04/04/2026
*भक्तिमय वातावरण में नवीन सत्र का आगाज: सरस्वती विद्या मंदिर में सुंदरकांड और हवन का आयोजन*
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्याम नगर फर्रुखाबाद में आज नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) का भव्य एवं आध्यात्मिक शुभारंभ किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा इस अवसर पर सामूहिक सुंदरकांड पाठ एवं यज्ञ-हवन का आयोजन कर शिक्षा और संस्कार के नए अध्याय की शुरुआत की गई।
सुंदरकांड का सस्वर पाठ किया गया।विद्यालय के आचार्य श्री आलोक दीक्षित जी ने हवन संपन्न करवाया। संगीत की लहरों के बीच छात्रों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हनुमान जी की आराधना की। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में मानसिक शांति, एकाग्रता और भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव पैदा होता है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
रामानुज अग्निहोत्री
मीडिया प्रभारी
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
श्याम नगर फर्रुखाबाद
26/06/2025
पंचकोशीय विकास ही भारतीय शिक्षा का मूल आधार : श्री हेमचन्द्र जी
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🔹नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के पंचम दिवस में श्री हेमचन्द्र जी ने पंचकोशीय विकास की दी गूढ़ व्याख्या
🔹विद्या भारती कानपुर प्रान्त द्वारा आयोजित दस दिवसीय नवचयनित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग 2025 के पंचम दिवस के प्रथम सत्र में प्रमुख मार्गदर्शक श्री हेमचन्द्र जी (क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती पूर्वी क्षेत्र उत्तर प्रदेश) ने "सर्वांगीण समग्र विकास की कल्पना" विषय पर गहन उद्बोधन दिया।
🔹उदघाटन सत्र में मा0 हेमचंद्र जी(क्षेत्रीय संगठन मंत्री, विद्या भारती पूर्वी क्षेत्र), मा0 रजनीश जी(प्रान्त संगठन मंत्री, विद्या भारती कानपुर प्रान्त), श्री अयोध्या प्रसाद मिश्रा(प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती कानपुर प्रान्त), श्री विजय अवस्थी(विभाग कार्यवाह, फर्रुखाबाद विभाग रा0 स्व0 संघ) ,गौरव अग्रवाल जी व्यवस्थापक विद्या मंदिर श्यामनगर फर्रुखाबाद एवं श्री संजीव चौहान(प्रबंधक, स0 शि0/वि0 म0 सेनापति ने दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन किया।
🔹अपने सत्र में उन्होंने बताया कि शिशु का पंचकोशात्मक विकास ही हमारी भारतीय शिक्षा प्रणाली का मूल उद्देश्य है। यह पाँच कोश हैं – अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय तथा आनंदमय। उन्होंने कहा कि शारीरिक विकास हेतु अन्नमय कोश, प्राण ऊर्जा के संतुलन हेतु प्राणमय कोश, चित्त व मानसिक स्थिरता हेतु मनोमय कोश, विवेक व निर्णय क्षमता हेतु विज्ञानमय कोश और आत्मिक शुद्धता हेतु आनंदमय कोश का विकास आवश्यक है।
🔹उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्ति से लेकर परमेष्ठी तक की यात्रा पंचकोशों के विकास से ही संभव है। साथ ही विभिन्न कोशों के विकास में आहार, व्यायाम, स्वच्छता, ध्यान, सत्संग, सेवा, स्वाध्याय जैसे तत्वों की भूमिका को विस्तार से बताया।
प्रशिक्षणार्थियों ने सत्र को गहरी रुचि से ग्रहण किया और विषय की वैज्ञानिकता व आध्यात्मिकता को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
🔹मीडिया प्रभारी आलोक दीक्षित ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण वर्ग के दिन की शुरुआत 6बजे योग व्यायाम की कक्षा से होती है 9 बजे से दोपहर 12बजे तक वैचारिक व सैद्धांतिक सत्र रहते हैं दोपहर भोजनोपरान्त दो सत्र क्रियात्मक शैक्षणिक विषयश रहते है इस वर्ग में कानपुर प्रांत से 68प्रशिक्षार्थी उपस्थित हैं इस प्रशिक्षण वर्ग का समापन 30जून 2025को होगा
🔹आज अजय द्विवेदी जी संभाग निरीक्षक कानपुर, शिवकरन जी संभाग निरीक्षक बांदा, शिवसिंह जी प्रांत सेवा प्रमुख, आकाश श्रीवास्तव प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख,प्रधानाचार्य, रामकृष्ण बाजपेई जी , श्रीनारायण मिश्र जी ,आशीष दीक्षित, रत्नेश अवस्थी जी ओमप्रकाश शुक्ला जी , धर्मवीर सिंह जी आदि प्रधानाचार्य एवं गणमान्य उपस्थित रहे।
आलोक दीक्षित
मीडिया प्रभारी
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज श्यामनगर फर्रुखाबाद
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31/05/2025
*सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्याम नगर फर्रुखाबाद में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का समापन*: *कला, संगीत और आत्मरक्षा का संगम*
31 मई, 2025: शहर के प्रतिष्ठित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्याम नगर फर्रुखाबाद में शनिवार को दस दिवसीय ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का समापन हो गया। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक और कौशल-आधारित विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें अपनी गर्मियों की छुट्टियों का सदुपयोग करने और नए हुनर सीखने का अवसर मिला।
कार्यशाला का मुख्य आकर्षण संगीत, कला, नृत्य, मेहंदी, कला, ताइक्वांडो और ढोलक वादन जैसे विविध कार्यक्रम रहे।विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कार्यशाला के समापन के दौरान बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने और व्यक्तित्व विकास करने का एक बेहतरीन मंच था।
शिविर में दिए गए प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी:
* संगीत: संगीत प्रशिक्षण के तहत छात्रों को गायन और वादन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया गया।
* कला: कला सत्रों में चित्रकला, क्राफ्ट और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की कल्पनाशीलता को बढ़ावा दिया गया।
* मेहंदी: मेहंदी कला के विशेषज्ञ छात्रों को मेहंदी के विभिन्न डिजाइन और लगाने की तकनीक सिखाई गयी।
* नृत्य: नृत्य प्रशिक्षण में विभिन्न शैलियों जैसे शास्त्रीय और लोक नृत्य का समावेश किया गया , जिससे छात्र अपनी रुचि के अनुसार सीख सके।
* ताइक्वांडो: आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो का प्रशिक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां विशेषज्ञ प्रशिक्षक छात्रों को शारीरिक दक्षता और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करेगा।
* ढोलक वादन: ढोलक वादन के शौकीनों के लिए यह सत्र काफी लाभदायक सिद्ध हो रहा है, जहां उन्हें इस पारंपरिक वाद्य यंत्र को बजाने की बारीकियां सिखाई गयीं।
विद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यशाला ने छात्रों को उनकी छुट्टियों का सदुपयोग करने और रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न होने का एक शानदार अवसर प्रदान किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि छात्र इस कार्यशाला से जो कुछ सीखा इसका लाभ अपने भविष्य में उठाएंगे। कार्यशाला में छात्रों और अभिभावकों में भारी उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम के अंत प्रधानाचार्य जी ने आए हुए अतिथियों, अभिभावकों,प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले भैय्या बहिनों और प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
*मीडिया प्रभारी रामानुज अग्निहोत्री*
31/03/2025
Big shout out to my newest top fans! 💎 Sarvesh Kumar, Suryansh Singh, Vishal Pandey, Abhay Pandey
Drop a comment to welcome them to our community, fans
31/03/2025
*सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्याम नगर फर्रुखाबाद में वार्षिक परीक्षाफल एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम समारोह संपन्न*
आज दिनांक 31 मार्च 2025 दिन सोमवार को हमारे विद्यालय में 2024 -25 सत्र का *वार्षिक परीक्षाफल एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम* संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन तथा वंदना के पश्चात हुआ। जिसमें विद्यालय के *अध्यक्ष श्री उदयपाल सिंह,उपाध्यक्ष श्री सुधेश दुबे,प्रबंधक श्री गौरव अग्रवाल,सह प्रबंधक श्री रामगोपाल चौहान,श्री जुगल किशोर मिश्रा,प्रधानाचार्य श्री रामकृष्ण बाजपेई एवं श्री श्रीनारायण मिश्र* की गरिमामयी उपस्थिति रही।आए हुए अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रामकृष्ण बाजपेई जी ने कराया। आए हुए अतिथियों को अंग वस्त्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के *परीक्षा प्रमुख श्री जितेंद्र सिंह यादव जी* ने विद्यालय का परीक्षाफल वृत्त प्रस्तुत किया जिसमे विद्यालय के 996 भैया बहिनों की गृह परीक्षा दी।कक्षाश: विस्तृत परिणाम इस प्रकार है *बाल वर्ग* के 6अ में अर्चिता शर्मा, 6ब में विघ्नार्ज पांडेय,6स का संकल्प दीक्षित, 7अ में खुशीशर्मा,7ब में काव्यांश अग्निहोत्री, 7स में राजन यादव,8अ में आस्था सिंह, 8ब में केशव, 8स में आयुष कुमार *किशोर वर्ग* की 9अ में अनुष्का, 9ब में अरुण प्रताप सिंह एवं रमन राजपूत, 9स में केशव तिवारी, *तरुण वर्ग* की 11 अ में अनिका सिंह, 11ब में प्रियम राठौर 11स में स्वतंत्र सोमवंशी, 11Dमें सृष्टि प्रथम रहे।विद्यालय में जूनियर वर्ग में अर्चिता शर्मा एवं केशव ने संयुक्त रूप से तथा सीनियर वर्ग में केशव तिवारी ने टॉप किया।
*विद्यालय में सयुंक्त रूप से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने पर अर्चिता शर्मा एवं केशव को विद्यालय गौरव से सम्मानित किया गया*।विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री धर्मेन्द्र द्विवेदी,श्री रतन सिंह यादव, श्री सर्वेश पाल, श्री रामानुज अग्निहोत्री, श्री पूरन सिंह, श्रीमती नीलम सिंह को सम्मानित किया गया।
भैया बहनों को उपस्थिति, अनुशासन, वेश,वस्ता, लेखन,निबंध लेखन,मेंहदी,चार्ट,गणित प्रतियोगिता तथा संस्कृति ज्ञान परीक्षा पर भी पुरस्कार दिए गए।
*मुख्य अतिथि श्री जुगल किशोर मिश्रा जी* ने कहा कि भैया बहनों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करती होगी लक्ष्य उन्हीं को प्राप्त होता है जो मेहनत करने में पीछे नहीं हटते हैं उन्होंने सभी सफल हो ऐसी शुभकामना दी।
*विद्यालय के अध्यक्ष श्रीमान उदय पाल सिंह* ने यह कहा कि असफलता यह सिद्ध करती है कि प्रत्यत्न सही से नहीं किए गए अर्थात अगर हम सफल होना चाहते हैं तो अपने प्रत्यत्न सही ढंग से करने चाहिए।
विद्यालय के *प्रधानाचार्य श्री रामकृष्ण बाजपेई जी* ने भारतीय नव वर्ष विक्रम संवत 2082 की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम का संचालन *आचार्य श्री चन्दन लाल मिश्र ने किया*। *उपाध्यक्ष श्री सुधेश दुबे जी* ने सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सभी आचार्य बंधु आचार्या बहिनें अभिभावक भैया बहिन उपस्थित रहे।