28/04/2026
दिनांक- 24 अप्रैल 2026 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद के प्राचार्य डॉ. योगेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा “टीचिंग, लर्निंग एंड असेसमेंट फॉर पीजी स्टूडेंट्स” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कॉलेज काउंसिल रूम में किया गया। यह कार्यशाला सुबह 9ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों एवं चिकित्सकों ने सक्रिय भागीदारी की। चिकित्सा शिक्षा का महत्व आज के समय में अत्यंत बढ़ गया है, क्योंकि यह न केवल चिकित्सकों के ज्ञान और कौशल को उन्नत करती है, बल्कि रोगियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम की शुरुआत “ग्रुप डायनेमिक्स” सत्र से हुई, जिसे डॉ. नीता गर्ग ने प्रस्तुत किया। इसके बाद “गोल्स, रोल्स एंड कॉम्पिटेंसीज” विषय पर डॉ. आशुतोष भारद्वाज तथा “इंटरएक्टिव एंड इनोवेटिव टीचिंग मेथड्स” पर डॉ. नीता गर्ग ने मार्गदर्शन दिया। “यूज़ ऑफ अप्रोप्रियेट मीडिया” सत्र डॉ. मुकेश शर्मा द्वारा संचालित किया गया। “प्रिंसिपल ऑफ एसडीएल” पर डॉ. रितु वर्मा ने विचार रखे, जबकि “फीडबैक” सत्र डॉ. कीर्ति विश्वकर्मा द्वारा लिया गया। “फ्रेमिंग अप्रोप्रियेट एसे प्रश्न विषय पर डॉ. मुकेश शर्मा ने विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त “असेसमेंट के विभिन्न तरीके (कॉग्निटिव, साइकोमोटर एवं कम्युनिकेशन स्किल्स)” पर डॉ. मुनीश खन्ना ने सत्र लिया। दोपहर के सत्र में “ब्लूप्रिंट एवं प्रश्नपत्र निर्माण” पर डॉ. मुकेश शर्मा, “माइक्रोटीचिंग” पर डॉ. प्रेर्णा जैन तथा “रिफ्लेक्शन राइटिंग” पर डॉ. लेखा तुली ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यूपी मेडिकल काउंसिल द्वारा इस कार्यशाला को 3 क्रेडिट घंटे प्रदान किए गए।
28/04/2026
दिनांक-23.04.2026 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में प्रधानाचार्य, में प्रधानाचार्य डॉ. योगेश गोयल के कुशल मार्गदर्शन में श्विश्व ऑटिज़्म जागरूकता माह का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में ऑटिज़्म के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था। कार्यक्रम का संचालन मनोचिकित्सा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अरु शिखा सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ऑटिज़्म के लक्षणों और इसके बेहतर प्रबंधन के बारे में अत्यंत संक्षिप्त एवं सरल भाषा में जानकारी साझा की। डॉ. अरु शिखा सिंह ने बताया कि सही समय पर पहचान और उचित व्यवहार संबंधी थेरेपी से ऑटिज़्म से प्रभावित व्यक्तियों के जीवन में सकारात्मक सुधार लाया जा सकता है। जागरूकता अभियान के अंतर्गत नर्सिंग छात्रों द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से छात्रों ने समाज में ऑटिज़्म से जुड़े विभिन्न मिथकों पर प्रहार किया और दर्शकों को सही वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त, व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से (सूचना, शिक्षा और संचार) सामग्री का वितरण किया गया। यह सामग्री ओपीडी क्षेत्र में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और आशा कार्यकर्ताओं के बीच वितरित की गई। साथ ही, ओपीडी परिसर में जगह-जगह पोस्टर और पंपलेट्स प्रदर्शित किए गए ताकि अधिक से अधिक लोग इस विकार के प्रति जागरूक हो सकें। इस अवसर पर कॉलेज के विभिन्न विभागों के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
23/04/2026
17 अप्रैल 2026 स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद में प्रधानाचार्य, डा0 (प्रो0) योगेश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में सामान्य मेडिसिन एवं बाल रोग विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विश्व हीमोफिलिया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता सत्र में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए हीमोफिलिया मरीजों और उनके तीमारदारों को इस बीमारी के प्रबंधन और बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, सामान्य मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने मरीजों को संबोधित करते हुए कहा कि हीमोफिलिया एक आनुवंशिक विकार है, जिसमें शरीर में रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। उन्होंने समय पर जांच और नियमित उपचार के महत्व पर जोर दिया। बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एल. के. गुप्ता ने बच्चों में हीमोफिलिया के लक्षणों की पहचान और प्रारंभिक देखभाल के बारे में बताते हुए कहा कि सही जानकारी और सावधानी से हीमोफिलिया पीड़ित मरीज भी एक सामान्य और गुणवत्तापूर्ण जीवन जी सकते हैं। आयोजन के दौरान चिकित्सकों ने मरीजों की शंकाओं का समाधान किया और उन्हें उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। कार्यक्रम में विभाग के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्र उपस्थित रहे।