22/03/2026
कहानी है गोडू-बज्जू के एक साधारण से गाँव के लड़के श्रीचंद की…
10वीं बोर्ड में 74.33% और 12वीं में 70.60%—आज के समय में ये प्रतिशत किसी भी ऐसे बच्चे के होते हैं, जो साइंस लेना चाहता है।
न बहुत ज्यादा, न बहुत कम… बिल्कुल सामान्य।कहानी है गोडू-बज्जू के एक साधारण से गाँव के लड़के श्रीचंद की…
श्रीचंद ने एक काम असाधारण किया —
उसने कभी अपने प्रतिशत को अपने सपनों पर हावी नहीं होने दिया।
शुरुआत में उसने भी कभी नहीं सोचा था कि वो NEET जैसी बड़ी परीक्षा की तैयारी करेगा या डॉक्टर बनेगा।
पर किस्मत नहीं, सही मार्गदर्शन और सही माहौल इंसान की दिशा बदल देता है।
जब वह लक्ष्य कोचिंग बीकानेर पहुँचा,
वहाँ के teachers, director और management ने सिर्फ पढ़ाया नहीं…
उसके अंदर छिपे सपने को पहचान लिया।
धीरे-धीरे…
• उसे समझ आया कि science क्या है
• NEET क्या है
• और डॉक्टर बनने का असली मतलब क्या होता है
फिर शुरू हुई मेहनत…
और जब मेहनत जुनून बन जाए, तो परिणाम खुद-ब-खुद इतिहास बन जाता है।
👉 पहले ही प्रयास में
👉 NEET 2025 में 748 (EWS - General) रैंक
👉 और RNT मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में MBBS में चयन
सोचिए…
एक ऐसा बच्चा, जो खुद नहीं जानता था कि वो डॉक्टर बनेगा,
आज सफेद कोट पहनने के अपने सपने को जी रहा है।
💬 इस कहानी का संदेश
NEET मुश्किल नहीं है…
बस आपका पैशन NEET होना चाहिए
आपके अंदर वो सफेद कोट पहनने की जिद और जुनून होना चाहिए।
जब ये जुनून सही दिशा पाता है,
तो NEET जैसी परीक्षा भी आसान लगने लगती है।
🎯 खासकर हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए
अगर आप हिंदी माध्यम से हैं
और पहले ही प्रयास में NEET निकालना चाहते हैं,
तो सही मार्गदर्शन सबसे जरूरी है…
और उसके लिए लक्ष्य कोचिंग बीकानेर से बेहतर विकल्प ढूंढना मुश्किल है।
✨ याद रखिए:
“अंक (Percentage) आपकी पहचान नहीं होते,
आपकी मेहनत और आपका जुनून ही आपकी असली पहचान बनते हैं।”