04/12/2023
कल से सब जगह चल रहा है कि कर्मचारी वर्ग ने चंद रुपयों के लिए उम्मेदा राम जी को हरा दिया । बगैर सच जाने कर्मचारी वर्ग पर इस तरह के आरोप लगाना मुझे सही नही लगता है ।
हा यह सच है OPS के लिए काफी मतदान किया और उसमे कुछ गलत भी नहीं है ।
अगर कोई एक व्यक्ति एमएलए (विधायक) भले ही एक दिन के लिए बनता है तो भी जीवन भर पेंशन उठाता है और उस से राज्य के वित पर भार नही बढ़ता है क्योंकि कलम ही इनकी और कागज भी इनका ।क्या उम्मेद जी एमएलए बनने के बाद पेंशन त्याग देते यह कहके के चंद पैसों के लिए राज्य का भार नही बढ़ाए।शायद ही ऐसा कर पाते ।तो फिर कर्मचारी कैसे गलत हो गए ,उन्हें ops से फायदा होगा तो वोट करेंगे उसमें गलत भी क्या है ।और सभी जन प्रतिनिधि पेंशन का प्रावधान वापस ले ले तो मुझे नही लगता किसी कर्मचारी द्वारा ops मांगा जाएगा।
रही बात स्मार्ट क्लास रूम की तो उनसे कोई शिक्षा क्रांति नही आती है ।क्योंकि 99/ बोर्ड्स कोई उपयोग नहीं करता है ।धन्यवाद उनको उन्होंने स्मार्ट रूम्स लगाए लेकिन इस से कर्मचारी वर्ग कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता है ।और रही बात धनबल की तो अपने जीत के लिए सब जोर लगाते है और स्मार्ट बोर्ड्स भी इस कैटेगरी में रखे जा सकते है ।पार्टी द्वारा फ़्री में फालतू की योजनाएं ( सभी योजना नही) इस कैटेगरी में आती है ।
इस लिए कर्मचारी वर्ग को इस तरह आरोप न लगाए ,,, एक सामान्य परिवार से नोकरी में लगा व्यक्ति जीवन भर अनुशासन से चुनाव ,आपदा और हर कठिन हालत में राज्य की सेवा कार्य करता है और अंत में केवल अपने बच्चो की पढ़ाई और माता पिता के लिए दवाई का प्रबंध कर पाता है । आज जब कम मार्जिन से हारने पर कर्म चारी गलत हो गए । लोकतंत्र में अपने हित सब देखते है । किसी ने जनता का मन जीत कर हित देखा ,किसी ने साम दाम दण्ड भेद का प्रयोग कर अपना हित देखा,,कर्म चारी ने ops का हित देखा । सब अपनी अपनी जगह सही है ।
सोशल मीडिया पर यह जो उम्मीदवार से ज्यादा रो रहे है उनसे कहना चाहता हु ,विधायक कोई भी बने आम आदमी के उस से कोई फर्क नही पड़ता है और आपको भी नही पड़ना चाहिए।खुद पर काम करे और इस योग्य बनाए कोई जीते हारे तो आपके पर प्रभाव न पड़े ।बाकी चुनाव के दौरान जीत के जोश में लोगो के नजरो में आए तो उसकी भरपाई में समय तो लगना ही है ।।🙏🙏🙏