14/07/2026
विषय: सार्वजनिक खंभों और पिलरों पर पोस्टर लगाने की प्रथा पूर्णतः बंद की जानी चाहिए
सार्वजनिक खंभों, फ्लाईओवर पिलरों, दीवारों और अन्य सरकारी ढांचों पर पोस्टर लगाना एक ऐसी प्रथा है जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। यह केवल अवैध पोस्टरों की समस्या नहीं है, बल्कि स्वयं पोस्टर संस्कृति (Poster Culture) ही शहरों की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित करती है।
यदि किसी पोस्टर को अनुमति मिल भी जाए, तब भी वह सार्वजनिक स्थान को विज्ञापन के माध्यम में बदल देता है। खंभे और पिलर नागरिक सुविधा और शहरी संरचना के लिए बनाए जाते हैं, न कि प्रचार, राजनीति, निजी व्यवसाय या व्यक्तिगत छवि निर्माण के लिए।
पोस्टर लगाने से होने वाले नुकसान
1. शहर की सुंदरता कम होती है – सैकड़ों पोस्टरों से सार्वजनिक स्थान अव्यवस्थित और भरे हुए दिखाई देते हैं।
2. दृश्य प्रदूषण (Visual Pollution) बढ़ता है – नागरिकों को हर तरफ विज्ञापन और प्रचार सामग्री देखने को मिलती है।
3. सफाई पर अतिरिक्त खर्च बढ़ता है – पोस्टर हटाने, गोंद साफ करने और पुनः रंगाई पर सार्वजनिक धन खर्च होता है।
4. राजनीतिक और व्यावसायिक अतिक्रमण बढ़ता है – सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग निजी प्रचार के लिए होने लगता है।
5. पर्यावरणीय नुकसान होता है – कागज, प्लास्टिक फ्लेक्स और बैनर अतिरिक्त कचरा पैदा करते हैं।
अन्य देशों से सीख
जापान में बाहरी विज्ञापनों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टरों के लिए कड़े नियम हैं तथा कई क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन सौंदर्य और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे प्रदर्शन पर प्रतिबंध या सख्त नियंत्रण लागू करता है। (e-Gov Law Search)
सिंगापुर में भी सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन और पोस्टर लगाने के लिए कठोर अनुमति व्यवस्था है तथा अनधिकृत प्रदर्शन पर कार्रवाई की जाती है। (Building and Construction Authority)
सुझाव
* सार्वजनिक खंभों, पिलरों, पुलों और सरकारी ढांचों पर किसी भी प्रकार के पोस्टर, बैनर या फ्लेक्स लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
* राजनीतिक, धार्मिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत प्रचार के लिए सार्वजनिक संपत्ति का उपयोग न किया जाए।
* शहरों को स्वच्छ, सरल और दृश्य प्रदूषण से मुक्त रखने की नीति अपनाई जाए।
* डिजिटल सूचना बोर्ड या निर्धारित निजी विज्ञापन स्थलों का उपयोग किया जाए।
निष्कर्ष
सार्वजनिक ढांचे नागरिकों की संपत्ति हैं। इन्हें प्रचार सामग्री से भरना शहर की पहचान, सुंदरता और स्वच्छता को कमजोर करता है। इसलिए खंभों और पिलरों पर पोस्टर लगाने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करना अधिक उचित होगा। Giaw India |