27/07/2026
भक्ति की शक्ति भगवान को भी नचाती है : पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री,गुरु पूर्णिमा महोत्सव में भक्ति महारानी की महिमा का किया गुणगान, पूर्व दीक्षित शिष्यों को दूसरे दिन भी दिया आशीर्वाद
छतरपुर। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर बागेश्वर धाम में चल रहे श्रीमद् भागवत महापुराण के दौरान कथा व्यास पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भक्ति की शक्ति ऐसी है जो स्वयं भगवान को भी भक्त के प्रेम में नचा देती है। उन्होंने कहा कि भक्ति ही वह मार्ग है जिससे भगवान सहज ही प्रसन्न होते हैं और भक्त का जीवन धन्य हो जाता है।
बागेश्वर महाराज ने कथा के पांचवें दिन कहा कि जो लोग माया को ही अपना सर्वस्व मानकर जीवन बिताते हैं वे संसार के मोह-माया के चक्र में भटकते रहते हैं। उन्होंने कहा कि संसार में रहते हुए भी यदि मनुष्य के भीतर भगवान के होने का भाव जागृत रहे, तो वही भाव उसे भवसागर से पार लगाने का माध्यम बनता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि जीवन में धन, वैभव और अहंकार से अधिक महत्व भक्ति, सेवा और सदाचार को दें। सच्ची श्रद्धा और गुरु कृपा से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव में महाराज श्री ने पूर्व दीक्षित शिष्यों से आत्मीय भेंट की। इस दौरान उन्होंने सभी को आशीर्वाद प्रदान करते हुए आध्यात्मिक जीवन में निरंतर साधना, सेवा और गुरु के प्रति समर्पण का संदेश दिया।
सुंदरकांड मंडलों के 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने चलाया सफाई अभियान
बागेश्वर धाम की ओर से देश भर में सुंदरकांड मंडलों का गठन किया गया है। मंडलों को पूर्व में ही अवगत कराया गया था कि बागेश्वर धाम में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में समय-समय पर उपस्थित होकर अपना सहयोग करें। इस समय धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव चल रहा है। बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी बागेश्वर धाम पहुंच रहे हैं। सुंदरकांड मंडलों को जिम्मेदारी दी जा रही है। बीती रात मंडलों के 200 से अधिक स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर, परिक्रमा मार्ग, यज्ञशाला, कथा स्थल के अलावा धाम के विभिन्न क्षेत्रों में झाड़ू लगाकर साफ सफाई की। बागेश्वर महाराज साफ सफाई पर विशेष ध्यान देते हैं, उनका कहना है कि बागेश्वर धाम आने वाले लोगों को स्वच्छता का भी संदेश मिले।
सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए कृतज्ञता फाउंडेशन बांट रहा नि:शुल्क भागवत गीता
बागेश्वर धाम एक ऐसा स्थान है जहां दुनिया भर से लाखों लोग आते हैं। मूल रूप से टीकमगढ़ जिले के रहने वाले देवेंद्र अहिरवार अपने सहयोगियों के साथ बागेश्वर धाम में निशुल्क श्रीमद् भागवत गीता वितरित कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह पूर्व में 10 हजार पुस्तक बांट चुके हैं, करीब 40 हजार पुस्तकें बांटने का लक्ष्य रखा है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि लोगों में लगातार सांस्कृतिक मूल्यों की गिरावट हो रही है इसलिए इन मूल्यों की पुनर्स्थापना हेतु यह अभियान चलाया गया है। संस्था का विश्वास है कि सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़कर ही राष्ट्र का समग्र विकास संभव हो सकता है। यह फाउंडेशन नवोदय विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों को निशुल्क कोचिंग भी प्रदान करता है।
आज से तीन दिनों तक सन्यासी बाबा की चरण पादुकाओं के होंगे दर्शन
जैसे-जैसे गुरु पूर्णिमा का दिन नजदीक आता जा रहा है वैसे ही बागेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। भारी भीड़ को देखते हुए गुरु पूर्णिमा के एक दिन पहले से ही पूज्य सद्गुरु भगवान सन्यासी बाबा की चरण पादुकाओं के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। बागेश्वर धाम के सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि मंगलवार सुबह 9 बजे मंदिर से सन्यासी बाबा की चरण पादुकाएं लेकर परिक्रमा मार्ग से होते हुए ढोल नगाड़े, डीजे, घोड़ा के साथ कथा स्थल तक पहुंचेंगी। दोपहर 12 बजे के बाद 28, 29 और 30 जुलाई तक भक्तों को पादुका दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।