक्ति शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना था । कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री समरदीप सक्सेना, क्षेत्रीय निदेशक, राष्ट्रीय सेवा योजना, डॉ. मंजू सिंह, विशेष कार्याधिकारी, उच्च शिक्षा विभाग एवं राज्य संपर्क अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ; तथा श्री राजेश तिवारी, युवा अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. गिरधर वेदान्तम, प्राचार्य, आयुर्वेद कॉलेज; डॉ. धनंजय पांडेय, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना; डॉ. दिलीप मिश्रा, विश्वविद्यालय नशामुक्ति नोडल अधिकारी; कार्यक्रम अधिकारी श्री साध्वी नंदन पांडेय सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुआ । स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम अधिकारी श्री साध्वी नंदन पांडेय ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा नशे से दूर रहकर सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ेंगे तो विकसित भारत का लक्ष्य शीघ्र साकार होगा। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए स्वयंसेवकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
अपने संबोधन में श्री समरदीप सक्सेना ने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक अभियान है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को समाज में जागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित, सशक्त एवं समृद्ध भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं ।
डॉ. मंजू सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है । नशे की प्रवृत्ति युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार एवं भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार एवं समाज को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए । उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया ।
श्री राजेश तिवारी ने कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता, परामर्श एवं सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं । उन्होंने युवाओं से सकारात्मक गतिविधियों, खेल, योग, सामाजिक सेवा एवं रचनात्मक कार्यों से जुड़ने की अपील की । उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वयंसेवक नशामुक्त भारत का संदेशवाहक बनकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया । कार्यक्रम का आभार ज्ञापन डॉ. धनंजय पांडेय, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया । उन्होंने सभी अतिथियों, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण एवं स्वयंसेवकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन स्वयंसेविका कु. खुशी उपाध्याय द्वारा किया गया ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 18/07/2026

दिनांक 17 जुलाई 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा "विकसित भारत यूथ कनेक्ट कार्यक्रम" का आयोजन "नशा मुक्त युवा – विकसित भारत" विषय पर किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन के साथ किया गया। तत्पश्चात मेघा शर्मिष्ठा एवं अनुष्का गोयल द्वारा सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अगले चरण में मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के नशामुक्ति नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप मिश्रा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज एवं राष्ट्र के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर अपने ज्ञान, कौशल एवं सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों से समाज में नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया ।
मुख्य वक्ता एवं यूथ आइकन श्री प्रियांशु भारद्वाज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि "विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा नशामुक्त, स्वस्थ, शिक्षित एवं जागरूक होगा। नशा युवाओं की प्रतिभा, आत्मविश्वास और भविष्य को कमजोर करता है। प्रत्येक युवा का यह दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करे।" उन्होंने युवाओं से डिजिटल साक्षरता, सामाजिक सेवा, नवाचार तथा राष्ट्रहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया ।
इसी क्रम में डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि योग एवं ध्यान (मेडिटेशन) युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त, आत्मविश्वासी एवं सकारात्मक बनाते हैं। नियमित योगाभ्यास से तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी समस्याओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है, जिससे नशे की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति स्वतः कम होती है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन योग एवं ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और शांत मन ही नशामुक्त जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है ।
इंजीनियर उदयभान यादव ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मानसिक दबाव के कारण अनेक युवा गलत आदतों की ओर आकर्षित हो जाते हैं। ऐसे में योग, प्राणायाम एवं मेडिटेशन उन्हें मानसिक संतुलन, आत्मनियंत्रण एवं सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवा अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों, सामाजिक सेवा और आत्मविकास में लगाएँ तो वे न केवल नशे से दूर रहेंगे, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय ने राष्ट्रीय सेवा योजना की विभिन्न गतिविधियों एवं युवा सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सकारात्मक परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अमित उपाध्याय, श्री अनिल कुमार पटेल, डॉ. रवि निषाद, श्री साध्वी नंदन पांडे, श्री विकास कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं आकर्षक मंच संचालन अनुमेशा मिश्रा एवं राघवेंद्र शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया। समापन अवसर पर मेघा शर्मिष्ठा एवं अनुष्का गोयल द्वारा वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान की सुमधुर प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे सभागार में राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत कर दिया ।
अंत में सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने, स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज में जनजागरूकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना की समाजोपयोगी गतिविधियों, युवा सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का प्रभावशाली उदाहरण सिद्ध हुआ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 13/07/2026

दिनांक 12 जुलाई 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर का निर्माण तथा विद्यार्थियों एवं युवाओं में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में कुल 2200 पौधों का रोपण किया गया । पौधारोपण अभियान के अंतर्गत आम, अमरूद, जामुन, आँवला सहित विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं पुष्पीय पौधे लगाए गए। इन पौधों का चयन पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता के संरक्षण तथा परिसर की हरियाली को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से किया गया। स्वयंसेवकों एवं कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण करते हुए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया ।
कार्यक्रम में पूर्व प्रांत प्रचारक श्री सिंहपाल सिंह, विभागाध्यक्ष, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी डॉ. राजीव सक्सेना, विश्वविद्यालय पौधारोपण नोडल अधिकारी डॉ. अमित उपाध्याय, एनएसएस समन्वयक डॉ. धनंजय पाण्डेय, एनसीसी लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव, शिवाजी इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री अनिल कुमार पटेल सहित एनएसएस स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकगण एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक दायित्व मानते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश दिया ।
इस अवसर पर पूर्व प्रांत प्रचारक श्री सिंहपाल सिंह ने कहा, "एक पौधा केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव भी रखता है। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भारतीय संस्कृति की पहचान है । प्रत्येक नागरिक यदि पौधारोपण के साथ उसके संरक्षण का भी संकल्प ले, तो आने वाले समय में हमारा देश अधिक हरित, स्वच्छ और समृद्ध बनेगा।" विभागाध्यक्ष, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी डॉ. राजीव सक्सेना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण स्वस्थ समाज की आधारशिला है। वृक्षों की बढ़ती संख्या न केवल प्रदूषण को नियंत्रित करती है, बल्कि जनस्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है । उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया ।
विश्वविद्यालय पौधारोपण नोडल अधिकारी डॉ. अमित उपाध्याय ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका नियमित संरक्षण, सिंचाई एवं संवर्धन सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है । उन्होंने सभी स्वयंसेवकों और कैडेट्स से लगाए गए प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया ।
एनएसएस समन्वयक डॉ. धनंजय पाण्डेय ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का नियमित संरक्षण और संवर्धन किया जाए। वहीं एनसीसी लेफ्टिनेंट डॉ. संदीप कुमार श्रीवास्तव ने कैडेट्स को पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्रसेवा का अभिन्न अंग बताते हुए अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया ।
शिवाजी इकाई के कार्यक्रम अधिकारी श्री अनिल कुमार पटेल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। उन्होंने स्वयंसेवकों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए परिसर एवं समाज को अधिक हरित, स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाने का संकल्प लिया । विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वृहद पौधारोपण अभियान को हरित एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 01/07/2026

दिनांक 01 जुलाई 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर निर्माण के उद्देश्य से वन प्रभाग, गोरखपुर, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत ‘वन महोत्सव’ कार्यक्रम का भव्य शुभारम्भ किया गया । कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री महेन्द्र पाल सिंह जी, विधायक, पिपराइच विधानसभा क्षेत्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री शुभम सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर, श्री विनीत कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर तथा श्री दिनेश कुमार चौरसिया, क्षेत्रीय वनाधिकारी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण, दीप प्रज्ज्वलन तथा पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया । इसके उपरान्त विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक स्वरूप पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अत्यंत सुव्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ ।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में माननीय श्री महेन्द्र पाल सिंह जी, विधायक, पिपराइच विधानसभा क्षेत्र ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक उत्तरदायित्व है । उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान भारतीय संस्कृति, मातृ सम्मान तथा प्रकृति संरक्षण की भावनाओं का अद्भुत संगम है।* प्रत्येक व्यक्ति यदि अपनी माता के सम्मान में कम-से-कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो देश में हरित क्रांति को नई गति मिलेगी। उन्होंने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों से पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के नियमित संरक्षण एवं संवर्धन का भी आह्वान किया ।
विशिष्ट अतिथि श्री शुभम सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर ने अपने संबोधन में कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण तक सीमित कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने का व्यापक जनआंदोलन है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है । उन्होंने युवाओं से अधिकाधिक संख्या में पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया ।

श्री विनीत कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी, गोरखपुर ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं। वृक्ष हमें शुद्ध वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता तथा प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधारोपण को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की ।
श्री दिनेश कुमार चौरसिया, क्षेत्रीय वनाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधा लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका संरक्षण करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण हेतु प्रेरित किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने की । इस अवसर पर डॉ. गिरधर वेदान्तम, प्राचार्य, आयुर्वेद कॉलेज तथा डॉ. धनंजय पाण्डेय, कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय सेवा योजना सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि वन महोत्सव अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में कुल 10,000 पौधों का रोपण किया जाएगा, जिनमें 8,000 फलदार पौधे तथा 2,000 औषधीय पौधे शामिल हैं । यह अभियान विश्वविद्यालय परिसर को हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। साथ ही, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक इन पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का दायित्व भी निभाएंगे, जिससे यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी उदाहरण बन सके ।
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से 50 बच्चों को आम के पौधे वितरित किए गए । अतिथियों ने बच्चों को अपनी माताओं के सम्मान में एक-एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प दिलाया । इस प्रेरणादायी पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रभावी संदेश दिया गया ।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ हुआ । उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी नियमित देखभाल करने तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 25/06/2026

दिनांक 24 जून 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में "नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह" का सफल आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित करना था । कार्यक्रम में नशा मुक्ति नोडल अधिकारी श्री दिलीप कुमार मिश्रा की उपस्थिति रही । इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया । अपने संबोधन में श्री दिलीप कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज के लिए अत्यंत घातक है । उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें तथा स्वयं जागरूक बनकर समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें । उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और उनका स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।
इस अवसर पर श्री प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. राम एवं डॉ. पूजा मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, खेलकूद एवं राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया । कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति का संदेश प्रसारित करने की शपथ ली। विश्वविद्यालय परिवार ने संकल्प व्यक्त किया कि "नशा मुक्त भारत अभियान" को जन-जन तक पहुंचाकर एक स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देगा ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 20/06/2026

दिनांक 20 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के छठे दिवस के अवसर पर गम्भीरनाथ गार्डन में योग मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया । इस अवसर पर डॉ. वैसाख आर, श्री चन्द्रजीत यादव एवं श्री जयंत गंगवार उपस्थित रहे । डॉ. वैसाख ने योग एवं विभिन्न आसनों के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए नियमित योगाभ्यास के महत्व को बताया । उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सर्वोत्तम माध्यम है । कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन नागार्जुन बैच के प्रियांशु प्रियम, सुमेश, कनक लता, हिमांशु चौधरी, राजेश, श्रद्धा, प्रगति यादव एवं विपुल द्वारा किया गया । योगाभ्यास के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए प्रेरित किया गया ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 20/06/2026

दिनांक 19 जून 2026 को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के पंचकर्म ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के पाँचवें दिवस पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया ।
कार्यक्रम के अंतर्गत माधवकर बैच के विद्यार्थियों द्वारा श्रीजन के नेतृत्व में एक प्रेरणादायक नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया गया । इसके अतिरिक्त सागरिका, अदिति मिश्रा, दीक्षिता, खुशी सोनी एवं प्रिंसी कुशवाहा द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। मेघा एवं अनुष्का द्वारा मधुर गीतों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया । वहीं सौरभ तिवारी एवं उत्कर्ष सिंघल ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और अधिक रोचक बनाया । विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शायरियों ने भी दर्शकों की भरपूर सराहना प्राप्त की ।
इस अवसर पर डॉ. वैशाख आर., डॉ.श्रीनाथ आर, डॉ. बी.डी. भारती, डॉ. संध्या पाटक , डॉ. विजीषा सहित अनेक शिक्षकगण उपस्थित रहे तथा अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई ।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. वैसाख आर. ने सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए योग, संस्कृति एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। प्रियांशु प्रियम ने समारोह आयोजन कराया था । कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण एवं प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के साथ हुआ ।

Photos from NSS - Mahayogi Gorakhnath University Gorakhpur's post 19/06/2026

अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह के अवसर पर दिनांक 18 जून 2026 को पंचकर्म ऑडिटोरियम में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया । कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. धनंजय पाण्डेय (एन.एस.एस. समन्वयक, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय) थे । डॉ. पाण्डेय ने "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रचार-प्रसार एवं उत्सव में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का योगदान" विषय पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया । उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में योग को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता एवं उसके विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला । साथ ही भारतीय जीवन-दर्शन के चार पुरुषार्थ धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष की महत्ता को समझाते हुए योग के माध्यम से उनके संतुलित एवं सार्थक अनुसरण पर विचार व्यक्त किए ।
उन्होंने समाज में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका, उसके उद्देश्यों तथा सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण में उसके योगदान की विस्तृत जानकारी प्रदान की। व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा । इस अवसर पर डॉ. वैसाख आर. एवं डॉ. श्रीनाथ आर. की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने व्याख्यान का लाभ उठाया तथा योग एवं सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की ।

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