Oxford national public school

Oxford national public school आपके स्मार्ट बच्चों के लिए आपके क्षेत?

सभी अभिभावक गण को मेरा नमस्कार और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।जैसा कि आप सब को पता है अपना ऑक्सफोर्ड नेशनल पब्लिक स्कू...
11/11/2023

सभी अभिभावक गण को मेरा नमस्कार और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।
जैसा कि आप सब को पता है अपना ऑक्सफोर्ड नेशनल पब्लिक स्कूल हमेशा बच्चों की पढ़ाई के प्रति तत्पर रहता है और कुछ नए-नए एक्टिविटी करते रहता है इसी चरण में हम लोगों ने दशहरा के समय भी बच्चों को प्रोजेक्ट दिया था और अभी दीपावली के समय भी कुछ प्रोजेक्ट बच्चों को बनाने के लिए दिया था जिसमें बहुत सारे बच्चों ने अपना प्रोजेक्ट बनाकर लाया और सभी बच्चों ने बहुत अच्छा कोशिश किया और अपने अनुसार बहुत अच्छा प्रोजेक्ट बनाया इसके लिए सभी बच्चों को आप लोगों को शाबाशी भी देनी चाहिए उन्हें बच्चों में से जो क्लास में सबसे अच्छा था उसे हम लोगों ने सिलेक्ट किया और उसे उसका आज इनाम दिया गया साथी जितने बच्चे भी इसमें पार्टिसिपेट किए थे उन्हें भी उनका इनाम दिया गया।मेरा सभी अभिभावक गण से अनुरोध है कि आप लोग बच्चों को जो भी प्रोजेक्ट दिया जाता है उसे कोशिश करके बनवाएं ताकि वह कुछ नया-नया एक्टिविटी करें नया सीखें की आगे अपने लाइफ में भी कुछ नए-नए एक्टिविटी करते रहें
Regard
Vishal sir
Director Oxford National public school
Mitram help foundation

एक ऐसा त्यौहार जो चार दिन चलता है । कोई दंगा नहीं होता । इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता । किसी शांति समिति की बैठक कराने...
30/10/2022

एक ऐसा त्यौहार जो चार दिन चलता है । कोई दंगा नहीं होता । इंटरनेट कनेक्शन नहीं काटा जाता । किसी शांति समिति की बैठक कराने की जरुरत नहीं पड़ती । चंदे के नाम पर गुंडा गर्दी नहीं होती और जबरन उगाही भी नहीं । शराब की दुकाने बंद रखने का नोटिस नहीं चिपकना पड़ता । मिठाई के नाम पर मिलावट नहीं परोसी जाती है । ऊंच - नीच का भेद नहीं होता । व्यक्ति-धर्म विशेष के जयकारे नहीं लगते । किसी से अनुदान और अनुकम्पा की अपेक्षा नहीं रहती है । राजा रंक एक कतार में खड़े होते है । समझ से परे रहने वाले मंत्रो का उच्चारण नहीं होता और दान दक्षिणा का रिवाज नहीं है । प्रकृति के ऐसे महा पर्व *छठ पूजा* की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें🙏🏻

15/10/2022

सफलता क्या है ??

4 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।

8 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपने घर वापिस आने का रास्ता जानते हैं।

12 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपने अच्छे मित्र बना सकते हैं।

18 वर्ष की आयु में मदिरा और सिगरेट से दूर रह पाना सफलता है।

25 वर्ष की आयु तक रोजगार सृजन अथवा नौकरी पाना सफलता है।

28 वर्ष की आयु में एक पारिवारिक व्यक्ति बन जाना सफलता है।

35 वर्ष की आयु में आपने कुछ जमापूंजी बनाना सीख लिया ये सफलता है।

45 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपना युवावस्था बरकरार रख पाते हैं।

55 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने में सक्षम हैं।

65 वर्ष की आयु में सफलता है निरोगी रहना।

70 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप आत्मनिर्भर हैं किसी पर बोझ नहीं।

75 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आप अपने पुराने मित्रों से सम्बन्ध स्थापित रखे हुए हैं।

80 वर्ष की आयु में सफलता यह है कि आपको अपने घर वापस आने का रास्ता पता है।

और 85 वर्ष की आयु में फिर सफलता ये है कि आप अपने कपड़ों को गीला नहीं करते।

अंततः यही तो जीवन चक्र है.. जो घूम फिर कर वापस वहीं आ जाता है जहाँ वह आरम्भ हुआ था और

यही जीवन का परम सत्य है।

11/09/2022

1️⃣1️⃣❗0️⃣9️⃣❗2️⃣0️⃣2️⃣2️⃣

*🪴 आज का प्रेरक प्रसंग 🪴*

*!! दिखावे का फल !!*
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मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त एक युवा नौजवान की बहुत अच्छी नौकरी लग जाती है, उसे कंपनी की और से काम करने के लिए अलग से एक केबिन दे दिया जाता है।

वह नौजवान जब पहले दिन office जाता है और बैठ कर अपने शानदार केबिन को निहार रहा होता है तभी दरवाजा खट -खटाने की आवाज आती है दरवाजे पर एक साधारण सा व्यक्ति रहता है , पर उसे अंदर आने कहनेँ के बजाय वह युवा व्यक्ति उसे आधा घँटा बाहर इंतजार करनेँ के लिए कहता है।
आधा घँटा बीतनेँ के पश्चात वह आदमी पुन: office के अंदर जानेँ की अनुमति मांगता है, उसे अंदर आते देख युवक टेलीफोन से बात करना शुरु कर देता है. वह फोन पर बहुत सारे पैसोँ की बातेँ करता है, अपनेँ ऐशो – आराम के बारे मेँ कई प्रकार की डींगें हाँकनेँ लगता है, सामनेँ वाला व्यक्ति उसकी सारी बातेँ सुन रहा होता है, पर वो युवा व्यक्ति फोन पर बड़ी-बड़ी डींगें हांकना जारी रखता है.

जब उसकी बातेँ खत्म हो जाती हैँ तब जाकर वह उस साधारण व्यक्ति से पूछता है है कि तुम यहाँ क्या करनेँ आये हो?

वह आदमी उस युवा व्यक्ति को विनम्र भाव से देखते हुए कहता है , “साहब, मैँ यहाँ टेलीफोन रिपेयर करनेँ के लिए आया हुँ, मुझे खबर मिली है कि आप जिस टेलीफोन से बात कर रह थे वो हफ्ते भर से बँद पड़ा है इसीलिए मैँ इस टेलीफोन को रिपेयर करनेँ के लिए आया हूँ।”

इतना सुनते ही युवा व्यक्ति शर्म से लाल हो जाता है और चुप-चाप कमरे से बाहर चला जाता है। उसे उसके दिखावे का फल मिल चुका होता है.

कहानी का सार यह है कि जब हम सफल होते हैँ तब हम अपनेँ आप पर बहुत गर्व होता हैँ और यह स्वाभाविक भी है। गर्व करनेँ से हमे स्वाभिमानी होने का एहसास होता है लेकिन एक सी के बाद ये अहंकार का रूप ले लेता है और आप स्वाभिमानी से अभिमानी बन जाते हैं और अभिमानी बनते ही आप दुसरोँ के सामनेँ दिखावा करने लगते हैं ।

*शिक्षा:-* हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम चाहे कितने भी सफल क्यों ना हो जाएं व्यर्थ के अहंकार और झूठे दिखावे में ना पड़ें अन्यथा उस युवक की तरह हमे भी कभी न कभी शर्मिंदा होना पड़ सकता है।
Vishal sir
Oxford national public school parsagarh

*सदैव प्रसन्न रहिए,*
*जो प्राप्त है वही पर्याप्त है।।*
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*📜 05 सितम्बर 📜*      *📚 राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 📚**🌹 डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन // जयंती 🌹*जन्म : 05 सितंबर 1888मृत्यु : 17...
10/09/2022

*📜 05 सितम्बर 📜*

*📚 राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 📚*

*🌹 डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन // जयंती 🌹*

जन्म : 05 सितंबर 1888
मृत्यु : 17 अप्रैल 1975

भारत में हर साल डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को उनके योगदान और उपलब्धियों को श्रद्धांजलि के रूप में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्कूल से लेकर कॉलेजों तक छात्र-छात्राएं बड़े ही धूमधाम से उनकी जयंती मनाते हैं। इस दिन छात्र अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं।

5 सितंबर, 1888 को जन्मे डॉ. राधाकृष्णन ने न केवल भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया बल्कि एक विद्वान, दार्शनिक और भारत रत्न से सम्मानित भी थे।

अपनी तमाम उपलब्धियों और योगदानों के बावजूद राधाकृष्णन जीवन भर शिक्षक रहे। शिक्षक दिवस भारत के पहले उपराष्ट्रपति की स्मृति का सम्मान करने और हमारे जीवन में शिक्षकों के महत्व को मनाने के लिए मनाया जाता है।

उन्होंने कई क्षमताओं में अपने देश की सेवा की है। लेकिन सबसे बढ़कर, वह एक महान शिक्षक हैं जिनसे हम सभी ने बहुत कुछ सीखा है और आगे भी सीखते रहेंगे। हमारे राष्ट्रपति के रूप में एक महान दार्शनिक, एक महान शिक्षाविद् और एक महान मानवतावादी का होना भारत का विशिष्ट विशेषाधिकार है।

>> भारत रत्न से सम्मानित हुए

15/03/2022
30/12/2021

Prayer time ke kuch pal

23/11/2021
🍃🌾🌾      *24 SEPTEMBER 2021*       *🔹 आज की प्रेरणा 🔹* अगर आपको प्यार के कुछ शब्द सुनने हैं तो पहले आपको कुछ प्यार के शब...
24/09/2021

🍃🌾🌾

*24 SEPTEMBER 2021*

*🔹 आज की प्रेरणा 🔹*

अगर आपको प्यार के कुछ शब्द सुनने हैं तो पहले आपको कुछ प्यार के शब्द कहने भी पड़ेंगे बिल्कुल उसी तरह जैसे किसी दिए को जलाये रखने के लिए पहले उसमें तेल डालना पड़ता है।

*आज से हम* सभी को प्यार दें।

*💧 TODAY'S INSPIRATION 💧*

In order to keep a lamp burning you need to put oil in it, similarly If you want to hear words of love from someone, you need to love them first.

*TODAY ONWARDS LET'S* give love to all.

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