03/06/2025
छायावाद के कुछ प्रश्न-उत्तर 🌼
'मुख्यांश'- हिंदी साहित्य और समाज के लि?
03/06/2025
छायावाद के कुछ प्रश्न-उत्तर 🌼
एक ज्ञान दूसरे ज्ञान को धकेल फेंकता है । नये अविष्कार पुराने अविष्कारों को रद्द करते चले जाते हैं । पर ह्रदय के भाव पुराने नहीं होते भाव ही साहित्य को अमरत्व देता है । उसी से साहित्य का चिर सत्य प्रकट होता है ।
वयं रक्षामः - चतुरसेन शास्त्री
मनुष्य कुछ भुलक्कड़ हो गया है ।लेकिन यह बहुत बड़ा दोष भी नही है । न भूले तो जीना ही दूभर हो जाये ।मगर ऐसी बातों का भूलना जरुर बुरा है, जो उसे जीने की शक्ति देता है, सीधा खड़े होने की प्रेरणा देती है ।
-हजारीप्रसाद द्विवेदी
प्लेटो ने काव्य के तीन भेद स्वीकार किये हैं -
1. अनुकरणात्मक - प्रहसन और दुःखान्तक (नाटक)
2. वर्णनात्मक - डिथिरैंब (प्रगीत)
3. मिश्र (महाकाव्य)
भामह के ग्रन्थ के आधार पर 'भामह-विवरण' की रचना करने वाले आचार्य हैं ?
उत्तर- उद्भट
अज्ञेय की कहानी
कविप्रिया, मैना,
जैनेन्द्र की कहानी
राजीव और भाभी
सुदर्शन की कहानी
कवि की स्त्री
26/06/2023
प्रेमचंद की कहानी
रानी सारंधा, कजाकी, अलग्योझा, तावान
01/05/2023
रीतिमुक्त कवि 'ठाकुर बुंदेलखंडी'
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#मुख्यांश
28/04/2023
।। रीतिमुक्त कवि 'घनानंद' ।।
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#मुख्यांश
27/04/2023
विभिन्न विद्वानों के अनुसार रीतिकाल का नामकरण तथा उसके प्रवर्तकों के सम्बंध में विद्वानों का मतभेद ...
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