12/01/2026
विद्वान ये मानते हैं कि मनुष्य असीमित संभावनाओं का प्राणी है | यह बात सभी के लिए सत्य है और ये सकारात्मक या नकारात्मक दोनों ही सन्दर्भों में लागू होती है |एक कुत्ता हमेशा कुत्ते जैसा ही बर्ताव करता है, उसकी समस्त जैविक क्रियांये सदैव एक सामान होंगी | एक शेर अपने हिंसक प्रवृत्ति के लिए जाना या पहचाना जाता है | किन्तु मनुष्य की संभावना अनन्त है| वह कब अपने मानवोचित गुणों को त्यागकर जानवर बन जायेगा, ये बता पाना मुश्किल है |वह न तो पूर्ण रूप से मानव है और न ही जानवर |