16/08/2025
Unnati, congratulations on securing 97 percentage in accounts in class 11th.
AKS G Accounts Academy
Founder - Gaurav Jhaamb
Class - XI th & XII th
Mobile - 8467932056
16/08/2025
Unnati, congratulations on securing 97 percentage in accounts in class 11th.
16/08/2025
Congratulations Anshi, on achieving 90 percentage in accounts in Class 12th.
16/08/2025
Superb performance, Rinku.
16/08/2025
Your Progress Our Mission!
भारत में आवारा कुत्तों की समस्या और समाधान
माननीय अतिथिगण, देवियों और सज्जनों,
आज मैं एक ऐसे विषय पर बात करना चाहता हूँ जो हमारी सड़कों, हमारे समाज और हमारे मानवीय कर्तव्यों से जुड़ा है — हमारे देश में बढ़ती आवारा कुत्तों की संख्या। हाल ही में कुत्तों को लेकर आए एक न्यायालय के फैसले ने लोगों में नाराज़गी पैदा की है। लेकिन केवल नाराज़ होना काफी नहीं है, हमें यह भी समझना होगा कि यह स्थिति पैदा ही क्यों हुई?
सच यह है कि इसकी बड़ी ज़िम्मेदारी हम सब पर है। पिछले कुछ वर्षों में हमारे देश के कई डॉग लवर्स ने विदेशी नस्लों के कुत्ते पालने शुरू कर दिए, क्योंकि वे दिखने में स्टाइलिश या अलग होते हैं। इसके विपरीत, हमारे देशी भारतीय कुत्तों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। यह कुत्ते भले सादे दिखते हों, लेकिन उतने ही वफादार और प्यारे होते हैं। इसी उपेक्षा के कारण इनकी संख्या सड़कों पर बढ़ती गई, और ये बेचारे भूखे-प्यासे, अकेले और असुरक्षित जीवन जीने को मजबूर हो गए। जब ये अपने मालिकों के साथ रहने वाले कुत्तों को देखते हैं, तो ये भी उदास और उपेक्षित महसूस करते हैं।
मेरा मानना है कि इसके लिए कुछ सरल और प्रभावी समाधान हो सकते हैं।
पहला, जो भी लोग कुत्तों से प्रेम करते हैं और उन्हें पालने में सक्षम हैं, वे सरकार के पास अपना नाम दर्ज कराएँ और कम से कम एक देशी या आवारा कुत्ता अपने घर लेकर जाएँ। इससे उन कुत्तों को घर मिलेगा और मालिक को एक प्यारा साथी।
दूसरा, जब गोद लेने की प्रक्रिया से आवारा कुत्तों की संख्या कम हो जाएगी, तब बचे हुए कुत्तों के लिए सरकार द्वारा बनाए जाने वाले डॉग हाउस में उन्हें रखा जाए। इन डॉग हाउस को चलाने में बड़े-बड़े उद्योगपति, बॉलीवुड सितारे, अम्बानी, अडानी, शाही परिवार और हम सब — जो जितना सक्षम हो — भोजन, देखभाल और सुविधा उपलब्ध कराने में सरकार का साथ दें।
तीसरा, हमें अपनी सोच बदलनी होगी। विदेशी नस्लों के कुत्ते पालने के बजाय अपने भारतीय कुत्तों को अपनाएँ। ये हमारे मौसम के अनुकूल होते हैं, देखभाल में आसान होते हैं, और सबसे बड़ी बात — ये हमारे अपने हैं और हमारे प्यार के हकदार हैं। इससे भविष्य में आवारा कुत्तों की संख्या और नहीं बढ़ेगी।
अंत में, मैं यही कहना चाहता हूँ कि इस विषय पर लोगों का गुस्सा और चिंता सही है, लेकिन इस ऊर्जा को हम सकारात्मक कार्य में बदलें। नागरिक, सरकार और डॉग लवर्स मिलकर काम करें, ताकि हमारे देश के हर कुत्ते को सम्मान, प्यार और एक सुरक्षित घर मिल सके।
धन्यवाद।@
| Monday | 4pm - 10pm |
| Tuesday | 4pm - 10pm |
| Wednesday | 4pm - 10pm |
| Thursday | 4pm - 10pm |
| Friday | 4pm - 10pm |
| Saturday | 4pm - 10pm |
| Sunday | 4pm - 10pm |