18/08/2018
" #नन्हे_क़दम" हर वर्ग के बच्चो को शिक्षा और भारत की संस्कृति के लिए प्रोत्साहित करता है। बच्चों में समानता लाने के लिए हम किसी भी तरह का भेद भाव को बढ़ावा नहीं दे सकते। "एक आश के साथ एक विश्वास के साथ" की आने वाले दिनों में परिस्थितियाँ बदलेगी, हर क्षेत्र में समानता आयेगा और हमारा "अगला भारत एक अच्छा भारत" (Project "Next Bharat - Best Bharat") बनेगा अभी की अपेक्षा।
सुजीत_सिंह_कुशवाहा (Sujeet Kushwaha - सुजीत कुशवाहा) जी की संस्था लवली पीटल्स् वेलफेयर सोसाइटी (Lovely Petals Welfare Society) (Reg No. 392/2015-2016) के तहत नन्हें मुन्हें हर वर्ग के बच्चों के लिए "नन्हें कदम" की पहल की गयी है। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए हम आभार व्यक्त करते हैं।
" नन्हे क़दम" मुहीम के जरिए हर वर्ग के बच्चो को पिछले तीन सालों से निशुल्क शिक्षा दिया जा रहा है। नॉलेज हब् कैरियर इंस्टीट्यूट (Knowledge Hub Career Institute, Belwania) एंड कैरियर काउंसिलिंग हब्, स्वर्गीय रमाकांत बाबू एजुकेशनल मिशन स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर इत्यादि प्राइवेट स्कूल व अच्छे सरकारी प्राथमिक विद्यालय के माध्यम से "नन्हें कदम" साकार कराया जा रहा है। समय - समय पर विषेश कर सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को पाठ्य सामग्री भी वितरित किया जाता है ताकि वे बाकी स्कुल के बच्चों की बराबरी कर सके।
" #शुरूआत_छोटी_है_पर_अच्छी है।"
जिंदगी मे कुछ लोग सकारात्मक, कुछ नकारात्मक लक्ष्य तो कुछ बिना किसी लक्ष्य के साथ ही अपनी जिंदगी को चलाये जा रहे हैं।
जिंदगी मे जो कोई कुछ लक्ष्य ले कर चलता है, और उन्हें पूरा करने को हर मुमकिन कोशिश करते हैं काफ़ी मेहनत करते हैं। पर कुछ टूट जाते हैं, रूठ जाते हैं, रूक जाते हैं खुद से ही। तो कुछ को रोक दिया जाता है ठोक दिया जाता है। कुछ हार मान लेते हैं तो कुछ को जबरदस्ती हारा दिया जाता है। पर कुछ और भी होते हैं जो मिशाल बन जाते हैं। आज एक ऐसे ही व्यक्ति की बात कर रहा हूं जिसने अपनी हर सुख सुविधाओं के साथ हंसती खेलती अच्छी जिंदगी को छोड़कर हमारे समाज को खुबसूरत व बेहतर करने के लिए लगा दिये हैं। जिसने खुद को सच्ची लगन, मेहनत और त्याग के दम पर स्थापित किया और खुद को काफ़ी समय से ही समाजसेवा में झोंक रखे हैं।
बात कर रहे है #स्वर्गीय_श्री_राधामोहन_महतो_जी के #सुपौत्र_सुजीत_कुशवाहा जी की। जो अपने दादा जी के तरह ही सच्ची लगन और मेहनत के साथ नेक दिल रखते हुए समाज को अच्छी दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
जिन्होंने आज से 3 साल पहले नॉलेज हब् कैरियर इंस्टीट्यूट एंड कैरियर काउंसिलिंग हब् की स्थापना की और आज ये संस्था काफी बच्चों को सफ़लता तक पहुंचने में सफल रहा है। कोटा में पढ़ाई के दौरान सुजीत कुशवाहा जी को एहसास हुआ था कि इस पैसे के वजह से बहुत बच्चें पिछड़ रहे हैं, अमीरी गरीबी का खाई बहुत ही प्रतिभाओ का क़त्ल कर रही है। तभी उन्होंने इस खाई को खत्म कर समाज में समानता लाने को सोच लिए थे।
नॉलेज हब् कैरियर इंस्टीट्यूट एंड कैरियर काउंसिलिंग हब् स्थापना के कुछ दिन बाद एक और मुहिम शुरू किया गया सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बच्चो को प्रोत्साहित करने के लिए ताकि ये बच्चे भी दूसरे प्राइवेट स्कूलों की बराबरी कर सके। आज संस्था न सिर्फ निशुल्क शिक्षा दे रही अपितु संस्था के सदस्य गावँ कस्बो तक जा कर शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ और संस्कृति के महत्व को समझा रहें हैं।
सुजीत कुशवाहा जी कहते हैं, जब कहीं पर किसी बच्चे को बाल मजदूरी या भीख मांगते देखता हूँ, लगता है सारी उपलब्धि और सारा ज्ञान व्यर्थ है, बहुत ज्यादा तो नही पर इतना खुद से प्रण किया हूं कम से कम अभी जहां हूं जिस समाज जिस क्षेत्र में हूं वहां से इन कुरीतियों को ख़त्म करना है। अगर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के इन बच्चो को उनका उचित हक़ मिले तो ये किसी बड़े विद्यालय के बच्चो से कम प्रतिभावान नही हैं। हमने प्रयास शुरू किया है मेरे दादा जी द्वारा किये गये नेक काम ने हर कदम पर मेरे हौशले को बढ़ाया है, मेरे अपने मेरे साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहें हैं। "नन्हे कदम" का एक ही लक्ष्य है, सब पढ़े, सब बढ़े और आने वाले दिनों में "एक भारत नेक भारत" का निर्माण हो। ये क्रांति समाज से हर उस बात को खत्म कर देगी जो हमारे समाज को बांटने का काम करती है।
सुजीत कुशवाहा जी समाज के लिए मिशाल है, जो इतनी कम उम्र में ही समाजसेवा को अपना मूल कर्तव्य मान कर समाज को बेहतर करने का काम कर रहे हैं। पर उससे भी बड़ी उनकी एक खूबी है "सत्य को सत्य और झूठ को झूठ कहना।" जबकि आज के भारत में सत्य को सत्य कह देना बहुत बड़ा गुनाह है। पर फिर भी चाहे इसके वजह से सर क्यों न कट जाये, जान क्यों न चाली जाये। चाहे सामने कोई भी खड़ा हो चाहे बात जिसकी भी हो रही हो पर सत्य को कहने से करने से कभी पीछे नहीं हटते।
आगे कहते हैं मुझे "नन्हे क़दम" को गावँ गावँ तक पहुचाना है, जानता हूँ ये मुश्किल होगा, पर अगर समाज को बदलना है, बच्चों को बराबर का मौका देना है, सबको बराबरी पर लाना है तो किसी न किसी को तो पहल करनी ही होगी और मैंने तो बचपन से ही यही सीखा है, कार्य कोई और करे इस इन्तजार से बेहतर है खुद करो और जिंदगी में आगे बढ़ो, तो मैन फ़ैसला कर लिया है बदलाव लाने का प्रयास जारी रखना है, खुद को गावँ गावँ तक लेकर जाना है हम अपने कर्म पर यकीन रखते हैं। शायद फल मेरे ना रहने के बाद आये पर आएगा जरूर। और जब भी वह समय आयेगा तो उस समय लोग देखेंगे जब समाज का देश का हर बच्चा शिक्षित होगा और एक बराबरी में खड़ा होगा, उनमे शिक्षा को लेकर कोई भेद भाव नही होगा, सब एक समान होंगे, अच्छी संस्कृति होगी हम सब सुरक्षित होंगे सबकी जिंदगी खूबसूरत होगी और " ारत_नेक_भारत" का निर्माण हो सकेगा।
हम सब दिल से आभार व्यक्त करते हैं आपको धन्यवाद देते हैं इस नेक व पुनीत कार्य के लिए। और हम सब ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि " #जिन_लम्हों_में_आप_हस्ते_हो_वो_कभी_कम_ना_हों।" आपकी दूरगामी व नेक सोच हर इंसान तक पहुंचे। हम इस महान शख्शियत के उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घ आयु की कामना करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ये जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करें और हम सबकी उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना योगदान देते रहें। हम प्रार्थना करते हैं कि ये जीवन में हर मुकाम हासिल करें।
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