09/08/2025
घोषणा
#वरिष्ठ_रचनाकार_विभूति_आनन्द_केँ_देल_जायत_2025क_लक्ष्मी_हरि_स्मृति_विशिष्ट_उपन्यासकार_सम्मान”
आइ 09 अगस्त, 2025 कें ई जनतब दैत प्रसन्नता भ’ रहल अछि जे लक्ष्मी-हरि स्मृति उपन्यास सम्मान समिति वर्ष 2025 मे ‘लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान’ वरिष्ठ उपन्यासकार विभूति आनन्द केँ देबाक निर्णय तीन-सदस्ययीय चयन मंडलक सर्वसम्मति सँ लेल गेल निर्णय के आधार पर कयलक अछि। सम्मान-अर्पण सह उपन्यास केंद्रित महत्त्वपूर्ण चर्चाक आयोजन दिल्ली मे 28 सितंबर, 2025 कें अपराह्न 3:00 बजे सँ संध्या 6:00 बजे धरि हैत। एहि आयोजन मे अनेक मैथिल विद्वान लेखक कवि जुटताह।
जनतब हो जे मैथिली मे उपन्यास लेखन कें बढ़ावा देबाक उद्देश्य सँ साहित्यकार श्रीधरम एवं हुनक पत्नी प्रोमिला अपन माता-पिता महालक्ष्मी एवं हरिदास जीक स्मृति मे वर्ष 2021 मे एहि सम्मानक आरंभ अंतिका संग केने रहथि। बहुत कम समय मे एहि सम्मान कें व्यापक प्रतिष्ठा और स्वीकार्यता भेटल अछि। वर्ष 2021 मे ई सम्मान सच्चिदानंद सच्चू कें हुनक उपन्यास ‘लालटेनगंज’ आ 2022 मे विभा रानी कें ‘कनियाँ एक घुंघरुआवाली’क लेल देल गेल छल। एहि सम्मानक लेल चयनित दुनू उपन्यासक प्रकाशन अंतिका प्रकाशन सँ भेल अछि।
वर्ष 2023 मे कोनो पाण्डुलिपि कें योग्य नहि पाओल गेल तें उपन्यास केन्द्रित संगोष्ठीक आयोजन कयल गेल छल आ 2024 मे सेहो वैह स्थिति बनलै, तँ वरिष्ठ रचनाकार गंगेश गुंजन आ सुभाष चंद्र यादव केँ 'लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान' सँ सम्मानित कयल गेल। अही श्रृंखला मे एहू वर्ष सम्मान-योग्य पांडुलिपि नहि भेटलाक स्थिति मे आयोजन समिति अपन भाषाक वरिष्ठतम उपन्यासकार केर सम्मान करबाक उद्देश्य सँ ‘लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान' देबाक निर्णय करैत एक निर्णायक मण्डल गठित कयलक। प्रसन्नता जे ई निर्णय सर्वसम्मति सँ भेल। एहि सम्मान संग सम्मानित उपन्यासकारक उपन्यास पर गंभीर चर्चा सेहो हैत।
एहि सम्मान लेल गठित चयन समिति मे शामिल भेलाह— वरिष्ठ कवि-कथाकार-आलोचक तारानंद वियोगी, कवि-आलोचक प्रोफेसर अरविंद मिश्र आ कथाकार-उपन्यासकार शुभेन्दु शेखर
एहि सम्मानक संयोजक गौरीनाथ एकर घोषणा करैत कहैत अछि, "वरिष्ठ रचनाकार विभूति आनन्द के सम्मानक ई अवसर हमरा सभक लेल आह्लादक क्षण थिक। ई मैथिलीक ओ रचनाकार छथि जे निरंतर पर्याप्त लेखन करैत मातृ भाषाक सेवा मे लागल रहलाह। हिनक उपन्यास मे मिथिलाक गामक नव रूप सोझाँ अबैत अछि।
सर्व सम्मति सँ नियम मे परिवर्तन करैत आगामी वर्ष सँ एहि सम्मानक अंतर्गत उपन्यासक संगहि कथेतर गद्य केर पांडुलिपि सेहो आमंत्रित अछि आ पूर्व मे सम्मानित साहित्यकार सेहो आगामी वर्ष लेल अपन नव पांडुलिपि पठा सकैत छथि।
चयन-समितिक सदस्य लोकनिक संगहि पांडुलिपि पठबैवला लेखक सभक प्रति सेहो अंतिका परिवार दिस सँ हम आभार व्यक्त करैत छी।”
लक्ष्मी-हरिदास जीक पुत्र आ एहि आयोजनक महत्त्वपूर्ण स्तम्भ श्रीधरम सम्मान लेल चयनित उपन्यासकार विभूति आनंदक प्रति शुभकामनाक संग कहैत छथि, “ई हमरा सभक अग्रज रचनाकार छथि जिनक लेखन अगिला पीढ़ी लेल प्रेरक हैत। उमेद करैत छी हिनका सँ प्रेरित भ’ सक्रिय उपन्यास लेखक आ कथेतर गद्य लेखक अगिला बेर बेसी नीक पांडुलिपि पठौताह आ मैथिली उपन्यास आ कथेतर गद्य लेखनक जड़ता सेहो टूटत।”
परिचय : डॉ. विभूति आनन्द
जन्म : 04 अक्टूबर, 1955 केँ शिवनगर, मधुबनी मे।
शिक्षा : मैथिली सँ एम.ए. आ पटना विश्वविद्यालय सँ पी-एच. डी.।
कृति : एहि प्रयोगधर्मी रचनाकारक एखन धरि करीब दू दर्जन प्रकाशन आकार मे आबि गेल छनि। आधुनिक मैथिलीक हरेक विधा उपन्यास, कथा, कविता, डायरी, संस्मरण आदि मे अपन सार्थक हस्तक्षेप केनिहार ई रचनाकार वैचारिक स्तर पर लोकचेतनाक पक्षधर रहल छथि। हिनकर मौलिक प्रकाशन मे सँ किछु प्रमुख अछि: गाम सुनगैत, काठ, प्रवेश, खापड़ि महक धान, एकटा उड़ल फुर्र, बाबाक एकटा गाम रहनि, पराजित-अपराजित, अभिनय, श्री ललित आ हुनक कथा-यात्रा, हरिमोहन झाक रचना-कर्म आदि।
एकर अतिरिक्त ई कतेको पत्रिका आ पोथी सम्पादित कयने छथि।
रंगमंच मे सेहो सक्रिय एहि रचनाकार के कथाक वातावरण, कथ्य, ट्रीटमेंट आदि हिनका मैथिलीक आन कथाकार सँ फराक धरातल पर ठाढ़ करैत छनि।
आर. एन. कॉलेज पंडौल सँ प्राचार्य के पद सँ सेवा निवृत्तिक बाद संप्रति स्वतंत्र लेखन मे सक्रिय छथि।
साहित्य अकादमी पुरस्कार (2006) सहित अनेक सम्मान सँ सम्मानित छथि।
ई मेल : [email protected]