16/05/2026
NEET पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर जब देश के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं, तब इस घटना को “समय अनुकूल नहीं था” या किसी दैवी संकेत से जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि छात्रों की मेहनत का भी अपमान है।
इंद्रेश जी महाराज और NV Sir जैसे प्रभावशाली लोगों से उम्मीद की जाती है कि वे तथ्यों और जिम्मेदारी की बात करेंगे, लेकिन इस मामले में बयान ज्यादा भावनात्मक और कम तार्किक नजर आया। पेपर लीक कोई आध्यात्मिक घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है।
जब कोई शिक्षक या सार्वजनिक व्यक्ति ऐसे मुद्दों पर अंधविश्वास या भाग्य आधारित तर्क देता है, तो असली सवाल पीछे छूट जाते हैं — आखिर पेपर बाहर कैसे आया, जिम्मेदार लोग कौन हैं, और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों हुआ? लाखों छात्रों ने वर्षों मेहनत की, कई परिवारों ने अपनी बचत लगा दी, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे बयान युवाओं को वास्तविक समस्याओं से भटका सकते हैं। शिक्षा व्यवस्था सुधारने की बजाय अगर हर गलती को “समय”, “किस्मत” या धार्मिक संकेतों से जोड़ दिया जाएगा, तो जवाबदेही कभी तय नहीं होगी।
देश के छात्रों को सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए। उन्हें आध्यात्मिक बहाने नहीं, बल्कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सख्त कार्रवाई चाहिए।
07/06/2021
06/06/2021
06/06/2021
03/06/2021
09/05/2021
02/05/2021
07/02/2021
07/02/2021
24/01/2021