Manoj Kumar

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All our dreams can come true, if we have the courage to pursue them.

Photos from Manoj Kumar's post 19/01/2022

UPSC UPPCS SSC&TEACHING EXAM’s के फ़्री तैयारी के लिए हमसे जुड़े जुड़ने के लिए फ़्रेंड reqभेजे👉Manoj Kumar

Photos from Manoj Kumar's post 16/01/2022

एक पहल जिसका उद्देश्य ऐसे बच्चों की मदद करना था जो अपने सपने साकार करना चाहते है,लगभग 25000लोगों की मदद मैं इस मुहिम से कर चुका हूँ,और कारवाँ जारी है ये मुहिम बिना किसी फ़ीस बिना किसी पैसे के है फ़्री है,विगत 8 वर्षों से ये जारी है और पूर्णत:फ़्री परीक्षा चाहे कोई भी हो UPSC KVS DSSSB CTET UPTET SUPERTET TGT PGT जो लोग वास्तव में गम्भीर है और मदद चाहिए बिना किसी देरी के मुझे फ़्रेंड रिक्वेस्ट भेज दे आपसे जल्दी से संपर्क कर आपको नोट्स दिए जाएँगे केवल फ़्रेंड रिक्वेस्ट ही भेजे👉Manoj Kumar

07/01/2022

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती हेतु 26210 वेकेंसी,172 फ़ायरमैन
27/1/22 से आनलाइन आवेदन

Photos from Manoj Kumar's post 06/01/2022

लेखपाल पिछले 10 वर्षों में पूछे गए परीक्षा पेपर्स हल सहित.

Photos from Manoj Kumar's post 06/01/2022

Maths notes

Photos from Manoj Kumar's post 06/01/2022
Photos from Manoj Kumar's post 05/01/2022

उत्तर प्रदेश शैक्षिक न्यूज़ 5/12/22

Unacademy - India's largest learning platform 15/12/2021

* #यूपीएससी_की_तैयारी_के_लिए_महत्वपूर्ण_बातें*
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*सिविल सेवा परीक्षा हेतु पुस्तकों और स्रोतों की सूची:-*

_हिन्दी माध्यम के यू.पी.एस.सी. अभ्यर्थी अकसर यह जानना चाहते हैं कि हम सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान क्या पढ़ें और क्या न पढ़ें? मैंने अपनी समझ, अध्ययन और अनुभव के आधार पर पुस्तकों एवं अन्य स्रोतों की यह सूची तैयार की है।_

_यह सूची न तो अंतिम है और न ही बेस्ट। इनमें से आप अपनी सुविधा व तैयारी के स्तर के मुताबिक जोड़-घटाव कर सकते हैं। यह भी ध्यान रहे कि यह सूची संकेतात्मक है और इनमें से प्रत्येक स्रोत को पढ़ना या देखना अनिवार्य नहीं है।_

* #पुस्तकें—*

_ #इतिहास—कक्षा 6 से 12 तक की NCERT, स्पेक्ट्रम की किताब ‘आधुनिक भारत का संक्षिप्त इतिहास’ और बिपिन चंद्रा की किताब ‘आजादी के बाद का भारत’।_

_ #भूगोल—कक्षा 6 से 12 तक की NCERT। इसके बाद माजिद हुसैन या जी.सी. लियोंग की पुस्तक।_
_साथ में ऑक्सफोर्ड या_ _ब्लैकस्वान का स्कूल एटलस।_

_ #राजव्यवस्था—भारतीय राज-व्यवस्था (एम. लक्ष्मीकांत) विस्तारपूर्वक पढ़ें और भारतीय शासन (एम. लक्ष्मीकांत) को सरसरी तौर पर देख लें।_

_ #अर्थव्यवस्था—भारतीय अर्थव्यवस्था (रमेश सिंह की पुस्तक), कक्षा 9 से 12 तक की NCERT, सरकार द्वारा प्रकाशित ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ और ‘बजट’। Mrunal के वीडियो लेक्चर।_

_ #पर्यावरण—NCERT की किताब, परीक्षा वाणी (इलाहाबाद) द्वारा प्रकाशित पारिस्थितिकी की पुस्तक या शंकर IAS के नोट्स।_

_ #विज्ञान व प्रौद्योगिकी—छठी से 10वीं कक्षा तक की NCERT की किताबें और करेंट अफेयर्स।_

_ #भारतीय_संस्कृति— नितिन सिंघानिया की किताब- ‘भारतीय कला एवं संस्कृति’ और फाइन आर्ट्स की NCERT की पुस्तक से भारतीय कला का इतिहास।_

_ #आंतरिक_सुरक्षा—‘भारत की आंतरिक सुरक्षा’ -अशोक कुमार एवं विपुल (मैक्ग्रा हिल से प्रकाशित)।_

_ #अंतरराष्ट्रीय_संबंध—समाचार पत्र, मासिक पत्रिका और विदेश मंत्रालय की वेबसाइट_ _mea.gov.in_

_ #भारतीय_समाज—श्यामाचरण दुबे (नेशनल बुक ट्रस्ट) की पुस्तक और 11वीं-12वीं कक्षा की समाजशास्त्र की NCERT की पुस्तकें।_

_* #एथिक्स—*_
_बालाजी डीके IAS और निशान्त जैन IAS की शीघ्र प्रकाशित होने वाली किताब- ‘नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि’ (JICE पब्लिकेशंस, बेंगलुरु)।_
_मनोविज्ञान की NCERT की पुस्तक (सरसरी तौर पर), कुछ अच्छे लेखकों की किताबें। जनरल रीडिंग हैबिट। भारतीय दर्शन में वेदांत, बौद्ध, जैन दर्शन और गांधी, नेहरू, टैगोर, अंबेडकर एवं विवेकानंद का दर्शन अच्छे से समझ लें।_

_ #निबंध—‘सिविल सेवा परीक्षा के लिए निबंध’ पुस्तक (निशान्त जैन और गंगा सिंह राजपुरोहित), अक्षर (राजकमल प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित)।_

_साथ ही फुरसत मिलने पर नेशनल बुक ट्रस्ट और प्रकाशन विभाग, सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकाशित विभिन्न ज्ञानवर्धक पुस्तकें।_

_ #करेंट_अफेयर्स_

_ #अखबार—‘द हिंदू’ और ‘दैनिक जागरण’ (राष्ट्रीय संस्करण)। ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ (हिंदी) का ‘आर्थिक मुद्दे’ और संपादकीय पृष्ठ।_

_* #पत्रिकाएँ—‘योजना’, ‘कुरुक्षेत्र’, ‘दृष्टि करेंट अफेयर्स टुडे’ या ‘Vision IAS की मासिक बुकलेट। वक्त मिले तो ‘फ्रंटलाइन’ भी पढ़ सकते हैं।*_
_भारत सरकार द्वारा प्रकाशित ‘इंडिया ईयर बुक’ (भारत)। साथ ही भारत सरकार की नवीनतम आर्थिक व सामाजिक कल्याणकारी योजनाएँ अच्छी तरह तैयार कर लें।_

_सोच और भाषा-शैली के विकास के लिए—‘अहा जिंदगी’ और ‘कादंबिनी’ पत्रिकाएँ। उन्हें फ़ुर्सत के वक़्त रुचि के अनुसार पढ़ें। इन्हें पढ़ना आवश्यक नहीं है।_

* #वेबसाइटें—*
_india.gov.in,_ _newsonair.com,_ _pib.nic.in, mrunal.org,_ _insightsonindia.com,_ _iasbaba.com,_
*Unacademy.in,* _और भारत सरकार के विविध मंत्रालयों की वेबसाइटें।_

* #रेडियो_टीवी-*

_आकाशवाणी, डी.डी. न्यूज, राज्यसभा टी.वी.।_

_फुरसत में टी.वी. सीरियलों—‘सत्यमेव जयते’, ‘प्रधानमंत्री’, ‘संविधान’ और ‘भारत: एक खोज’ के एपिसोड देख सकते हैं।_

* #टेस्ट_सीरीज़- Vision IAS*

_ #सम्पूर्ण_तैयारी_की_रणनीति: ‘मुझे बनना है UPSC टॉपर’ पुस्तक (प्रभात प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाशित)_
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Manoj Kumar
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10/11/2021

#स्मरण
नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक हर गोविंद खुराना

पेड़ के नीचे पढ़ाई करने वाले एक छोटे से गांव के लड़के से नोबेल विजेता बनने तक हरगोविंद खुराना का सफर संघर्ष और जिजीविषा की दास्तान है. उनका नाम उन चुनिंदा वैज्ञानिकों में शामिल है जिन्होंने बायोटेक्नॉलॉजी की बुनियाद रखने में अहम भूमिका निभाई थी.

हरगोविंद खुराना का जन्म नौ जनवरी, 1922 को रायपुर नाम के गांव में हुआ था जो अब पाकिस्तान के मुल्तान जिले का हिस्सा है. एक बहन और चार भाइयों में हरगोविंद सबसे छोटे थे. 1943 में उन्होंने लाहौर की पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और 1945 में यहीं से पोस्टग्रेजुएशन. 1948 में उन्होंने पीएचडी पूरी की. इसके बाद उन्हें भारत सरकार ने स्कॉलरशिप दी और वे आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन स्थित लिवरपूल यूनिवर्सिटी चले गए.

1952 में नौकरी की एक पेशकश उन्हें कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया ले गई. यहीं हरगोविंद खुराना ने जीव विज्ञान में वह काम शुरू किया जिसके लिए बाद में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला. यहां वे 1959 तक रहे औऱ बताया जाता है कि उन्हें अपना काम करने के लिए पूरी आजादी मिली.

1960 में हरगोविंद खुराना अमेरिका आ गए. यहां वे विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी के साथ जुड़े. 1966 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल गई. इसके दो ही साल बाद रॉबर्ट डब्ल्यू हॉली और मार्शल डब्ल्यू नीरेनबर्ग के साथ उन्हें संयुक्त रूप से चिकित्सा का नोबेल दिया गया. यह पुरस्कार उन्हें जेनेटिक कोड और प्रोटीन संश्लेषण में इसकी भूमिका की व्याख्या के लिए दिया गया.

डॉ. हरगोविंद खुराना की एक और अहम खोज थी पहले कृत्रिम जीन का निर्माण. यह उपलब्धि उन्होंने 1972 में हासिल की. चार साल बाद ही उन्होंने ऐलान किया कि उन्होंने इस कृत्रिम जीन को एक कोशिका के भीतर रखने में कामयाबी हासिल की है. इस तरह देखें तो हरगोविंद खुराना की बायोटेक्नॉलॉजी की बुनियाद रखने में भी अहम भूमिका रही.

नोबेल पुरस्कार के बाद अमेरिका ने उन्हें नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंस की सदस्यता प्रदान की. यह सम्मान केवल विशिष्ट अमेरिकी वैज्ञानिकों को ही दिया जाता है. डॉ खुराना ने अमेरिका में अध्ययन, अध्यापन और शोध कार्य जारी रखा. देश-विदेश के तमान छात्रों ने उनके सानिध्य में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल की. नौ नवंबर 2011 को इस महान वैज्ञानिक ने अमेरिका के मैसाचूसेट्स में आखिरी सांस ली.

डॉ खुराना की 9 नवम्बर को पुण्यतिथि थी। आपको शत् शत् नमन।
#इतिहासनामा

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