15/01/2026
Day6
Antika prakashan
Hall 2-3
Stall N. 06
अंतिका साहित्य, संस्कृति, विचार की जनपक्षधरता के साथ पाठकीय विश्वास पर निरंतर क़दम बढ़ाता मिशन है
15/01/2026
Day6
Antika prakashan
Hall 2-3
Stall N. 06
14/01/2026
Hall no. 2-3
Stall no. N.-06
13/01/2026
विश्व पुस्तक मेला में यह अंक अंतिका प्रकाशन के स्टॉल (हॉल नं 2-3, स्टॉल नं. N -06) पर उपलब्ध है।
13/01/2026
Antika Prakashan Pvt. Ltd.
Hall no. 2-3
Stall no. N.-06
12/01/2026
विश्व पुस्तक मेला 2026 के दूसरे दिन...
30/09/2025
प्रेस विज्ञप्ति
लक्ष्मी हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान विभूति आनंद को अर्पित
नई दिल्ली, 28 सितम्बर 2025। आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज, धौलाकुआं, नई दिल्ली के सभागार में 'लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान' अर्पण समारोह का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। वर्ष 2025 का यह सम्मान मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार विभूति आनंद को प्रदान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अरविंद मोहन ने अंतिका परिवार के साथ अपने लंबे जुड़ाव की चर्चा करते हुए इस सम्मान को एक जरूरी और महत्वपूर्ण वार्षिक आयोजन बताया। वरिष्ठ कवि केदार कानन और जेएनयू के प्रोफेसर देवशंकर नवीन ने सम्मानित रचनाकार की रचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके विशाल लेखन की चर्चा की जिसमें यह भी बताया गया कि उनका लेखन मात्रा में जीवकांत से भी ज्यादा है। कथाकार शुभेंदु शेखर ने विभूति आनंद के उपन्यासों की विस्तृत चर्चा की तो खुद विभूति आनंद ने अपने लिए लिखते रहने को बहुत जरूरी बताया।
बीएचयू के प्रोफेसर रामाज्ञा शशिधर ने हरिदास की आत्मकथा 'जनम जुआ मति हारहु' पर अपनी बातें रखते हुए कहा कि हरिदास की आत्मकथा मिथिला के किसान समाज मात्र की पीड़ा-कथा नहीं कहती, मिथिला राज के दमन और उत्पीड़न के सच को भी साहस पूर्वक उजागर करती है।
द्वितीय सत्र में मैथिली के वरिष्ठ कवि-कथाकार व आलोचक तारानंद वियोगी ने मैथिली उपन्यास के अतीत और वर्तमान की चर्चा करते हुए बताया कि मैथिली में गिनती में भले हजार उपन्यास हो जाएं, गौरतलब उपन्यासों की संख्या दस-पंद्रह से अधिक नहीं है। वहीं वरिष्ठ आलोचक प्रोफेसर कमलानंद झा ने मैथिली आलोचना की दृष्टिहीनता, विचित्रता और पूर्णकालिक आलोचक के अभाव को रेखांकित किया।
अंतिका प्रकाशन के संपादक तथा कार्यक्रम के संयोजक कथाकार गौरीनाथ ने स्वागत के क्रम में उपन्यास विधा के लोकतांत्रिक गुणों और उसके उद्देश्यों की चर्चा की और बताया कि विचारार्थ आने वाली पांडुलिपि में भी यह गुण खोजने की कोशिश रहती है। फिर घोषणा की कि अगले वर्ष से इस सम्मान के अंतर्गत उपन्यास के साथ-साथ कथेतर गद्य की पांडुलिपि पर भी समान रूप से विचार किया जाएगा। पिछले वर्षों में जिनको इस सम्मान से नवाजा गया है, अब वे भी पुनः अपनी पांडुलिपि विचारार्थ भेज सकते हैं। साथ ही सम्मान योग्य कोई भी पांडुलिपि नहीं मिलने की स्थिति में दिए जाने वाले "विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान" में मामूली परिवर्तन करते हुए भविष्य में इसकी जगह "विशिष्ट रचनाकार सम्मान" दिया जाएगा।
हरिदास के पुत्र और मैथिली हिन्दी के कहानीकार-आलोचक श्रीधरम ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालने के क्रम में मैथिली उपन्यास के काल विभाजन और उसके विकास को दर्शाने की कोशिश की।
प्रथम सत्र के अंत में विभूति आनंद पर लिखी गई समीक्षात्मक और संस्मरणात्मक पुस्तक 'कथा एखन शेष...' भाग 1एवं 2 का विमोचन उपस्थित विद्वानों के हाथों किया गया।
प्रथम तथा द्वितीय सत्र का संचालन क्रमश: कथाकार शुभेंदु शेखर तथा श्रीधरम ने किया। मैथिली के साहित्यिक कार्यक्रम में दिल्ली के साहित्यकारों, खासकर मैथिली साहित्यकारों की उपस्थिति सराहनीय रही जिनमें सारंग कुमार, मोहन यादव, आभा झा, अकबर रिजवी, प्रकाश झा, वैद्यनाथ मिश्र, निवेदिता झा, संस्कृति मिश्र, कविता पाठक, प्रोमिला सहित अनेक साहित्यनुरागी शामिल थे।
22/09/2025
लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान अर्पण समारोह 2025 मे अपने सभ कें सादर आमंत्रित करैत प्रसन्नता भ' रहल अछि। बेसी सँ बेसी संख्या मे आबि अहाँ सभ एहि आयोजन कें सफल-सार्थक करब से भरोस अछि।
28 सितम्बर, 2025, अपराह्न 3: 30 बजे, सभागार, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज, धौलाकुआं, नई दिल्ली
10/08/2025
धन्यवाद समदिया मिथिला
09/08/2025
घोषणा
#वरिष्ठ_रचनाकार_विभूति_आनन्द_केँ_देल_जायत_2025क_लक्ष्मी_हरि_स्मृति_विशिष्ट_उपन्यासकार_सम्मान”
आइ 09 अगस्त, 2025 कें ई जनतब दैत प्रसन्नता भ’ रहल अछि जे लक्ष्मी-हरि स्मृति उपन्यास सम्मान समिति वर्ष 2025 मे ‘लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान’ वरिष्ठ उपन्यासकार विभूति आनन्द केँ देबाक निर्णय तीन-सदस्ययीय चयन मंडलक सर्वसम्मति सँ लेल गेल निर्णय के आधार पर कयलक अछि। सम्मान-अर्पण सह उपन्यास केंद्रित महत्त्वपूर्ण चर्चाक आयोजन दिल्ली मे 28 सितंबर, 2025 कें अपराह्न 3:00 बजे सँ संध्या 6:00 बजे धरि हैत। एहि आयोजन मे अनेक मैथिल विद्वान लेखक कवि जुटताह।
जनतब हो जे मैथिली मे उपन्यास लेखन कें बढ़ावा देबाक उद्देश्य सँ साहित्यकार श्रीधरम एवं हुनक पत्नी प्रोमिला अपन माता-पिता महालक्ष्मी एवं हरिदास जीक स्मृति मे वर्ष 2021 मे एहि सम्मानक आरंभ अंतिका संग केने रहथि। बहुत कम समय मे एहि सम्मान कें व्यापक प्रतिष्ठा और स्वीकार्यता भेटल अछि। वर्ष 2021 मे ई सम्मान सच्चिदानंद सच्चू कें हुनक उपन्यास ‘लालटेनगंज’ आ 2022 मे विभा रानी कें ‘कनियाँ एक घुंघरुआवाली’क लेल देल गेल छल। एहि सम्मानक लेल चयनित दुनू उपन्यासक प्रकाशन अंतिका प्रकाशन सँ भेल अछि।
वर्ष 2023 मे कोनो पाण्डुलिपि कें योग्य नहि पाओल गेल तें उपन्यास केन्द्रित संगोष्ठीक आयोजन कयल गेल छल आ 2024 मे सेहो वैह स्थिति बनलै, तँ वरिष्ठ रचनाकार गंगेश गुंजन आ सुभाष चंद्र यादव केँ 'लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान' सँ सम्मानित कयल गेल। अही श्रृंखला मे एहू वर्ष सम्मान-योग्य पांडुलिपि नहि भेटलाक स्थिति मे आयोजन समिति अपन भाषाक वरिष्ठतम उपन्यासकार केर सम्मान करबाक उद्देश्य सँ ‘लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यासकार सम्मान' देबाक निर्णय करैत एक निर्णायक मण्डल गठित कयलक। प्रसन्नता जे ई निर्णय सर्वसम्मति सँ भेल। एहि सम्मान संग सम्मानित उपन्यासकारक उपन्यास पर गंभीर चर्चा सेहो हैत।
एहि सम्मान लेल गठित चयन समिति मे शामिल भेलाह— वरिष्ठ कवि-कथाकार-आलोचक तारानंद वियोगी, कवि-आलोचक प्रोफेसर अरविंद मिश्र आ कथाकार-उपन्यासकार शुभेन्दु शेखर
एहि सम्मानक संयोजक गौरीनाथ एकर घोषणा करैत कहैत अछि, "वरिष्ठ रचनाकार विभूति आनन्द के सम्मानक ई अवसर हमरा सभक लेल आह्लादक क्षण थिक। ई मैथिलीक ओ रचनाकार छथि जे निरंतर पर्याप्त लेखन करैत मातृ भाषाक सेवा मे लागल रहलाह। हिनक उपन्यास मे मिथिलाक गामक नव रूप सोझाँ अबैत अछि।
सर्व सम्मति सँ नियम मे परिवर्तन करैत आगामी वर्ष सँ एहि सम्मानक अंतर्गत उपन्यासक संगहि कथेतर गद्य केर पांडुलिपि सेहो आमंत्रित अछि आ पूर्व मे सम्मानित साहित्यकार सेहो आगामी वर्ष लेल अपन नव पांडुलिपि पठा सकैत छथि।
चयन-समितिक सदस्य लोकनिक संगहि पांडुलिपि पठबैवला लेखक सभक प्रति सेहो अंतिका परिवार दिस सँ हम आभार व्यक्त करैत छी।”
लक्ष्मी-हरिदास जीक पुत्र आ एहि आयोजनक महत्त्वपूर्ण स्तम्भ श्रीधरम सम्मान लेल चयनित उपन्यासकार विभूति आनंदक प्रति शुभकामनाक संग कहैत छथि, “ई हमरा सभक अग्रज रचनाकार छथि जिनक लेखन अगिला पीढ़ी लेल प्रेरक हैत। उमेद करैत छी हिनका सँ प्रेरित भ’ सक्रिय उपन्यास लेखक आ कथेतर गद्य लेखक अगिला बेर बेसी नीक पांडुलिपि पठौताह आ मैथिली उपन्यास आ कथेतर गद्य लेखनक जड़ता सेहो टूटत।”
परिचय : डॉ. विभूति आनन्द
जन्म : 04 अक्टूबर, 1955 केँ शिवनगर, मधुबनी मे।
शिक्षा : मैथिली सँ एम.ए. आ पटना विश्वविद्यालय सँ पी-एच. डी.।
कृति : एहि प्रयोगधर्मी रचनाकारक एखन धरि करीब दू दर्जन प्रकाशन आकार मे आबि गेल छनि। आधुनिक मैथिलीक हरेक विधा उपन्यास, कथा, कविता, डायरी, संस्मरण आदि मे अपन सार्थक हस्तक्षेप केनिहार ई रचनाकार वैचारिक स्तर पर लोकचेतनाक पक्षधर रहल छथि। हिनकर मौलिक प्रकाशन मे सँ किछु प्रमुख अछि: गाम सुनगैत, काठ, प्रवेश, खापड़ि महक धान, एकटा उड़ल फुर्र, बाबाक एकटा गाम रहनि, पराजित-अपराजित, अभिनय, श्री ललित आ हुनक कथा-यात्रा, हरिमोहन झाक रचना-कर्म आदि।
एकर अतिरिक्त ई कतेको पत्रिका आ पोथी सम्पादित कयने छथि।
रंगमंच मे सेहो सक्रिय एहि रचनाकार के कथाक वातावरण, कथ्य, ट्रीटमेंट आदि हिनका मैथिलीक आन कथाकार सँ फराक धरातल पर ठाढ़ करैत छनि।
आर. एन. कॉलेज पंडौल सँ प्राचार्य के पद सँ सेवा निवृत्तिक बाद संप्रति स्वतंत्र लेखन मे सक्रिय छथि।
साहित्य अकादमी पुरस्कार (2006) सहित अनेक सम्मान सँ सम्मानित छथि।
ई मेल : [email protected]
#लक्ष्मी_हरि_स्मृति_उपन्यास_सम्मान_2025_लेल
#उपन्यासक_पांडुलिपि_सादर_आमंत्रित
“लक्ष्मी-हरि स्मृति उपन्यास सम्मान 2025" लेल अंतिका प्रकाशन दिस सँ मैथिली मे मौलिक-अप्रकाशित उपन्यासक पांडुलिपि सादर आमंत्रित अछि। एहि सम्मानक शुरुआतक पाछाँ उद्येश्य मूलतः मैथिली मे उपन्यास-लेखन केँ प्रोत्साहित करबाक दिशा मे एक टा विनम्र प्रयास थिक। एहि सँ पहिने ई सम्मान 2021 मे सच्चिदानंद सच्चू कें 'लालटेनगंज' उपन्यास लेल, 2022 मे विभा रानी कें 'कनियाँ एक घुँघरुआवाली' उपन्यास लेल देल गेलनि। गत वर्ष 2023 मे कोनो पांडुलिपि केँ योग्य नहि पाओल गेला पर तीन सत्र मे उपन्यास केंद्रित एक टा सेमीनार केर आयोजन कयल गेल छल आ 2024 मे एहन स्थिति मे दू गोट वरिष्ठ उपन्यासकार, गंगेश गुंजन आ सुभाष चंद्र यादव कें सम्मानित करबाक सर्वसम्मति सँ निर्णय भेल छल।
आगामी आयोजन लेल रचनाकार लोकनि सँ विनम्र आग्रह जे ून_2025 धरि अपन पांडुलिपि अंतिकाक ई-मेल अथवा डाक पता पर पठाबी।
सम्मान सँ सम्बन्धित नियम आ शर्त :
1. उपन्यास मूलतः मैथिली मे हो आ स्तरीय हो। कम सँ कम चालीस हजार शब्दक हो।
2. पांडुलिपि वर्ड फाइल आकि पेजमेकर मे टंकित हैब बेसी नीक। टंकित पांडुलिपि ईमेल करी। हस्तलिखित पांडुलिपिक फोटो प्रति विशेष स्थिति मात्र मे स्वीकार्य होअत--फोटो कॉपी साफ आ पढ़' मे सुविधाजनक होइ आ से तीन सेट मे रहय आ ओहि पर पहिल पन्ना के अतिरिक्त कतहु नाम नहि हो।
3. सम्मानक घोषणा 9 अगस्त केँ (महालक्ष्मी जीक पुण्यतिथि पर) कयल जायत आ सम्मान अर्पण सह पुस्तक विमोचन कार्यक्रम 28 सितंबर केँ (हरिदास जीक पुण्यतिथि पर) सम्पन्न हैत।
4. पांडुलिपि प्रकाशित करबाक अधिकार ‘अंतिका प्रकाशन’क पक्ष मे रहत आ प्रकाशित पुस्तकक लेखकीय छह प्रतिक संग एगारह हजार टाका, 28 सितंबरक सादगीपूर्ण सम्मान समारोह सह विमोचन कार्यक्रम मे लेखक केँ स्मृति चिह्न, मानपत्र आ अंग वस्त्र संग देल जयतनि।
5. कार्यक्रम (सम्मान-समारोह सह विमोचन) सामान्यतः चनौरा गंज (झंझारपुर, मधुबनी) अथवा नई दिल्ली मे होयत। विशेष स्थिति मे आयोजक स्थान परिवर्तन क' सकैत अछि।
6. कार्यक्रम मे अबै-जाइक मार्गव्यय आ अन्य व्यवस्था आयोजक करत।
7. सम्मानक अंतिम निर्णय तीन सदस्यीय चयन-समितिक हैत। ओहि पर कोनो विवाद मान्य नइँ।
8. सम्मानित कृतिक अतिरिक्त जँ बाकी पांडुलिपि प्रकाशन योग्य हैत तँ ओकरो प्रकाशनक पहिल अधिकार अंतिकाक हैत।
9. विशेष स्थिति मे जँ एक संग दू गोट कृतिकारक रचना एक पर एक होइ आ एक टा केँ खारिज करब कठिन, तँ ओहि स्थिति मे दुनू केँ संयुक्त रूप सँ पुरस्कृत कयल जायत। तहिना यदि कोनो वर्ष कोनो कृति सम्मान योग्य नइँ रहत तँ ओहि वर्ष सम्मान कार्यक्रम स्थगित रहत, मुदा उपन्यास केंद्रित विमर्श होयत।
10. ई सम्मान प्रति वर्ष एही तिथि-क्रम मे सम्पन्न करबाक प्रयास रहत।
11. एहि सम्मानक प्रायोजक छथि डॉ. प्रोमिला आ डॉ. श्रीधरम।
पांडुलिपि सभक प्रतीक्षा अछि।
आयोजक
अंतिका प्रकाशन प्रा लि
सी-56/यूजीएफ-4, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2,
गाजियाबाद-201005
ईमेल : [email protected]
दूरभाष : +91-9874856053
10/08/2024
एहि बेरक 'लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यास सम्मान' केर समाचार कें प्रमुखता सं स्थान देबाक लेल सभ पत्रकार बंधुक संग प्रभात खबर, दैनिक भास्करदैनिक, जागरण आ समदिया मिथिला आदि समाचारपत्र क प्रति सेहो आभार।
('लक्ष्मी-हरि स्मृति विशिष्ट उपन्यास सम्मान'-2024 की घोषणा को समाचार-पत्रों में प्रमुखता से स्थान देने के लिए समाचारपत्र खासकर प्रभात खबर, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण और समदिया मिथिला आदि के संग पत्रकार मित्रों का हार्दिक आभार)
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