27/09/2026
“वर्दी में देश की सेवा की… लेकिन आज आर मित्रा लौटे तो दिल फिर वही विद्यार्थी बन गया! ”
आज आर मित्रा जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, देवघर में ऐसा ही एक भावुक पल देखने को मिला।
विद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्र श्री संजय सिन्हा जी आज एलुमनी के रूप में अपने पुराने विद्यालय पहुँचे। भारतीय नौसेना में कमांडर के रूप में देश की सेवा करने वाले श्री सिन्हा जी कभी इसी विद्यालय के विद्यार्थी थे।
1978 के मैट्रिक टॉपर, छात्रवृत्ति प्राप्त विद्यार्थी और आर मित्रा की प्रथम बाल संसद के प्रधानमंत्री—उनकी पहचान में उपलब्धियों की लंबी सूची है, लेकिन विद्यालय की चौखट पर लौटते ही सबसे बड़ी पहचान फिर वही थी—“आर मित्रा का विद्यार्थी।”
आज उनसे हुई छोटी-सी बातचीत धीरे-धीरे यादों की यात्रा बन गई।
पुराना क्लासरूम,
क्लास टीचर की स्मृतियाँ,
विद्यालय के वे दिन,
वे साथी, वे सपने…
जैसे समय ने कुछ पल के लिए अपनी घड़ी रोक दी हो।
आँखों में nostalgia था, बातों में अपनापन था और चेहरे पर उस विद्यार्थी की खुशी थी, जो वर्षों बाद अपने पुराने घर लौट आया हो।
कभी इसी विद्यालय ने उनके सपनों को दिशा दी थी…
आज वही विद्यार्थी लौटकर उस विद्यालय की स्मृतियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बना गया।
शायद यही किसी विद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि है—
उसके विद्यार्थी उससे दूर जाकर भी उसकी पहचान बनते हैं और लौटकर उसकी यादों को फिर जीवंत कर देते हैं।