Little champs knowledge hub
यही जुनून यही एक ख्वाब मेरा है,
वहां चिराग जला दू जहां अंधेरा है..!✌️
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English winglish 💕
बड़ी बात 💕
#सुविचार #विचार #कथन #अभिव्यक्ति
24/06/2026
Guess 💫
24/06/2026
पहेली बुझाई 🥳
#पहेली
24/06/2026
चाफेकर या चापेकर बंधुओं को भी आज याद करते हैं क्योंकि तीन भाइयों में सबसे बड़े दामोदर चाफेकर की आज जयन्ती है। पुणे में तीन सगे भाई थे- दामोदर, बालकृष्ण और वासुदेव। सन 1857 की क्रान्ति के बाद अंग्रेजों के विरुद्ध दूसरी सशस्त्र क्रान्ति के प्रणेता थे चाफेकर बंधु। सन 1897 में पुणे में प्लेग फैला। प्लेग के मरीजों की खोजबीन में पुणे के घर-घर की तलाशी होने लगी। इस तलाशी के दौरान प्लेग कमिश्नर रैंड ने ज्यादती की। घर में घुसकर मारपीट, महिलाओं के साथ अत्याचार की घटना हर घर में होने लगी जो कमिश्नर रैंड के नेतृत्व में कारित की गई। चाफेकर बंधु इससे कुपित हो गये। उन्होंने चंदा इकट्ठा कर हथियार का जुगाड़ किया और क्रान्तिकारियों के एक दल का गठन किया।
1897 में महारानी विक्टोरिया के जन्मदिन की हीरक जयंती ब्रिटिशर्स द्वारा मनाई जा रही थी जिसमें जुलूस निकाला गया। आगे चल रही गाड़ी में बैठे अंग्रेज अफसर को रैंड समझ कर बालकृष्ण ने उसे गोली मार दी। वह अफसर तत्काल मर गया। इतने में पीछे से दूसरी गाड़ी आई जिसमें रैंड बैठा था। दामोदर ने रैंड को पहचान लिया और उसे देखते ही गोली मार दी। रैंड भी घटनास्थल पर ही मर गया। बाद में कुछ लोगों की गद्दारी के कारण दामोदर पकड़े गये। आनन फानन में उन पर मुकदमा चलाकर फांसी 1897 में ही दे दी गई।
अब कमान बालकृष्ण और वसुदेव के हाथ में थी। उन्होंने पुणे व आसपास के इलाके में घात लगाकर चुन चुन कर अंग्रेजों को मारना शुरू कर दिया। अनेक थानों के हथियार लूट लिये। लेकिन अंततः 1899 में बालकृष्ण व वसुदेव भी पकड़े गये और हंसते हंसते फांसी के फंदे पर झूल गये।
चाफेकर बंधुओं का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। लाला लाजपत राय ने उनके बलिदान को जीवित रखा।
देश को ऐसे बलिदानियों पर गर्व है।
शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।
जय हिन्द! जय भारत!
🙏
23/06/2026
Coconuts are one of nature’s most remarkable travelers, able to float across oceans for thousands of miles and still grow into trees when they reach land. According to Biology Insights, coconuts are naturally designed for long distance dispersal through water, a process known as hydrochory. Their fibrous husk and tough shell protect the seed inside, while an internal air cavity keeps them buoyant, allowing them to survive weeks or even months at sea without sprouting or decaying.
This ability is one of the reasons coconuts are found across tropical and subtropical regions worldwide. When a coconut finally washes ashore on a humid tropical beach, it can germinate and grow into a palm tree. This natural process has shaped coastal ecosystems for centuries, creating groves of coconut palms along shorelines from the Caribbean to the Pacific islands.
हनुमान जी की कृपा से आपका हर दिन मंगलमय हो 🙏
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