19/09/2024
UKPSC तथा UKSSSC आगामी परीक्षा कैलेंडर वर्ष 2024-25
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19/09/2024
UKPSC तथा UKSSSC आगामी परीक्षा कैलेंडर वर्ष 2024-25
Uksssc आयोग के अध्यक्ष gs मर्तोलिया जी का इंटरव्यू,,,4500+ पद,
परीक्षा कैलेंडर,
रुके हुए रिजल्ट
Lt संबंधी अन्य सवालों के जवाब
साभार :अंकित शर्मा, आज तक
26/04/2024
उत्तराखंड पुलिस उपनिरीक्षक si परीक्षा अब 3 घंटे अर्थात सिर्फ एक शिफ्ट में होगी,,,जो कि 15 दिसंबर 2024 को प्रस्तावित है।
3 घंटे 300 प्रश्न जिसमें,,,
हिंदी 100
मैथ रीजनिंग 125
सामान्य अध्ययन तथा उत्तराखंड 75 नंबर का होगा
26/04/2024
uksssc तथा ukpsc द्वारा वर्ष 2024 में आयोजित होने वाली आगामी परीक्षाओं का कैलेंडर,,,
30/01/2024
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग द्वारा पुलिस उपनिरीक्षक SI की विज्ञप्ति जारी कर दी गई है।
अंतिम तिथि -20 फरवरी 2024
कुल पदों की संख्या- 222 है।
उम्र सीमा -21 से 28 वर्ष
योग्यता-ग्रेजुएशन [बैचलर डिग्री]
इस भर्ती में पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी उसके पश्चात लिखित परीक्षा।
22/12/2023
Ukpsc द्वारा 17 दिसंबर 2023 को आयोजित RO/ARO परीक्षा की उत्तरकुंजी
RO ARO प्रश्नपत्र set B यहां देखें
https://www.facebook.com/100095063271895/posts/200753953103379/?app=fbl
17/12/2023
Ukpsc द्वारा आज 17 दिसंबर 2023 को आयोजित RO/ARO परीक्षा का प्रश्नपत्र,,,,
यह सेट B है।
अपना मूल्यांकन करें,,,आयोग जल्दी ही उत्तरकुंजी जारी करेगा।
31/10/2023
क्या आप जानते हैं कोटि बनाल या गुजाखुंटी तकनीकी क्या है?
*अभी कुछ समय पूर्व ही एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म आई थी-'कोटि बनाल' जिसके निर्माता श्रीनिवास ओली जी है जो कि पेशे से एक शिक्षक हैं।
* चूंकि इस फिल्म ने एशिया के सबसे बड़े ग्रीन फिल्म फेस्टिवल में सेलिब्रेटिंग हिमालय कैटेगरी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता जिस कारण कोटि बनाल भी चर्चा का विषय बन गया।
*उत्तरकाशी में यमुना घाटी के रवाई क्षेत्र में एक पट्टी है बनाल जिसमें एक गांव कोटि पड़ता है जिसे कोटि बनाल भी कहा जाता है। संभवतः यहां निर्मित किए गए भवनों की वास्तुशैली के कारण ही इसका नाम कोटिबनाल पड़ा।
* इस कोटि गांव में एक पंचपुरा या चौकट भवन बना है जिसका निर्माण 17वी से 18वी सदी का माना जाता है।
माना जाता है कि गोरखाओं ने उस दौरान इस भवन को बम विस्फोट के द्वारा ध्वस्त करने की कोशिश की लेकिन यह भवन जस का तस बना रहा। इसके अलावा वर्ष 1803,1991 तथा 1999 के भयंकर भूकंप भी इस भवन का कुछ न बिगाड़ सके।
*इस शैली के भवनों के चारो कोने बराबर या आयताकार होते है और इसमें देवदार की बीम,पत्थर तथा सीमेंट के स्थान पर पहाड़ी मिट्टी के गारे का प्रयोग किया जाता है।
*इस शैली के भवनों की आयु लगभग 1000 वर्ष मानी जाती है।
*यह भूकंप रोधी वास्तुशैली तकनीकी है तथा गुजाखुंटी तकनीकी इसी शैली का ही एक भाग है।
@परीक्षा दृष्टि
* हाल में उत्तराखंड सरकार ने देहरादून के IT पार्क स्थित राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की इमारत का निर्माण इसी शैली में किया है जो 8 मैग्नीट्यूड तक का भूकंप सहन कर सकती है
*इस शैली के अधिकांश भवन उत्तरकाशी के मोरी,बड़कोट,पुरोला,तकनौर आदि क्षेत्रों में देखने को मिलते है।
*उत्तरकाशी स्थित प्राचीन शनि मंदिर गुजाखूंटी तकनीकी से निर्मित है जो हाल ही में खतरे की जद में है।
क्या आप जानते है कुमाऊं मंडल की रामनगर विधानसभा किस संसदीय क्षेत्र में शामिल है?
रामनगर विधानसभा क्षेत्र गढ़वाल मंडल के पौड़ी लोकसभा क्षेत्र में शामिल है।संभवतः यह एकमात्र विधानसभा है जो किसी दूसरे मंडल की लोकसभा क्षेत्र में शामिल है।
उत्तराखंड में कुल 5 लोकसभा क्षेत्र है जिसमें प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में 14-14 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
रामनगर कुमाऊं संभाग के नैनीताल जिले में एक कस्बा है जिसे कुमाऊं कमिश्नर रैमजे ने बसाया था।
27/10/2023
क्या आप जानते हैं त्रियुगीनारायण के आराध्य देवता कौन है?
@ त्रियुगीनारायण मंदिर के आराध्य देवता भगवान विष्णु है तथा यहां उन्होंने वामनावतार लिया था।
*नारायण शब्द भगवान विष्णु का पर्यायवाची है,
*जबकि यहां जो ज्वाला प्रज्वलित होती है माना जाता है कि वह तीन युगों से लगातार जल रही है इसलिए इसे त्रियुगी कहते है
*यह मंदिर रुद्रप्रयाग जनपद के त्रियुगीनारायण गांव में स्थित है।
*त्रियुगीनारायण भगवान शिव तथा माता पार्वती का प्रणयन अर्थात विवाह स्थल माना जाता है जिसमें विष्णु जी माता पार्वती के भाई बने थे और ब्रह्मा जी पुरोहित।
*यह विवाह जिस स्थान पर हुआ उसे ब्रह्मशिला कहा जाता है।
*मंदिर के पास ही विष्णु कुंड,ब्रह्म कुण्ड,रुद्र कुंड तथा सरस्वती कुंड है।