21/10/2017
दरभंगा जिले में एक जगह है ‘मनीगाछी’। दरभंगा संसदीय क्षेत्र में मनीगाछी काफी दिनों तक एक विधानसभा क्षेत्र भी रहा। मैं जब भी इस जगह के बारे में सोचती थी, लगता था, ऐसा नाम क्यों रखा गया? न तो सांप का मणि पेड़ पर उगता है और न ही अंग्रेजों का मनी अर्थात पैसा ही पेड़ पर उगता है। अभी एक दस्तावेज पढ़ रही थी तो अचानक इस जगह के नामकरण का पता चला। 1876 में तिरहुत के मैनेजर कर्नल ब्राउन सेवानिवृत हो गये और उनके स्थान पर मैनेजर नियुक्त हुए- मेजर मनी।
मेजर मनी ने रहिका और झंझारपुर सर्किल में बहुत काम किया। उन्होंने झंझारपुर सर्किल में एक बड़ा सा तालाब और 100 बीघे के बगान का निर्माण कराया। बगान को तिरहुत में गाछी कहते हैं। बहुत दिनों तक इस गाछी को लोग मनीगाछी के नाम से पुकारते थे। बाद में गाछी तो खत्म हो गया, लेकिन नाम रह गया।