24/08/2026
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*♨️ आज का प्रेरक प्रसंग ♨️*
*!!धैर्य और निरंतर प्रयास!!*
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एक छोटे से नगर में *माधव* नाम का एक युवक रहता था। वह एक साधारण परिवार से था, लेकिन उसके मन में कुछ बड़ा करने का संकल्प था। उसने कई बार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, पर हर बार असफलता ही हाथ लगी।
हर असफलता के बाद उसके मित्र और आसपास के लोग उसे ताने देते—“यह तेरे बस की बात नहीं”, “कोई छोटा-मोटा काम कर ले।” धीरे-धीरे माधव का मन भी डगमगाने लगा।
एक दिन वह बहुत निराश होकर पास के एक मंदिर में गया। वहाँ उसने देखा कि एक वृद्ध पुजारी पत्थर पर धीरे-धीरे जल की बूंदें गिरा रहे थे। माधव ने आश्चर्य से पूछा, “महाराज, इससे क्या होगा?”
पुजारी मुस्कुराए और बोले, “बेटा, यह पत्थर बहुत कठोर है, लेकिन निरंतर गिरती जल की बूंदें एक दिन इसमें भी निशान बना देती हैं। यही धैर्य और निरंतर प्रयास की शक्ति है।”
माधव को यह बात सीधे हृदय में उतर गई। उसे समझ आ गया कि उसकी असफलता उसकी क्षमता की कमी नहीं, बल्कि उसके धैर्य की परीक्षा है।
उस दिन के बाद उसने न तो दूसरों की बातों पर ध्यान दिया, न ही परिणाम की चिंता की। वह रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ता, अपनी कमजोरियों को सुधारता और पूरे मन से प्रयास करता रहा।
समय बीतता गया। कई महीनों की मेहनत के बाद जब परिणाम आया, तो इस बार माधव ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। वही लोग, जो कभी उसका मज़ाक उड़ाते थे, अब उसकी सराहना कर रहे थे।
माधव ने मुस्कुराते हुए केवल इतना कहा, “मैंने कुछ नया नहीं किया, बस रुकना नहीं सीखा।”
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*शिक्षा 👉*
धैर्य और निरंतर प्रयास से असंभव भी संभव हो जाता है। परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हम हार न मानें तो सफलता निश्चित रूप से हमारे कदम चूमती है।