Guest teachers association

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भारतीय स्तर पर अतिथि शिक्षकों के हितों की रक्षा करने हेतु प्रयासरत

08/05/2025

क्षमा करना मित्रों, निजी कारणों से लॉगिन नहीं कर पा रहा था, मगर अब सब सही है...!!
आशा करता हूं, शिक्षा से जुड़े या गेस्ट शिक्षकों से जुड़े मुद्दे ही इस ग्रुप में साझा किए जाएंगे....!!!
यदि कुछ अन्य सामग्री शेयर की जाती है तो निश्चित ही उसको अप्रूव नहीं किया जाएगा....!!!

आपका अपना....!!
उपाध्यक्ष
अतिथि शिक्षक संघ....!!

Guest teachers association भारतीय स्तर पर अतिथि शिक्षकों के हितों की रक्षा करने हेतु प्रयासरत

Photos from Guest teachers association's post 04/02/2022

Numbers of Ad-hoc teachers in Delhi University

25/11/2021
10/11/2021

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक पंजाब के शिक्षक समुदाय के हित में आने वाले फैसले से बेहद खुश हैं। उधर समायोजन के नाम लेकर वोट मांगने वाले भी खुश हैं कि उनकी कपोल कल्पना को एक आधार मिला। वैसे पंजाब में जो हुआ वह केंद्रीय विश्वविद्यालय का मामला नहीं है। दूसरी बात वहां शर्त 10 साल से पढ़ा रहे शिक्षक रखी गई यहां 3 साल पहले लगे हुए साथी भी हम समायोजन से पक्की नौकरी पा लेंगे मारे खुशी के सो नहीं पा रहे हैं। भई आप का कल्पना लोक आपको मुबारक। दिल्ली विश्वविद्यालय एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है जिसमें देशभर के योग्य व्यक्तियों ने आवेदन किया है। अब दिक़्क़त ये है कि जब हमारे प्यारे साथी दूसरे विश्वविद्यालय में जाकर इंटरव्यू देकर आते हैं और वहां से निराश होते हैं तो उन्हें अन्याय शब्द की याद आती है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाने के कारण वह खुद को देश भर में आवेदन करने और नौकरी पाने का अधिकारी मानने लगते हैं लेकिन जैसे ही इनसे इतर लोग कहते हैं कि हमारा भी नौकरी का हक है ये कहते हैं कि हम तदर्थ जो पिछले कई सालों से किसी पद पर नेताओं के कारण टिके हुए हैं जिनका मासिक वेतन भी आपके वर्ष के वेतन से ज्यादा है, हम दुःखी है तकलीफ में हैं। हम क्योंकि स्थाई नौकरी में नहीं है तो बच्चे का नहीं सोचते और सब तमाम दुःख स्थाई नौकरी का नाम लेते ही सामने आ जाता है। भई ये दुःख आपका ही नहीं देश के हर बेरोजगार का है। घर परिवार आपका ही नहीं सबका होता है। बच्चे को जैसे खिलौना देकर चुप करवाया जाता है वैसे ही समायोजन का मुद्दा है। आप को लगातार एक झूठी उम्मीद में रखा जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय में पद पा सके इतनी अप्रोच मेरी तो कम से कम नहीं है, लेकिन पद चयन की प्रक्रिया से गुजरना मेरा हक है। संवैधानिक अधिकार है जिसको किसी ने छिनने की कोशिश की तो आंदोलन करना हम भी जानते हैं।
जय भीम

31/10/2021

दिवाली आ रही है और दिल्ली विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षकों के एकाउंट में पैसा नहीं है। ncweb और sol दोनों सोए हुए हैं।

22/10/2021

24 अक्टूबर2021
शाम 7-8

For Teaching Experience 14/09/2021

अतिथि, संविदा, अस्थाई पर पढ़ा रहे शिक्षकों को उनके पढ़ाने का अनुभव देना चाहिए ताकि स्थाई नियुक्ति में उन्हें अनुभवहीन न माना जाए, इस बात से सहमत सभी (स्थाई, तदर्थ, अतिथि शिक्षक, अस्थाई, संविदा और शोधार्थी) से अपील है कि वह अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर इस लिंक को लगाए। ट्विटर पर लिंक जरूर लगाएं और अतिथि शिक्षक संघ को टैग कर दें। आने वाली 25 तारीख को इसी मुद्दे को ट्विटर पर ट्रेंड करवाने के लिए हम
#शिक्षण_अनुभव_हमारा_अधिकार
टैग के साथ शाम 7-9 बजे लिखेंगे। यदि आपका ट्विटर एकाउंट नहीं है तो 5 मिनट में बन सकता है। यह एक बड़ी लड़ाई है जिसको साथ आकर ही लड़ना होगा। यदि हम चाहते हैं कि स्थाई नियुक्ति प्रक्रिया में हमारा स्थान तय हो सके।
आरती रानी प्रजापति
अध्यक्ष
अतिथि शिक्षक संघ

For Teaching Experience देश भर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि, संविदात्मक, अस्थाई शिक्षकों के शिक्षण अनुभव को यू.जी.स...

For Teaching Experience 09/09/2021

Guest Lecturer, Contractual faculty and Temporary faculty are such positions for which the only benefit that is provided is remuneration and nothing else.

Be it any post, everyone is a teacher at the end of the day.

Every teacher deserves to get teaching experience.

Guest Teachers Association has been working on this issue for long. We have long held a demand that teaching experience should be provided to everyone who teaches in a college or an university.

If you consider this to be a just and a valid demand and if you are a researcher, guest lecturer, contractual faculty, temporary faculty, ad hoc faculty, or permanent faculty in any college or university then you can support us in our demand.

You can show your support by filling the details in the google form provided below.

For Teaching Experience देश भर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि, संविदात्मक, अस्थाई शिक्षकों के शिक्षण अनुभव को यू.जी.स...

For Teaching Experience 08/09/2021

अतिथि, संविदा व अस्थाई शिक्षक ऐसे पद हैं जिसमें हम काम तो करते हैं लेकिन उसका कोई लाभ (सिवाय वेतन के) हमें नहीं दिया जाता। शिक्षक सिर्फ शिक्षक है वह चाहे कोई भी हो। उसको उसकी मेहनत यानी शिक्षण अनुभव मिलना ही चाहिए। अतिथि शिक्षक संघ इसपर काफी समय से काम कर रहा है। हमारी मांग शिक्षण अनुभव को लागू करवाने की है। यदि आप हमारी मांग को जायज मानते हैं और आप किसी विश्वविद्यालय / महाविद्यालय के शोधार्थी, अतिथि शिक्षक, संविदा, अस्थाई, तदर्थ या स्थाई शिक्षक हैं तो आप हमारी इस मांग में अपनी सहमति दे सकते हैं। यह एक गूगल फॉर्म है जिसका लिंक नीचे दिया गया है।

For Teaching Experience देश भर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में पढ़ा रहे अतिथि, संविदात्मक, अस्थाई शिक्षकों के शिक्षण अनुभव को यू.जी.स...

Photos from Guest teachers association's post 07/09/2021

SOl और ncweb सरकारी होते हुए भी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति मनमाने तरीके से करते हैं। 2019 में ncweb में पहले आओ पहले पाओ की नियुक्ति प्रक्रिया याद ही होगी। कुल पदों की संख्या तक यह RTI में नहीं बता पाए हैं, जब कुल पद हो नहीं पता तो आरक्षण को लागू करो न करो अपनी मर्जी। इसी के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, यूजीसी और दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के समक्ष अपनी बात रखी। दोनों संस्थान में की जाने वाली नियुक्ति प्रक्रिया को दुरुस्त करने की मांग अतिथि शिक्षक संघ की ओर से की गई।

07/08/2021

NCWEB इस समय टीचिंग में ऑनलाइन काम कर रहा है, लेकिन बिल की प्रक्रिया ऑफलाइन ही है। ऑफलाइन प्रकिया में कॉलेज ने समय पर फाइल नहीं भेजी यह कहना,शिक्षक को फुटबॉल बनाना, फाइल जा चुकी है, पैसे आ गए हैं, फाइनेंस में फाइल अटकी है कहना, आसान है।
बिल की प्रकिया ऑनलाइन ही होनी चाहिए।

21/07/2021

जनवरी 2019 में यूजीसी ने अतिथि शिक्षकों को दिए जाने वाला वेतनमान 1000 से बढ़ा कर 1500 प्रति कक्षा किया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के sol की ईमानदारी थी कि उसने यह बढ़ा हुआ पैसा शिक्षकों को तुरंत दिया लेकिन NCWEB ने ऐसा नहीं किया। 2019 सितंबर दिसंबर सत्र के पैसे 1000 की दर से ही दिए गए। अतिथि शिक्षक संघ ने एक लंबी लड़ाई इसके लिए लड़ी मजबूर होकर ncweb ने एक ईमेल द्वारा बकाया 500 रुपये का बिल भरवाया। वह 500रुपये प्रति कक्षा की कटौती का रुपया अब कुछ कॉलेज में आने लगा है। यह जीत अतिथि शिक्षकों की है।
लड़ाई जारी है।

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