12/07/2024
With Khushal Jeevan – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
Hi friends
I am very grateful to you for visiting my page DEEPADILSE. Here you get cooking related
12/07/2024
With Khushal Jeevan – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
10/07/2024
#अजीनोमोटो
को हम इसके रासायनिक नाम मोनो सोडियम ग्लूटामेट के नाम से भी जानते है !
इसको संक्षिप्त में हम एमएसजी नाम से भी जानते है. ..
अजीनोमोटो की कंपनी का मुख्य कार्यालय चोओ,
टोक्यो में स्थित है !
यह 26 देशों में काम करता है.
इसका इस्तेमाल ज्यादातर चीन की खाद्य पदार्थो में
खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है. ..
पहले हम अधिकांशतः घर पर बने खाने को खाते थे,
लेकिन अब लोग चिप्स, पिज्ज़ा और मैगी जैसे खाने को ज्यादा पसंद करने लगे हैं !
जिनमे अजीनोमोटो का इस्तेमाल होता है.
इसका इस्तेमाल कई डिब्बाबंद फ़ास्ट फ़ूड सोया सॉस, टोमेटो सॉस, संरक्षित मछली जैसे सभी संरक्षित खाद्य उत्पादों में किया जाता है.
अजीनोमोटो
को पहली बार 1909 में जापानी जैव रसायनज्ञ किकुनाए इकेडा के द्वारा खोजा गया था.
उन्होने इसके स्वाद को मामी के रूप में पहचाना जिसका अर्थ होता है
सुखद स्वाद.
कई जापानी सूप में इसका इस्तेमाल होता है.
इसका स्वाद थोडा नमक के जैसा होता है. देखने में यह चमकीले छोटे क्रिस्टल के जैसा होता है.
इसमें प्राकृतिक रूप से एमिनो एसिड पाया जाता है. ..
किन्तु
आज दुनिया के हर कुक खाने में स्वाद को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करते है.
एमएसजी का इस्तेमाल सुरक्षित माना गया है,
इसका
इस्तेमाल पहले चीन की रसोई में होता था,
लेकिन अब ये धीरे धीरे हमारे भी घरों की रसोई में अपना पैठ बना चुका है.
अपने
समय को बचाने के लिए जो हम 2 मिनट में नुडल्स को तैयार कर ग्रहण करते है इस तरह के अधिकांशतः खाद्य पदार्थो में यह पाया जाता है जो धीरे धीरे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते है. ..
यह
एक प्रकार से
नशे की लत जैसा होता है अगर आप एक बार अजीनोमोटो युक्त भोजन को ग्रहण कर लेते है,
तो
आप उस भोजन को नियमित खाने की इच्छा रखने लगेंगे. ..
इसके
सेवन से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है. ..
जब
आप एमएसजी मिले पदार्थो का सेवन करते है, तो रक्त में ग्लूटामेट का स्तर बढ़ जाता है.
जिस की
वजह से इसका शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है.
एमएसजी
को एक धीमा हत्यारा🔥 भी कहा जा सकता है !!
यह
आँखों की रेटिना को नुकसान पहुंचाता है साथ ही यह थायराईड और कैंसर जैसे रोगों के लक्षण पैदा कर सकता है.
अजीनोमोटो
से युक्त खाद्य पदार्थो का अगर नियमित सेवन किया जाये तो यह माइग्रेन पैदा कर सकता है जिसको हम अधकपाली भी कहते है.
इस बीमारी में आधे सिर में हल्का हल्का दर्द होते रहता है.
एमएसजी
के अधिक सेवन से मोटापे के बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है हमारे शरीर में मौजूद लेप्टिन हॉर्मोन,
हमे भोजन के अधिक सेवन को रोकने के लिए हमारे मस्तिष्क को संकेत देते है.
अजीनोमोटो के सेवन से ये प्रभावित हो सकता है जिस वजह से हम ज्यादा भोजन कर जल्द ही मोटापे से ग्रस्त हो सकते है. ..
खैर
फास्ट फूड के तो सभी दीवाने हैं ही ,परंतु सोच समझकर हमे सेवन करना चाहिए,ताकि हमारे शरीर में कोई विकार उत्पन्न न हो।।
आपको पोस्ट कैसी लगी,अगर अच्छी लगी हो तो लाईक, कमेंट्स,शेयर और फॉलो जरूर कीजियेगा 🙏
🙏धन्यवाद🙏
#किसान
09/07/2024
स्वादिष्ट एवं पौष्टिक - बेसन के लड्डू 🧆
सामग्री -
100 g चम्मच घी
1/2 चम्मच इलायची पाउडर
300 g बेसन (मोटा पिसा हुआ)
150 -200 g चीनी
2 बड़े चम्मच कटे हुए सूखे मेवे
विधि - कड़ाई में घी गरम करें और बेसन को धीमी आंच पर भूनेंI
बेसन अच्छे से भून जाने खुशबू आने लगेगी और रंग अच्छा गोल्डन ब्राउन हो जाएगाI गैस बंद कर दे और बेसन को एक प्लेट में निकाल लेI गरम बेसन में ही कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर मिलायेI थोड़ा ठंडा होने के बाद शक्कर का बुरा डालकर हाथों से अच्छे से मिलायेI छोटे - छोटे लड्डू बना लेI बेसन लड्डू तैयारI बेसन के लड्डू को 25-25 दिन तक स्टोर कर सकते हैं
#किसान
08/07/2024
चलिए कुछ पुरानी यादें ताजा कर लेते हैं |
गर्मी की तपती धूपहरी जब हम आज AC मे सोना पसंद करते है तब एक दौर ये भी था जब सब महिलाएं मिलकर सेवइयाँ बनाती थी और बच्चो की टोली धूप मे फैलाती थी❤🥰🥰🥰......घर घर बुलउआ सेवई बनाने का ....एक दूसरे के घरो मे बड़ी मुगौड़ी आचार खटाई की तरह सेवईं भी मिलजुल कर बनाई जाती थी ...कितने खुशी खुशी सब एक दूसरे की मदद करते थे ...क्या मजाल जो किसी का काम अधूरा रह जाए.........कौन बच्चा सबसे अच्छे से फैलाएगा उसे इनाम मिलेगा इस लालच मे हम सबमे एक होड रहती थी की सबसे अच्छा मेरा काम होगा .......आटा को दुपट्टे या किसी महीन कपड़े से छान छान कर सेवई का आटा बनाया जाता फिर मशीन खटिया मे लगाई जाती.....मशीन कसने से लेकर सिवई बनाने तक कितने लोग अपना अपना हुनर दिखा देते .......फिर नंबर आता बड़ी अम्मा का जो आटे को टाइट टाइट गूँथ कर मशीन मे डालती जाती और लड़कियों की टोली मशीन चलाने के लिए तैयार रहती ........सारे बच्चे अपनी थाली प्लेट बेना लेकर मशीन के नीचे लगाने को बेचैन ......काम करने और करवाने मे भी कितना सामंजस्य होता था की पलक झपकते बड़े बड़े काम हो जाते थे ..........
पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक और शेयर जरूर करे 🙏🙏🙏🙏
#किसान
07/07/2024
🍛 बचे हुए खाने का सही उपयोग 🍛
1.यदि चावल बच गया है तो उसमें सूजी,नमक, दही और गुनगुना पानी मिलाकर मिक्सी में पीस लें और इस से इडली बना लें।
2. बचे हुए चावल में सफेद तिल, साबूत धनिया, सौंफ ,लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, बेसन और नमक मिलाकर उसके पकौड़े भी बना सकते हैं.
3. नूडल्स बच जाये तो सूप ,स्प्रिंग रोल बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं या मिक्स सब्जियों को मिलाकर कटलेट भी बना सकते हैं.
4. रोटियां बच जाए तो मिक्सर में पीस कर घी , सूखे मेवे और गुड़/ चीनी मिलाकर लड्डू बना सकते हैं.
5. साबूत उड़द की दाल बच गई हो तो 1/2 कप दूध और थोडा बटर मिलाकर पकाएं, प्याज ,लहसून, ,अदरक ,हरी मिर्च और थोड़ा गरम मसाला मिलाकर तड़का लगा दे । स्वादिष्ट दाल मक्खनी तैयार है।
6. बची हुई रोटी को गर्म घी में तलकर/ तवे पर सेक कर ऊपर जीरावन डालें।कुरकुरा पापड़ तैयार
7. मावे की मिठाई बच जाए तो मैश करके थोड़े से घी में भून लें। आटे को गूंथ लें और इसे भरकर मीठी पूरियां तल लें।पूरन पोली तैयार.
8. इडली बच जाये तो राई, लाल मिर्च और कढ़ी पत्ते का तड़का लगा दें। नमक और धनिया मिलाये.फ्राइड इडली तैयार.
9. गाजर के हलवे को आटे में भरकर मीठी पूरी या परांठे बना लें।
10. बची हुई ब्रेड स्लाइस पर शिमला मिर्च,प्याज और चीज को कद्दूकस करके लगाए और ग्रिल कर लें। ब्रेड पिज्जा तैयार।
11. बचे हुए ब्रेड का चूरा कर ले । दूध , मलाई,घी और मैदा मिलाकर छोटे-छोटे गोले बनाकर तल लें और चीनी की चाशनी में डाल दें। ब्रेड के गुलाब जामुन तैयार .
12. बची हुई सब्जियों को मैश करके उसमें ब्रेड का चूरा या बेसन, अदरक और हरी मिर्च मिलाकर कटलेट बना लें।
13. सब्जी को मैश करके, बेसन के घोल में डुबाकर तल लें। कोफ्ते तैयार। ग्रेवी में डाल कर कोफ्ते की सब्जी बना सकते हैं.
14. सब्जियां बच गयी है तो एक पैन में घी गरम कर के राई का तड़का लगाए. टमाटर, गरम मसाला, पाव भाजी मसाला डाल कर मैश कर लें। पाव भाजी तैयार।
15. बची हुई पूरी /रोटी को सुखा ले और चुरा कर ले. तेल में राई, जीरा, हींग,कढ़ी पत्ते का तड़का लगाकर प्याज व तले हुए मूंगफली के दाने भी मिला दें। इसमें पूरी या रोटी का चूरा डालकर पोहा बना लें। नींबू, हरा धनिया मिलाए.
16. बची हुई रोटी के बीच में बची हुई पत्ता गोभी की सब्जी रख कर मोड़ दे और तवे पर घी लगा कर सेक ले....रोटी पिज़्ज़ा तैयार.
17. दही बड़े बच जाएं तो कढ़ी में डाल दें। बड़े वाली कढ़ी तैयार।
18.कटे टमाटर, प्याज, पनीर, हरा धनिया और बचे हुए छोलों को एक साथ मिला लें। ऊपर से कालीमिर्च पाउडर, काला नमक , चाट मसाला, जीरा पाउडर, नमक, चटनी ,नींबू का रस मिलाएं चना चाट तैयार .
19. बची हुई दाल/ सब्जी में हरी मिर्च, हरा धनिया, कसूरी मेथी, सौंफ, अजवाइन, नमक और आटा डालकर गूंथ लें और परांठे बना लें।
20. बची हुई दाल में आटा, सूजी, व घी मिलाकर गूंथ लें और छोटी-छोटी मठरियां बेलकर तल लें।
21. बची हुई अरहर की दाल, लौकी और अन्य सब्जियां, सांभर मसाला और टमाटर डालकर उबाल लें।राई और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाए. सांबर तैयार.
22. बचे हुए चावल में बारीक कटी सब्ज़ियाँ मिलाकर वेजीटेबल पुलाव बना लें।
23. बचे हुए चावल में घी, चीनी या गुड़ और ड्राई फ्रूड्स डालकर मीठे चावल बना ले.
24. बचे हुए चावल में उबला आलू ,ब्रेड का चूरा, नमक, हरी मिर्च, हरा धनिया, गरम मसाला मिलाकर कटलेट बना लें।
25. बची ही चाशनी में मैदा और सूजी मिलाकर मीठे शक्कर पारे बना लें।
26. बची हुई चाशनी में इमली का गूदा, ,सोंठ, नमक आदि डालकर मीठी चटनी भी बना सकते हैं।
27. चाशनी को शरबत/ खीर, हलवा बनाने मे उपयोग कर सकते हैं।
28. छाछ खट्टी हो गई हो तो उसमें पानी मिला कर कुछ देर रख दें। उसके बाद ऊपर से पानी निकाल दें, छाछ का खट्टापन कम हो जाएगा।
29. यदि दही ज्यादा खट्टा हो गया है तो उसमें थोड़ा दूध मिला दे खटाई कम हो जाएगी।
#किसान
06/07/2024
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध खाद्य व्यंजन पूरण पोली बनाने की विधि क्या है?
ये पूरनपोली अपने खाने के लिए बनाई थी, इस लिए मैदा की जगह आटा इस्तेमाल किया है ।खुद को खाना है तो खाने की सूरत से ज्यादा खाने की पौष्टिकता को देखती हूँ ।
मैदा से बनी पूरनपोली पतली और ज्यादा अच्छी दिखाई देती है ।
सामग्री
1कप चना दाल 3-4 घंटे भीगी हुई
थोड़ा पानी नमक हल्दी डाल कर उबालें । उंगली से दबाने पर नरम हो ।ज्यादा पानी छान कर अलग कर दे।
कडाही में 1टेस्पून घी, दाल और बराबर मात्रा में लगभग 1 कप गुड कतर कर डालें । गैस पर गरम कर मैश करते हुए सुखाए।
एक साथ आने लगे, तब गैस से उतार ले।ठंडा होने पर छान लें ।
जायफल और इलायची पाउडर डालें ।
दुबारा 1 बड़े चम्मच धी में हलका भून कर पूरण तैयार करें ।
आटा/आटा + मैद… (और देखें)
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध खाद्य व्यंजन पूरण पोली बनाने की विधि क्या है?
महाराष्ट्रीयन व्यंजनों में पूरनपूरी बहुत लज़ीज़ पकवान है। चने की दाल और गुड़ या चीनी के मिश्रण से तैयार किया जाता है।
पूरनपूरी बनाने हेतु आवश्यक सामग्री
1-मैदा: - 2 1/2 कप या 300 ग्राम।
2-चने की दाल: - 1/2 कप से अधिक या 100 ग्राम भीगने रखें।
3-नमक: - 1 चुटकी।
4-देसी घी: - 4 से 5 बड़ी चम्मच।
5-चीनी: - 2/3 कप या 150 ग्रया
5-गुड़: - 75 ग्राम और चीनी: - 75 ग्राम।
6-इलायची पाउडर: - 1/2 छोटी चम्मच।
पूरनपूरी बनाने की विधि
सबसे पहले चने की दाल को 2 घन्टे के लिए पानी में भिगोदें।
मैदा को 2 बड़ी चम्मच देसी घी और हल्का सा नमक लेकर मिलालें। फिर आटे में गुनगुने पानी से गूथ लीजिये। गुथे आटे को 25 मिनट सैट होने के लिये रखें।
2 घंटे बाद कुकर में चनें की दाल और 1/2 कप पानी उबालने रखिये। कुकर मैं एक सीटी आने तक डाल उबालें। कुकर का प्रेसर समाप्त होने पर कुकर मैं से दाल निकाल कर छलनी की सहायता डाल का पानी अलग कर दें। दाल ठंडा होने पर मिक्सर जार में डालकर पीसे।
दाल और चीनी या गुड़ चीनी की पिट्ठी
पिट्ठी तैयारी हेतु पिसी दाल को कढाई में डालें। कढ़ाई मैं बारीक तोड़कर गुड़ और चीनी डालें। या सिर्फ चीनी ही डाल सकते है यह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है। दाल को लगातार चलाते हुए मिश्रण को गाढ़ा होने तक पकाये।
मिश्रण गाढ़ा होते ही इलाइची पाउडर डालें। मिश्रण मैं इलायची पाउडर मिल जाये तब मिश्रण को बाउल में निकाल लीजिए। पूरी में पिट्ठी भरने के लिये पूरन (पिट्ठी) तैयार है।
पूरन पूरी बनाये
पूर्व में लगाए गए आटे और तैयार किए गए पूरन पिट्ठी को बराबर बराबर अलग अलग भागों में तोड़कर आटे की और पीटी की 11 से 12 लोई बना लीजिए। आटे की लोई लेकर 4 से 5 इंच बेलकर पूरन की एक लोई आटे के बेले हुए भाग पर रखकर बंद करें। और पुनः बेलकर 8 इंच तक बेलें। इस प्रकार बेले हुए पराठे को तबे पर देशी घी की सहायता से डार्क गोल्डन ब्राउन और चित्ती आने तक सैकें। इसी प्रकार बाकी पूरन पूरी तैयार करे। पूरन पूरी तैयार है।
पूरन पूरी को चटनी, आम या नींबू के अचार के साथ परोसिये और खाइये। ठंडा होने के बाद यदि एअर टाइट डिब्बे रखा जाय तो पूरे 8 से 10 दिन खराब नही होती है।
05/07/2024
करैली!
बहुत सारे लोगों को करेला अत्यंत प्रिय होता है तो कई सारे लोग उसके कड़वे स्वाद की वजह से इसे कम पसन्द करते हैं। बच्चे तो खास तौर पर कड़वाहट की वजह से खाने से दूर भागते हैं।
इस समय के करेले मुझे सबसे अधिक पसन्द होते हैं क्योंकि ये छोटे छोटे मोटे मोटे होते हैं जिन्हें भरकर कलौंजी (भरवा करेला) बनाना बड़ा आसान होता है। अन्य सीजन में तो लंबे, पतले करेले आते हैं जिन्हें चिप्स की तरह काटकर प्याज वाली सब्जी बनती है।
बचपन में मुझे चेचक ( बड़ी माता) हुई थी। ठीक होने के बाद भोजन करने की इच्छा नही होती थी तब नानी जी ने कहा कि या तो मेरा बनाया नीम का काढ़ा पियो या सुबह दातुन करने के बाद चबा कर नीम की कोमल पत्तियों को खा जाया करो इससे भूख खुल जायेगी!
नीम की पत्ती के सेवन के कुछ ही दिनों बाद मुझे खुब भूख लगने लगी और खाने में करेला ही अच्छा लगता था। बाड़ में यदि एक करेला लगा होता था तो मैं उसे ही तोड़ लाती मामी जी से चूल्हे में भुनवा कर चोखा बनाकर खाती थी।
कहते हैं कि करेला रसोई का डॉक्टर और बुखार का दुश्मन होता है। तस्वीर में जो करेला दिख रहा है ये करेला नही बल्कि करेली है जिसे कुछ लोग वन करेली भी कहते हैं।
ये करेलियां बोई नही जाती हैं बल्कि धरती माता की तरफ से हमे उपहार स्वरूप मिली है। ये खाली भूमि पर, झाड़ियों में स्वत उगती है पक कर झड़े इनके बीज तीन चार महीने तक धरती मां की कोख में सुरक्षित रहते हैं। गर्मियों में जब सारा सिवान साफ हो जाता है और बारिश का पहला पानी गिरता है तब ये अपने आप उग आती हैं।
हमारी तरफ जो अपने आप उगता है उसे लमेरा कहते हैं। परन्तु कुछ चीजें लमेरा नहीं बल्कि इन करेलियों की भांति शुद्ध जैविक होती हैं।
इन करेलियों की सब्ज़ी एक बार यदि आप ने खा लिया तो हर जगह आपकी निगाहें इन्हे खोजती फिरेगी।
ये करेले की अपेक्षा कम कड़वी और स्वाद में काफी गुना स्वादिष्ट होती हैं।
इन्हे पतला पतला काटकर लोहे की कड़ाही में या तवे पर सरसों के तेल में सिर्फ सादा नमक धनिया पाउडर डालकर बना दीजिए इतनी स्वादिष्ट बनती हैं कि आप कई रोटी ज्यादा खा जायेंगे।
बाकी छोटे छोटे आलू संग, प्याज संग बनाइए या जिस तरह भी पसन्द करते हैं बनाइए लेकिन एक बार खाने के बाद इसका स्वाद नही भूलेंगे इस बात की पूरी गारंटी है।
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01/07/2024
Here's a simple recipe for Vada Pav
Ingredients:
- 1 cup chickpea flour (besan)
- 1/2 cup yogurt
- 1/4 teaspoon baking soda
- 1/4 teaspoon asafoetida (optional)
- 1/2 teaspoon cumin seeds
- 1/4 teaspoon turmeric powder
- 1/4 teaspoon red chili powder (optional)
- Salt, to taste
- 2 tablespoons oil
- 2 cups water
- 4-6 bread buns (pav)
- Chutney (green or tamarind)
- Butter or oil, for toasting
Instructions:
1. Mix chickpea flour, yogurt, baking soda, asafoetida (if using), cumin seeds, turmeric powder, red chili powder (if using), and salt in a bowl.
2. Add water and mix well to form a smooth batter.
3. Heat oil in a deep frying pan and drop small portions of the batter to form vadas (fritters).
4. Fry until golden brown and crispy.
5. Drain and place on paper towels.
6. Toast the bread buns with butter or oil.
7. Assemble the vada pav by placing a vada in each bun, along with some chutney.
8. Serve immediately and enjoy!
Note: You can also add additional ingredients like garlic, ginger, or coriander leaves to the batter for extra flavor.
01/07/2024
वड़ा पाव बनाने की रेसिपी:
सामग्री:
पाव - 6 टेस्टी पाव
बटाटे - 4 मध्यम आकार के, उबले और मसले हुए
बेसन - 1 कप
हरी मिर्च - 2, बारीक कटी हुई
अदरक-लहसुन पेस्ट - 1 चमच
लाल मिर्च पाउडर - 1 चमच
हल्दी पाउडर - 1/2 चमच
धनिया पाउडर - 1 चमच
नमक - स्वादानुसार
तेल - तलने के लिए
कटोरी पानी - 1/2 कप
तरीका:
एक कटोरी में बेसन, हरी मिर्च, अदरक-लहसुन पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, और नमक डालकर अच्छे से मिला लें। इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक गाढ़ा बैटर बना लें।
अब बटाटे को मसल दें: एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गरम करें। फिर उसमें हरी मिर्च डालें और सुनहरी होने तक भूनें। फिर उसमें उबले हुए बटाटे डालें और अच्छे से मिला लें। बटाटे में नमक और धनिया पाउडर भी डालें।
अब गरम तेल में बेसन का बैटर लगाकर गोल वड़े तलें, जब तक गोल्डन ब्राउन नहीं हो जाते। फिर वड़े निकालकर पेपर टावल पर रखें।
पाव को आधा काटकर तवे पर सुनहरी होने तक सेकें।
एक पाव के बीच में दो वड़े रखें और उसके ऊपर बटाटे का मसाला लगाकर कच्ची केसरी चटनी या हरी चटनी से सर्व करें।
वड़ा पाव तैयार हैं। गरम-गरम परोसें और मजे से खाएं।
आप इसे गर्मा-गरम गार्लिक चटनी के साथ भी परोस सकते हैं।
28/06/2024
Here is a simple recipe for Paneer Lababdar 😋😋
Ingredients:
- 250 gm paneer cubes
- 2 tablespoons butter
- 1 onion, chopped
- 2 cloves garlic, minced
- 1 tablespoon ginger paste
- 1 teaspoon cumin seeds
- 1 teaspoon coriander powder
- 1 teaspoon garam masala powder
- 1/2 teaspoon turmeric powder
- 1/2 teaspoon red chili powder
- Salt, to taste
- 2 tablespoons tomato puree
- 1 tablespoon heavy cream
- Fresh cilantro, for garnish
Instructions:
1. Heat butter in a pan, add cumin seeds and let them sizzle.
2. Add onions, garlic, and ginger paste. Cook until onions are translucent.
3. Add coriander powder, garam masala powder, turmeric powder, and red chili powder. Cook for 1 minute.
4. Add paneer cubes and cook until they are coated with the spice mixture.
5. Add tomato puree, salt, and heavy cream. Mix well.
6. Cook for 5-7 minutes or until the sauce thickens.
7. Garnish with cilantro and serve hot with naan or rice.
Enjoy your delicious Paneer Lababdar!
28/06/2024
पनीर लबाबदार 😋😋
पनीर लबाबदार एक पॉपुलर भारतीय पनीर डिश है जिसकी रेसिपी निम्नलिखित तरीके से बनाई जा सकती है:
सामग्री:
- पनीर - 250 ग्राम (कटा हुआ)
- प्याज - 2 (बारीक कटा हुआ)
- टमाटर - 2 (कटे हुए)
- हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी हुई)
- अदरक-लहसुन का पेस्ट - 1 टेबल स्पून
- धनिया पाउडर - 1 चमच
- हल्दी पाउडर - 1/2 चमच
- लाल मिर्च पाउडर - 1 चमच
- गरम मसाला - 1/2 चमच
- नमक स्वादानुसार
- तेल - 2 टेबल स्पून
- धनिया पत्ती - गार्निश के लिए
निर्देश:
1. एक कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें प्याज भूनें जब यह सुनहरा हो जाए तो उसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और अच्छे से मिला दें।
2. अब इसमें टमाटर, हरी मिर्च, और सभी मसाले डालें और अच्छे से मिला दें।
3. जब मसाले में तेल छोड़ दे तब उसमें पनीर डालें और अच्छे से मिला दें।
4. इसे 5-7 मिनट तक पकाएं और फिर धनिया पत्ती से गार्निश करें |