हल्दी चालीसा
Pappu Lal Koli
इस पेज पर हेल्थ ,योग,और आयुर्वेद से सम्बंधित जानकारी देना हमारा मैन उद्धेश्य है। Panting and light fiting service
14/04/2024
भारतीय संविधान के रचयिता,गरीबों के मसीहा,
देश को नई दिशा देने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर
उन्हें शत शत नमन एवं समस्त देशवासियों को अम्बेडकर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं🎉🎊💐
JaiBhim everyone! 🙏
14/01/2024
*🌞~ आज का हिन्दू पंचांग ~🌞*
https://youtube.com/shorts/tjuGV0vuweI?si=UaqGu_GRiYXJT8_0
*⛅दिनांक - 15 जनवरी 2024*
*⛅दिन - सोमवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2080*
*⛅अयन - उत्तरायण*
*⛅ऋतु - शिशिर*
*⛅मास - पौष*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - पंचमी मध्य रात्रि 02:16 तक तत्पश्चात षष्ठी*
*⛅नक्षत्र - शतभिषा सुबह 08:07 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
*⛅योग - वरियान् रात्रि 11 :11 तक तत्पश्चात परिघ*
*⛅राहु काल - सुबह 08:44 से 10:06 तक*
*⛅सूर्योदय - 07:23*
*⛅सूर्यास्त - 06:15*
*⛅दिशा शूल - पूर्व*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:38 से 06:30 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:23 से 01:15 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - मकर संक्रांति, पोंगल*
*⛅विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹मकर संक्रांति - 15 जनवरी 2024🌹*
*🌹पुण्यकालः सूर्योदय से सूर्यास्त तक*
*🌹मकर संक्रांति कैसे मनायें ?🌹*
*🌹इस दिन स्नान, दान, जप, तप का प्रभाव ज्यादा होता है । उत्तरायण के एक दिन पूर्व रात को भोजन थोड़ा कम लेना ।*
*🌹मकर संक्रांति का स्नान रोग, पाप और निर्धनता को हर लेता है । जो उत्तरायण पर्व के दिन स्नान नहीं कर पाता वह ७ जन्म तक रोगी और दरिद्र रहता है ऐसा शास्त्रों में कहा गया है ।*
*🌹मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय से पहले स्नान करने से १०,००० गौदान करने का फल शास्त्र में लिखा है ।*
*🌹उत्तरायण के दिन पंचगव्य का पान पापनाशक एवं विशेष पुण्यदायी माना गया है । त्वचा से लेकर अस्थि तक की बीमारियों की जड़ें पंचगव्य उखाड़ के फेंक देता है ।*
*🌹पंचगव्य आदि न बना सको तो कम-से-कम गाय का गोबर, गोझारण, थोड़े तिल, थोड़ी हल्दी और आँवले का चूर्ण इनका उबटन बनाकर उसे लगा के स्नान करो अथवा सप्तधान्य उबटन से स्नान करो (पिसे हुए गेहूँ, चावल, जौ, टिल, चना, मूँग और उड़द से बना मिश्रण) ।*
*🌹मकर संक्रांति या उत्तरायण दान-पुण्य का पर्व है । इस दिन किया गया दान-पुण्य, जप-तप अनंतगुना फल देता है ।*
*🌹ॐ ह्रां ह्रीं सः सूर्याय नम:। इस मंत्र से सूर्यनारायण की वंदना कर लेना, उनका चिंतन करके प्रणाम कर लेना । इससे सूर्यनारायण प्रसन्न होंगे, निरोगता देंगे और अनिष्ट से भी रक्षा करेंगे ।*
*ॐ आदित्याय विदमहे भास्कराय धीमहि । तन्नो भानु: प्रचोदयात् ।*
*🌹इस सुर्यगायत्री के द्वारा सूर्यनारायण को अर्घ्य देना विशेष लाभकारी माना गया है ।*
*🌹सूर्यगायत्री का जप करके ताँबे के लोटे से जल चढाते है और चढ़ा हुआ जल जिस धरती पर गिरा, वहा की मिटटी का तिलक लगाते हैं तथा लोटे में ६ घूँट बचाकर रखा हुआ जल महामृत्युंजय मंत्र का जप करके पीते हैं तो आरोग्य की खूब रक्षा होती है । आचमन लेने से पहले उच्चारण करना होता है –*
*अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम् ।*
*सूर्यपादोदकं तीर्थ जठरे धारयाम्यहम् ।।*
*🌹अकालमृत्यु को हरनेवाले सूर्यनारायण के चरणों का जल मैं अपने जठर में धारण करता हूँ । जठर भीतर के सभी रोगों को और सूर्य की कृपा बाहर के शत्रुओं, विघ्नों, अकाल-मृत्यु आदि को हरे ।*
*🌹इस दिन जो ६ प्रकार से तिलों का उपयोग करता है वह इस लोक और परलोक में वांछित फल को पाता है :*
*१] पानी में तिल डाल के स्नान करना ।*
*२] तिलों का उबटन लगाना ।*
*३] तिल डालकर पितरों का तर्पण करना, जल देना ।*
*४] अग्नि में तिल डालकर यज्ञादि करना ।*
*५] तिलों का दान करना ।*
*६] तिल खाना ।*
*🌹तिलों की महिमा तो है लेकिन तिल की महिमा सुनकर तिल अति भी न खायें और रात्रि को तिल और तिलमिश्रित वस्तु खाना वर्जित है ।*
*🌹प्रार्थना, संकल्प करें कि 'प्रभो ! जैसे सूर्यनारायण उत्तर की ओर गति करते हैं और सूर्यप्रकाश बढ़ता जाता है ऐसे ही हमसे पहले जो कुछ हो गया अंधकार, अज्ञान के प्रभाव में आ के वह आप माफ कर दो, अब हम प्रकाश की ओर चलेंगे, समझदारी से चलेंगे ।'*
*🌹इस पर्व पर सूर्यनारायण को वंदन- प्रणाम करें । इस तपस्या के दिन कोई रुपया- पैसा तो कोई आरोग्य माँगता है लेकिन हम अगर माँगें तो ऐसा माँगें कि माँगने की कोई वासना ही न रहे, हम भगवत्पद माँगें, भगवान को ही माँगें, भगवान की दृढ़ भक्ति मांगे तो सब कुछ हो गया ।*
*🌹 इस मकर संक्रांति का आप फायदा उठाओ । - पूज्य बापूजी*
#shorts आरोग्यदाता-जीवनीशक्ति प्रदाता हैं सूर्यदेव #santshriasharamjibapu #makarsankranti #sungod
गुड के फायदे
🥗 ब्रह्मचर्य औषधि समाधान भाग 771🥗
🥗🥗गुड के फायदे:-
🥗गन्ने के रस को पकाकर बना गुड सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद है. हमने अधिकतर गुड को गन्ने के खेतो के आस-पास बड़ी बड़ी कड़ाइयों मे पकते देखा है, हालाकि आज कल गुड मशीनों के द्वारा भी बनाया जाता है, परंतु मशीनों से बने इस गुड का स्वाद पारंपरिक तरीके से बने गुड की तरह नहीं होता. गुड का स्वाद गन्ने की तरह ही मीठा मुह मे रस घोलने वाला होता है, परंतु आज के समय मे शायद ही आपको असली और शुध्द गुड बाजार मे मिल पाये.
स्वाद मे मीठे गुड की तासीर गर्म होती है.
अगर गुड को पानी के साथ मिलाकर लिया जाए, तो इसकी तासीर ठंडी हो जाती है.
यह आपके शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर निकालता है.
सर्दी के साथ साथ गुड कान के दर्द मे भी फायदे मंद है.
गुड खाने से खून बढ़ता है.
गुड भूख को बढ़ाता है.
गुड खाने से आखो की रोशनी बढ़ती है.गुड खाने से इंसान की याददाश्त भी तेज होती है.
सर्दी का घरेलू इलाज
यदि आप ठंड के मौसम मे सर्दी ख़ासी कफ आदि समस्या से परेशान है, तो गुड आपके लिए बहुत ही फायदे मंद है. क्यूकि गुड की तासीर गर्म होती है, तो वह इन रोगो मे फायदा पहुचाता है. इसके लिए ठंड के मौसम मे गुड की चाय बनाकर पीना बहुत अच्छा होता है| आप चाहे तो गुड को दूध मे मिलाकर या इसका काढ़ा बनाकर भी पी सकते है.
🥗पेट का रखे ख्याल
अगर आपको खाने के बाद मीठा खाने की आदत है, तो गुड खाइये यह आपको गैस और खाना न पचने जैसी समस्याओ से बचाएगा तथा आपका हाजमा भी अच्छा रहेगा. अगर आपको गैस की समस्या अधिक है, तो रोजाना गुड का सेवन पानी मे मिलाकर करे, आपकी समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.
🥗महिलाओ के लिए वरदान
महिलाओ को अपनी त्वचा का ख्याल सबसे ज्यादा होता है और अगर आप रोजाना गुड का सेवन करते है, तो यह आपके शरीर से हानिकारक टॉक्सिन को बाहर कर देता है और आपकी त्वचा का ख्याल रखता है. इसी के साथ यदि किसी महिला को पीरियड के समय समस्या होती है तो वह उन दिनो गुड का सेवन करे तो बहुत ही फायदेमंद होता है.
🥗शरीर को ऊर्जा देने वाला
यदि आपको अचानक से थकान महसूस हो रही है, तो ऐसे समय गुड राम बाण की तरह काम करता है. ऐसे समय मे आप अपनी इच्छा अनुसार गुड को पानी या दूध मे मिलाकर ले सकते है यकीन मानिए आपको फायदा जरूर होगा. अगर आपके कान मे दर्द है तो ऐसे मे भी आप गुड को घी मे मिलाकर ले सकते है आपके कान दर्द मे राहत मिलेगी.
🥗शरीर के लिए फायदेमंद
ज़गुड शरीर मे खून की सफाई करता है और शरीर के मेटाबोलिस्म को भी मेंटेन करता है. इसी के साथ साथ गुड का सेवन गले और फेफड़ो के इन्फ़ैकशन के समय भी लाभकारी है. अगर आपको माइग्रेन की समस्या है, तब भी गुड आपको फायदा पहुचायेगा.
🥗अस्थमा मे उपयोगी
गुड मे एंटि एलरजिक तत्व होते है, जिससे यह आस्थमा के मरीजो के लिए भी फायदेमंद है. इसके लिए आप चाहे तो काली तिल मे गुड डालकर लड्डू बनाकर उसका सेवन रोजाना कर सकते है.
🥗ख़ासी को दूर भगाये
अगर आपके गले मे खराश है, या आपको ख़ासी है, तो यदि आप अदरक के रस को गुड मे डालकर गरम करे और इसका नियमित सेवन करे, तो आपकी समस्या दूर हो जायेगी.
🥗सास मे रोगो मे लाभकारी
यदि आपको सास की समस्या है तो आप गुड मे बराबर मात्रा मे सरसो का तेल मिलाकर उसका सेवन नियमित रूप से करे, तो आपको फायदा अवश्य होगा.
🥗जोड़ो के दर्द मे लाभकारी
अगर आप जोड़ो के दर्द से परेशान है, तो रोजाना गुड का टुकड़ा अदरक के साथ चबाने से आपको फायदा अवश्य होगा.
🥗पीलिया मे लाभकारी
अगर आपको पीलिया हो गया है, तो आप 5 ग्राम सोठ मे 1 ग्राम गुड मिलाकर उसका सेवन करे, तो आपको फायदा जरूर होगा.
🥗गला बैठ जाये
अगर आपका गला बैठ गया है और आपकी आवाज नहीं निकल रही है, तो ऐसे मे गरम चावल मे गुड मिलाकर खाने से आपको फायदा मिलेगा.
🥗खट्टी डकार
अगर आपको खट्टी डकारे आ रही है, तो गुड को काले नमक के साथ चाटने से आपको लाभ होगा.
🥗वजन बढ़ गया हो
अगर आपका वजन बढ़ गया है, तब भी अगर आप गुड का सेवन रोजाना करते है, तो आपका वजन कम होगा. इससे आपका वजन कम होने के साथ साथ आपके मीठा खाने की तलब भी दूर होगी.
🥗आयरन
अगर आपके शरीर मे आइरन की कमी है, तब भी गुड आपके लिए फायदेमंद होगा| एनिमिया के रोगियो के लिए तो यह बहुत ही फायदेमंद है.
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चुना
भारत के जो लोग चुने से पान खाते है, बहुत होसियार लोग है पर तम्बाकू नही खाना, तम्बाकू जहर है और चुना अमृत है .. तो चुना खाइए तम्बाकू मत खाइए और पान खाइए चुने का उसमे कत्था मत लगाइए, कत्था कैंसर करता है, पान में सुपारी मत डालिए सोंट डालिए उसमे, इलाइची डालिए, लोंग डालिए. केशर डालिए य ये सब डालिए पान में चुना लगाके पर तम्बाकू नही, सुपारी नही और कत्था नही । महिलाओं के लिए गर्भाशय की बीमारीयों में यह बहुत अच्छा काम करता है जैसे कि सफेद पानी आना, लाल पानी आना, माहवारी आगे-पीछे होना, गर्भाशय में गांठ बन जाना तथा अन्य सभी गर्भाशय से जुड़ी बीमारीयों को चुना ठीक करता है। बाल टॅटना, चेहरे के मुहांसे, हड्डी के टूटने पर, जोड़ों के दर्द में, हीमोग्लोबिन का प्रतिशत कम हो तो, हैपेटाईटिस A, B, C, D, E, स्मरण शक्ति कम हो तो, हाथी पैर हो गया तो इन सब बीमारीयों में चुना दही में अथवा पानी में मिला कर लेना चाहिये। पुरूषों में शुक्राणु बढ़ाने के लिए चुना गन्ने या संतरे या मौसम्मी के रस में लेना चाहिए। 14 साल से कम आयु के बच्चे जिनका कद छोटा हो, महिलायें जिनमें वक्ष का कम विकास हो, दांतों की किसी भी तरह की समस्या, इन सबमें में चने का सेवन करना लाभदायक है। मात्रा: - एक गेहँ के दाने के बराबर दिन में एक बार जोड़ों का दर्द यदि बहुत पुराना हो भूले 20 साल या 30 साल पुराना हो या जब डॉक्टर कहे कि घुटने बदलने पड़ेगें उस समय चुना काम नहीं करेगा। उसको चने की जगह हारश्रृंगार के पत्तों का काढ़ा देना पड़ेगा। हारश्रृंगार को पारीजात भी कहते हैं। इसमें सफेद रंग के छोटे फूल होते हैं जिनकी नारंगी रंग की डंडी होती है। इसके फूलों में बहुत तेज खशब होती है। इस पेड़ के 7-8 पत्तों को बारीक पीस कर चटनी जैसा बनाकर एक गिलास पानी में उबालें, आधा गिलास रह जाने पर सुबह खाली पेट पी लें। तीन महीने में यह समस्या बिल्कुल ठीक हो जायेगी। किसी भी तरह का बुखार होने की स्थिति में भी यह काढ़ा काम करता है। उस स्थिति में 7-8 दिन ही देना है। नोट: - पथरी की बीमारी के मरीज चुना नहीं ले सकते।
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