17/09/2026
जयपुर के गणेश मंदिर की मेहंदी लगाने से शादी हो जाएगी—यह अंधविश्वास है, पाखंड है और भेड़चाल है।
गणेश चतुर्थी पर मोतीडूंगरी गणेश मंदिर में मेहंदी लगाने से शादी होने की मान्यता के नाम पर लाखों लोगों की भीड़ जुट गई थी जिसमें कई लोग घायल भी हुए।
ज़रा सोचिए—शादी के लिए पढ़ाई, मेहनत, रोजगार, आत्मनिर्भरता और अच्छा इंसान बनने की जरूरत नहीं; बस मंदिर की मेहंदी लगा लो और शादी पक्की!
यह सोच आस्था नहीं, अंधविश्वास है।
पाखंड को चुनौती देने के बजाय लोग उसी के पीछे दौड़ रहे हैं। कोई एक करता है, बाकी हजारों बिना सोचे उसके पीछे चल पड़ते है।
क्योंकि शादी किसी मंदिर की मेहंदी तय नहीं करती। आपकी मेहनत, व्यक्तित्व, जिम्मेदारी और जीवन जीने की क्षमता ज्यादा मायने रखती है।और अगर मेहंदी लगाने भर से शादी हो सकती है, तो फिर रोजगार कार्यालयों की जरूरत ही क्या है?
अंधविश्वास को अंधविश्वास कहने से मत डरिए।
सवाल पूछिए—वरना भीड़ आपको भी उसी दिशा में ले जाएगी, जहाँ बाकी सब जा रहे हैं।