01/06/2019
भारत सरकार ने ाष्ट्रीय_शिक्षा_नीति_2019 कल जारी कर दी। जिसमें #टीईटी को और कठिन करते हुए प्रथम #स्क्रीनिग_टेस्ट का नाम दिया गया है और इसे अब सेकेंडरी लेबल तक लागू करने की सिफारिश भी की है। इसके बाद दूसरा टेस्ट जिसे नाम दिया गया है जो परफॉर्मेंस बेस्ड एग्जाम आयोजित करेगी इसे पास करने पर ही शिक्षक परमानेंट होंगे।नए टीचर्स 3 वर्षीय प्रोबेशन पर रहेंगे फिर NTA परीक्षा में अच्छा परफॉर्म करने वालो को सैलरी इन्क्रीमेंट लीक से हटकर दिया जाएगा। के अनुसार 2022 तक पैरा टीचर्स शिक्षामित्र आदि स्कूल में नहीं रहेंगे। टीचर्स की भर्ती में डेमो कम इंटरव्यू mandatory होगा। स्कूल्स के पास टीचर्स क्वार्टर्स बनाये जाएंगे। प्राइवेट स्कूल्स में भी टीचर्स के लिए अनिवार्य होगा। और भी बहुत कुछ बदलाव हुआ है जो इसे पढ़कर ही समझ सकते हैं
29/05/2019
आर्मी की 1600 मीटर दौड़ के लिए टिप्स जिसकी मदद से आपका 1.6 KM रनिंग फर्स्ट ग्रुप स्थान मे पाना आसान हो जाता है।
इंडियन आर्मी रैली में सबसे पहले फिजिकल टेस्ट होता है तथा फिजिकल टेस्ट में सर्वप्रथम 1600 मीटर (1.6 किलोमीटर) रनिंग होती है तथा केवल 3% से 8% नोजवान ही इंडियन आर्मी रनिंग के टेस्ट को सफलतापूर्वक पास कर पाते है। यदि आप इंडियन आर्मी में भर्ती होने चाहते है तो आपकी फिजिकल में 100 मार्क्स लाने की कोशिश होनी चाहिए क्योंकि फिजिकल में 100 नंबर मिलने से मेरिट में स्थान पाना आसान हो जाता है।
फिजिकल में अच्छे मार्क्स लाने के लिए आपको आर्मी की 1600 मीटर दौड़ प्रथम ग्रुप में करनी पड़ेगी। यदि आपने अभी तक इंडियन आर्मी रनिंग की तयारी नही की है तथा 1600 मीटर दौड़ की तयारी शुरू करना चाहते है तो हमारी नीचे दी गयी पोस्ट को जरूर पढ़ें जिसकी मदद से आप केवल 3 महीने में इंडियन आर्मी रनिंग की तैयारी कर सकते है।
अब हम आपको रनिंग टिप्स बताएंगे जो आपको इंडियन आर्मी रैली के फिजिकल के दिन इस्तेमाल करने है। ये टिप्स 100% रनिंग में पास होने के लिए काम करते है तथा फिजिकल इंस्ट्रक्टर के द्वारा इन टिप्स को आर्मी रनिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है।
Indian Army 1600 meter running tips
जिस दिन आपका फिजिकल हो उससे 3 दिन पहले रनिंग प्रैक्टिस करना बंद करदे। इससे आपकी मासपेशियां पूरी तरह से रिलैक्स होकर रनिंग के लिए तैयार हो जाएगी तथा फिजिकल के दिन आपको थकावट तथा मासपेशियो में दर्द बिल्कुल नही होगा।
फिजिकल से एक दिन पहले हल्का भोजन खाये तथा उस दिन सुबह सुबह 1 गिलास पानी पीएं तथा फ्रेश हो जाये।
रनिंग वाले दिन से पहली रात दांतो को ब्रश करके सोए तथा सुबह में बगैर टूथ पेस्ट के ब्रश करे। ऐसा करने से दौड़ते समय आपको प्यास नही लगेगी तथा मुह नही सूखेगा।
आर्मी दौड़ के लिए अच्छे रनिंग जूते खरीदे तथा उन्हें फिजिकल से कुछ दिन पहले से इस्तेमाल करे ताकि इंडियन आर्मी दौड़ वाले दिन तक वो आपके पैरों में अच्छे से फिट हो जाये। (कुछ नोजवान सोचते है कि रनिंग शूज इंडियन आर्मी रनिंग में ज्यादा महत्वपूर्ण नही होते, मैँ आपको बताना चाहता हूँ कि अच्छे रनिंग शूज हल्के होने तथा अच्छी सोल होने से 5 मीटर तक का अंतर डालते है ओर यही 5 मीटर आपको फैल से पास तथा सेकंड ग्रुप से फर्स्ट ग्रुप में डाल सकता है। यही कारण है कि राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अच्छे जूतों का इस्तेमाल करते है।
रनिंग के लिए एथेलेटिक जुराबों का इस्तेमाल करे। अच्छी जुराबें पसीना सोखती है तथा पैरों ओर जूते में घर्षण से बचाती है जिससे आपके पैर में कॉर्न तथा चोट नही लगती। कैंडिडेट को इंडियन आर्मी रनिंग की प्रैक्टिस के दौरान से ही अच्छे जूते तथा जुराबों का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि फिजिकल के समय उसके पैर चोट वगैरह से बचे रहे।
इंडियन आर्मी 1600 मीटर रनिंग हाफ पैंट (निक्कर) में दौड़े इससे आपके कदम की लंबाई बढ़ेगी तथा कम समय मे ज्यादा दूरी तय करने में मदद मिलेगी
रनिंग ग्राउंड में जाने से पहले थोड़ा सा (एक से दो घूंट) पानी पीएं तथा बाथरूम वगरैह करले ताकि रनिंग से पहले आप बिलकुल कम्फ़र्टेबल हो।
रनिंग शुरू होने से पहले 5 से 10 मिनट वार्म अप (स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज) करें।
रनिंग ग्राउंड में हमेशा सबसे आगे तथा ग्राउंड के अंदर वाली साइड खड़े हो
ग्रुप में सबसे आगे खड़े होने से आपको शुरू में रुकावट का सामना नही करना पड़ता। पीछे वाले कैंडिडेट को भीड़ से बाहर निकलने में ही 15 से 30 सेकंड लग जाते है। बहुत बार कैंडिडेट भीड़ से आगे निकलते समय गिर भी जाते है इसलिए इस सब से बचने के लिए सबसे आगे खड़े हो।
ग्राउंड के अंदर वाली साइड खड़े होने से दूरी 1600 मीटर हो जाती है। यदि ग्राउंड के बाहर वाली साइड से दौड़ोगे तो आपको हर राउंड में 5 से 10 मीटर ज्यादा दौड़ना पड़ेगा जो 4 राउंड का मिलकर 20 से 40 मीटर हो जाता है। इसलिए कोशिश करे कि ग्रुप में सबसे आगे तथा ग्राउंड के अंदर वाली साइड ही खड़े हो।
1600 मीटर दौड़ शुरू होने से पहले अलर्ट रहे तथा रनिंग शुरू करने के आदेश का इंतजार करें।
रनिंग शुरू होते ही पहले 50 मीटर तक थोड़ी सी ज्यादा स्पीड में दौड़े ताकि आप ग्रुप की भीड़ में न फसे। 50 मीटर के बाद आप अपनी सामान्य स्पीड में आ सकते है।
रनिंग के शुरू में ही ज्यादा दम न लगाएं, मध्यम स्पीड से दौड़ते रहे।
दौड़ते समय पैर के आगे वाले हिस्से के ऊपर दौड़े उससे स्पीड ज्यादा मिलती है।
1600 मीटर रनिंग करते टाइम शरीर को थोड़ा सा आगे की तरफ जुकाकर दौड़े। उसे शरीर का सरफेस एरिया कम हो जाता है तथा हवा से घर्षण कम होता है और दौड़ने की स्पीड बढ़ती है।
ग्रुप में न ही सबसे आगे रहे तथा न ही सबसे पीछे रहे। एक स्पीड बनाकर दौड़ते रहे।
इंडियन आर्मी भर्ती की 1600 मीटर दौड़ के 3 राउंड (1200 मीटर) होने के बाद अपनी स्पीड बढ़ाना शुरू करे तथा एक एक कैंडिडेट को पीछे छोड़ना शुरू करे।
1600 मीटर की रनिंग में आपको इतना स्टैमिना बचा के रखना है कि अंतिम 100 मीटर से 200 मीटर तक आप स्प्रिंट (तेज स्पीड) में दौड़ सके।
रनिंग के आखरी 100 मीटर में पूरा स्टैमिना लगा दे तथा पूरी स्पीड के साथ दौड़ को समाप्त करे।
दौड़ खत्म करते ही 3 से 5 मिनट तक जम्प करे या हिलते डुलते रहे। एक दम से शरीर को ठंडा न होने दे।
दोस्तो ये थे इंडियन आर्मी 1600 मीटर दौड़ के लिए टिप्स। ऊपर बताये गए रनिंग टिप्स को फॉलो करके आप 1600 मीटर रनिंग में सफलता पा सकते है परन्तु उससे पहले आपको रनिंग की खूब सारी मेहनत करने की आवश्यकता होती है।
ये टिप्स भी तभी काम करते है जब आपने 1600 मीटर रनिंग की आर्मी भर्ती से पहले अच्छे से तयारी कर रखी हो। इन टिप्स की मदद से आपके टाइमिंग में इम्प्रूवमेंट होगी।
@ # 💪✌️⛹️🏋️🤸
28/05/2019
Those weren't just Tress!!
They were Home's
28/05/2019
👉कभी आना हमारे #राजस्थान में वापस👈 जाने के लिए रास्ता ना ढूंढो तो👇👇_____ मुझे कहना😁😇😋😋😝😜😜
#पधारो_म्हारे_देश rajsthan
जय राजस्थान
जय मरुधर
25/05/2019
Real Hero 🙏
Ketan Jorawadia climbed up to 2nd floor & saved life of 2 students yesterday in Takshshila complex
Putting his own life at risk in sure death zone & going all out to save lives of fellow citizen is an extraordinary bravery
Salute & Respect Ketan🙏
Jai Hind
22/05/2019
जरुर पढे
नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद, एक दिन अपने सुरक्षा कर्मियों के साथ रेस्तरां में खाना खाने गए। खाने का आर्डर दिया और उसके आने का इंतजार करने लगे ।
उसी समय मंडेला की सीट के सामने एक व्यक्ति भी अपने खाने का आने का इंतजार कर रहा था । मंडेला ने अपने सुरक्षाकर्मी को कहा, उसे भी अपनी टेबुल पर बुला लो। ऐसा ही हुआ, खाना आने के बाद सभी खाने लगे, वो आदमी भी साथ खाने लगा, पर उसके हाथ खाते समय काँप रहे थे। माथा पसीने से तर था। खाना खत्म कर वो आदमी सिर झुका कर होटल से निकल गया । उस आदमी के खाना खा के जाने के बाद मंडेला के सुरक्षा अधिकारी ने मंडेला से कहा कि वो व्यक्ति शायद बहुत बीमार था। खाते वक़्त उसके हाथ लगातार कांप रहे थे। वह भी कांप रहा था और पसीना भी आ रहा था। घबराया सा भी लग रहा था।
मंडेला ने कहा नहीं ऐसा नहीं है। वह उस जेल का जेलर था, जिसमें मुझे रखा गया था। जब कभी मुझे यातनाएं दी जाती और मै कराहते हुये पानी मांगता तो ये गाली देता हुआ मेरे ऊपर पेशाब करता था ।
मंडेला ने कहा , मै अब राष्ट्रपति बन गया हूं, उसने समझा कि मै भी उसके साथ ऐसा ही व्यवहार करूंगा। पर मेरा यह चरित्र नहीं है।
मुझे लगता है बदले की भावना से काम करना विनाश की ओर ले जाता है। यही धैर्य और सहिष्णुता की मानसिकता ही हमें विकास की ओर ले जाती है ।
21/05/2019
इन लाचार परिवार के बारे में एक बार जरूर सोचिये ये भी हमारे अपने ही है जो आज लाचार है । हमारी एक पहल एक परिवार की जिंदगी अच्छी बना सकते है,,,, भारत मे लाखो परिवार है सभी अपनी इच्छा अनुसार जितना हो सके उतने पैसे से इस परिवार की मदद करे*
Note:- नीचे फोटो में #बैंक_अकाउंट दिया गया है जरूर मदद करिए ।।
20/05/2019
भारत के स्वाधीनता आंदोलन के क्रांतिकारी नेता विपिन चंद्र पाल जी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन्।
बिपिन चंद्र पाल (जन्म: 7 नवंबर, 1858 - मृत्यु: 20 मई, 1932) का नाम भारत के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में 'क्रान्तिकारी विचारों के जनक' के रूप में आता है, जो अंग्रेज़ों की चूलें हिला देने वाली 'लाल' 'बाल' 'पाल' तिकड़ी का एक हिस्सा थे।
18/05/2019
Plz एक बार पूरा जरूर पढ़े plz
🙏🙏एक अनुरोध आपसे भाइयों 🙏🙏
🙏खेत खलियान मे घास फुस ना जलाये🙏
#ये जिन्दगिया #ख़त्म हो जाएगी अपने #अनजान पने मे #आपसे पुनः निवेदन है #आप समझें और #दोस्तों को भी समझायें. #दिल को अच्छा लगे तो #शेयर करें ताकी #सबको इसके बारे मे #अवगत करा सकें. #धन्यवाद भाई #आपने समय दिया
15/05/2019
डीएम ने सरकारी स्कूल में कराया बेटी का एडमिशन, बोले-क्या करूं.... मैंने कभी रिश्वत नहीं ली
New Delhi: हमारे देश में सरकारी स्कूलों की हालत देखकर आजकल के लोग अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करवाते हैं, लेकिन हमारे देश में ही एक अधिकारी ने अपनी बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में कराकर मिसाल पेश की है।
बलरामपुर कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने अपने मजबूत इरादों से प्रदेश के अन्य नौकरशाहों की बीच एक बड़ा संदेश दिया है। कलेक्टर अविनाश कुमार शरण ने अपनी पांच वर्षीय बेटी का दाखिला सरकारी स्कूल में कराया है।
उन्होंने अपनी बेटी की प्राथमिक स्तर की पढ़ाई के लिए सरकारी प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय को चुना है। इस पहल से अब लगता है कि सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर उठ रही उंगलियां अब थम जाएंगी। जाहिर है कि जिस स्कूल में जिले के कलेक्टर के बच्चे पढ़ेंगे, उस स्कूल की शिक्षा का स्तर सुधरने की गुंजाइश बढ़ जाएगी।