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07/10/2025
15/02/2025

National game 2025 medal 🥇 tally

10/02/2025

उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड-
उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड उत्तराखंड राज्य में वन्यजीव संरक्षण से संबंधित नीतियों और योजनाओं को बनाने और कार्यान्वित करने वाला एक शीर्ष सलाहकार निकाय है। यह बोर्ड भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गठित किया गया है और राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा, जैव विविधता संरक्षण तथा संरक्षित क्षेत्रों (जैसे राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों आदि) के विकास के लिए काम करता है।

उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड के प्रमुख कार्य:
1. वन्यजीव संरक्षण नीतियाँ बनाना – राज्य में वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के लिए नीतियों का निर्धारण करता है।
2. पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना – वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा के लिए वैज्ञानिक उपायों की अनुशंसा करता है।
3. संरक्षित क्षेत्रों का प्रबंधन – राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों और जैव विविधता हॉटस्पॉट की सुरक्षा और संवर्धन में सहायता करता है।
4. वन्यजीव संघर्ष समाधान – मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए योजनाएँ बनाता है।
5. संरक्षण से जुड़े कानूनों को लागू करना – वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों को लागू करने में राज्य सरकार की मदद करता है।

बोर्ड के सदस्य:
• अध्यक्ष: मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
• सदस्य: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, वन्यजीव विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि आदि।

महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र:

उत्तराखंड में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य हैं, जिनकी सुरक्षा में यह बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जैसे:
• जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
• राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
• गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान
• गोविंद वन्यजीव अभयारण्य

इस प्रकार, उत्तराखंड वन्यजीव बोर्ड राज्य में वन्यजीव संरक्षण और सतत पारिस्थितिकी तंत्र बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

10/02/2025

CM HELPLINE 📞 (1905)
उत्तराखंड राज्य सरकार ने नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा शुरू की है। इस सेवा के माध्यम से, नागरिक अपनी शिकायतें, सुझाव, या मांगें दर्ज करा सकते हैं, और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लिए टोल-फ्री नंबर 1905 निर्धारित किया गया है। नागरिक इस नंबर पर कॉल करके अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है।

यह सेवा राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शिकायत दर्ज करने के बाद, संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा उसका निराकरण किया जाता है, और नागरिक को समाधान की जानकारी प्रदान की जाती है।

29/01/2025

नौकायन के लिए एक उभरता डेस्टिनेशन- चंपावत की कोलिढेक झील

•कोलीढेक झील ने पर्यटन के क्षेत्र में चंपावत लोहाघाट को अलग पहचान दी है। यह झील नौकायन का एक नया डेस्टिनेशन बनकर उभरी है l कोलीढेक झील में नौकायन के लिए राज्य के साथ देश के विभिन्न इलाकों से पर्यटक यहां आते हैं। कुमाऊं क्षेत्र में नैनीताल के बाद लोहाघाट का कोलीढेक नौकायन का सबसे अच्छा पर्यटन स्थल साबित हुआ है।

•जनवरी 2023 में सिंचाई विभाग लोहाघाट ने डेढ़ किमी लंबी, 80 मीटर चौड़ी और 21 मीटर गहरी कोलीढेक झील का निर्माण 3076 लाख रुपये से किया गया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 15 जनवरी 2023 को टनकपुर में इसका लोकार्पण किया।

29/01/2025

 Uttarakhand national game 2025, all venue

28/01/2025

राधा बहन

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