29/05/2026
⛽✍️ Md Tabrej
पेट्रोल के दाम सिर्फ 5–6 रुपये बढ़े…
लेकिन क्या किसी ने यह महसूस किया कि गाड़ियों का माइलेज उससे कहीं ज्यादा गिर गया?
यही सबसे बड़ा खेल लगता है।
अगर जनता को सीधे ₹15–20 की बढ़ोतरी दिखती, तो देशभर में सवाल उठते।
लेकिन दाम थोड़ा बढ़ाकर और माइलेज कम करके आम आदमी से चुपचाप ज्यादा पैसा निकलवाया जा रहा है — ऐसी आशंका अब लोगों के बीच तेजी से बढ़ रही है।
कई वाहन मालिकों की एक जैसी शिकायत है:
“पहले जितना पेट्रोल में गाड़ी चलती थी, अब उतना नहीं चल रही।”
तो सवाल उठना लाज़िमी है:
• क्या पेट्रोल की क्वालिटी में कुछ बदलाव हुआ है?
• क्या ऐसा मिश्रण बढ़ाया गया जिससे माइलेज कम हो?
• क्या जनता को पूरी सच्चाई नहीं बताई जा रही?
• और आखिर इसका फायदा किसे हो रहा है?
अगर दाम कम बढ़ें लेकिन खपत ज्यादा हो जाए, तो कमाई तो फिर भी बढ़ती है।
जनता अब सिर्फ कीमत नहीं, पेट्रोल की गुणवत्ता पर भी जवाब चाहती है।
सोचिए…
क्या आपके वाहन का माइलेज भी अचानक कम हुआ है?